सुनकर आपको थोड़ा झटका लगेगा लेकिन यह सच है कि पाकिस्तान के पेशावर में शशि कपूर को श्रद्धांजलि दी गई. पाकिस्तान, जो हमेशा से हिन्दुस्तान को नफरत भरी निगाहों से देखता आया है और पड़ोसी मुल्क होने के बावजूद बदले की भावना रखता हैं.

पाकिस्तान एक्टर्स के लिए बॉलीवुड फिल्मों में काम करने पर पाबंदी हैं तो वहीं पाकिस्तान में भी बॉलीवुड फिल्में बैन होती रहती हैं, बावजूद इसके पेशावर में शशि कपूर को नाम आंखों से याद किया गया.

3 दिन पहले 4 दिसंबर को फिल्म जगत के पितामाह कहे जानेवाले शशि कपूर दुनिया को अलविदा कह गए. शशि कपूर ने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में आखिरी सांस ली. उनकी याद में पेशावर में उनके पैतृक घर के बाहर लोगो ने मोमबत्ती जलाकर याद किया.

बता दें, शशि कपूर का पैतृक घर पाकिस्तान के पेशावर शहर के ऐतिहासिक कैसर खवानी बाजार के करीब हैं. खैबर-पख्तुनख्वा प्रांत के अंदरूनी इलाके धोकी नालबंदी में मौजूद हवेली का निर्माण शशि कपूर के दादा दीवान बाशेश्वरनाथ सिंह कपूर ने 20वीं शताब्दी में कराया था. वो इसी शहर में रहते थे.

इस हवेली में पृथ्वीराज कपूर के छोटे भाई त्रिलोक कपूर और राज कपूर का जन्म हुआ था. 14 दिसंबर 1924 को राज कपूर जन्में थे और शम्मी कपूर और शशि कपूर का जन्म भारत में हुआ था.