'Chintu Ka Birthday' Review: मुश्किल हालातों में भी खुशी के बहाने खोजती है ये फिल्म

By  
on  

Film: चिंटू का बर्थडे 
OTT: ZEE5
Director: सत्यांशु सिंह, देवांशु कुमार  
Producers: तन्मय भट्ट, गुरसिमरन खंबा, रोहन जोशी और आशीष शाक्या
Cast: वेदांत राज छिब्बर,विनय पाठक, तिलोत्तमा शोम, सीमा पाहवा, बिशा चतुर्वेदी

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों बहुत ही अच्छी फिल्में रिलीज हो रही है. आज ही ZEE5 पर 'चिंटू का बर्थडे' ने दस्तक दी है. यह चिंटू का (वेदांत राज चिब्बर) जन्मदिन है और उनके पिता मदन (विनय पाठक), अपने बेटे का बर्थ डे यादगार बनाने के लिए सभी तरह के प्रयास कर रहे हैं.  कोई फैंसी पार्टी नहीं....बस एक केक, कुछ गुब्बारे, और दोस्त....क्यों? क्योंकि फिल्म इराक में एक घर के अंदर सेट है. अप्रैल 2004. लगभग एक साल पहले जब अमेरिकियों ने इराक पर हमला किया...बटन के रूप में एक सुंदर, प्यारा चिंटू डर गया है..क्या इस साल भी पिछले कई सालों की तरह, उसका जन्मदिन नहीं मनाया जाएगा. फिल्म कहानी है एक दिन वो दिन जो कि चिंटू का जन्मदिन है. लेकिन ये जन्मदिन चिंटू मना रहा है बगदाद में.. वो बगदाद जो कि अमरीकी - ईराकी युद्ध के बीच रोज़ खत्म हो रहा है. ऐसे में भी चिंटू के माता पिता (विनय पाठक - तिलोत्तमा शोमे), नानी (सीमा पाहवा) और बहन (बिशा चतुर्वेदी) उससे वादा करते हैं कि उसका जन्मदिन धूमधाम से मनेगा...और वो अपना जन्मदिन का केक भी काटेगा.

Recommended Read: Natkhat Review: पुरुषवादी सोच पर प्रहार करती है विद्या बालन की ये शॉर्ट फिल्म, समाज को दिखाती है आईना

 
फिल्म की शुरूआत होती है चिंटू के स्कूल जाने के साथ.. उसकी मां उसके लिए नया शर्ट पैंट सिलवा चुकी है और उसे गिफ्ट में बस टॉफी और चाहिए.. क्योंकि टॉफी स्कूल में बांटनी है...चिंटू को टॉफियां मिल जाती हैं लेकिन तब तक पता चलता है कि स्कूल आज फिर से बंद हो चुका है...क्योंकि फिर एक विस्फोट हो चुका है. 
'चिंटू का बर्थडे' की कहानी मदन तिवारी और उनके परिवार की है. मदन तिवारी आरओ बेचते हैं, और इराक में फंस जाते हैं. सद्दाम हुसैन का शासन खत्म हो चुका है और अब अमेरिकी वहां आ चुके हैं. ऐसे में उनके बेटे चिंटू का जन्मदिन आता है. लेकिन ऐसा इत्तेफाक रहा है कि चिंटू का जन्मदिन अभी तक सही ढंग से नहीं मनाया जा सकता है. चिंटू छह साल का होने वाला है, और पूरी तैयारियों से जन्मदिन मनाने का प्लान है. लेकिन तभी हमले शुरू हो जाते हैं. केक नहीं आ पाता है, घर में अमेरिकी सैनिक घुस आते हैं, पापा की पिटाई होती है और बहुत ढेर सारा खट्टा-मीठा ड्रामा होता है. इस तरह फिल्म की कहानी पूरी तरह से चिंटू के इमोशंस और इराक के हालात को लेकर है. चिंटू का परिवार भारत से इराक कैसे आया, इसकी कहानी चिंटू की ज़ुबानी फिल्म में बेहद प्यारे एनिमेशन के ज़रिए बताई है. जो आपको फिल्म से मिनटों में जोड़ देती है. इसके बाद आप भी देखना चाहेगे की आखिर चिंटू का जन्मदिन कैसे मनेगा.


'चिंटू का बर्थडे' एक बहुत ही प्यारी और मीठी-सी फिल्म है, जिसमें डर भी हावी रहता है और जब यह डर खत्म होता है तो पात्रों के साथ दर्शक भी राहत महसूस करते हैं. देवांशु कुमार और सत्यांशु सिंह 'चिंटू का बर्थडे' के डायरेक्टर ने फिल्म को कहीं भी मुश्किल नहीं होने दिया है, और बहुत ही आसानी से अपनी बात को कह गए हैं. देवांशु कुमार और सत्यांशु सिंह ने 'चिंटू का बर्थडे' का डायरेक्शन काफी कसा हुआ रखा है. पूरा परिवार चिंटू को अलग अलग समझाते दिखता है कि जन्मदिन के लिए दूसरे को परेशान ना करें. मम्मी कहती हैं कि वो सब कर देंगी पापा को परेशान ना करें, पापा कहते हैं कि सारा इंतज़ाम हो जाएगा, मम्मी को परेशान ना करें. और दीदी कहती है केक की रट मम्मी पापा से मत लगाना, हम इंतज़ाम कर देंगे. 

विनय पाठक, तिलोत्तमा शो और सीमा पाहवा ने हमेशा की तरह अच्छी एक्टिंग की है. चिंटू के किरादर में वेदांत छिब्बर भी काफी प्यारे लगे हैं. चिंटू फिल्म मे बैक स्टोरी देता है कि सद्दाम हुसैन और जॉर्ज बुश की वजह से कैसे इरान में युद्ध की भारी तबाही हो रही है. चिंटू फिल्म में बुश पर आरोप लगाते हुए कहता है कि उनकी वजह से वो अपना बर्थडे नहीं मना पा रहा है. चिंटू के माता - पिता मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ चिंटू को आश्वस्त करते हैं कि वो उसकी इच्छाओं को इस संकट घड़ी में भी पूरा करने की कोशिश करेंगे. संकट घड़ी में कैसे पूरा परिवार साथ है बच्चे का छोटा सा सपना पूरा करने के पूरा परिवार लगा है. ये सब कुछ इस फिल्म में आपको देखने को मिलेगा. चिंटू के दोस्त वहीद (मेहरोस अहमद मीर) का एक विशेष उल्लेख, एक युवा इराकी लड़का, अमेरिकी सैनिकों की जय-जयकार करता हुआ चिल्लाता है, “जाओ, अमेरिका जाओ! यल्ला, यल्ला! " जैसा कि उन्होंने अपने देशवासियों का पीछा किया. जमींदार के रूप में महदी (खालिद मासौ) एक प्यारी सी कास्टिंग है, जो उस शख्स के दुखद जीवन पर प्रकाश डालती है, जो समय के सबसे अंधेरे में भी खुश रहता हैं. फिल्म के कुछ डायलॉग्स आपके ज़ेहन में एक छोटी सी मुस्कुराहट छोड़ जाते हैं तो कुछ आपके दिल को अंदर तक दहला देते हैं. पूरे परिवार की आपसी समझ और प्यार इस फिल्म की नर्म सी मुस्कुराहट का कारण बनती है. 


 

ZEE5 की यह फिल्म इमोशंस, कॉमेडी और बच्चों की भावनाओं को लेकर बहुत ही प्यारी फिल्म है. 
 

पीपिंगमून की तरफ से 'Chintu Ka Birthday' को 4 मून्स

(Transcripted By : Varsha Dixit)

Recommended

Loading...
Share