#MeToo: क्या सोनू निगम असल में कर रहे थे अनु मलिक का बचाव? जानिए उनका जवाब

पिछले महीने एक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, सोनू निगम ने #MeToo पर दी थी अपनी राय.

बॉलीवुड इंडस्ट्री के जानेमाने एक्टर सोनू निगम की राय है कि अनु मलिक पर लगे आरोपों के बारे में उनकी टिप्पणी को सोना मोहापात्रा ने गलत समझा और कहा कि उन्हें “वीडियो देखना चाहिए” जहां उन्होंने कहा कि उन्होंने क्या कहा है. दरअसल, दिसंबर में, सोनू और सोना के बीच अनु मलिक को लेकर थोड़ी मनमुटाव आ गयी थी और दोनों के बीच शब्दों का युद्ध शुरू हो गया था.

सोनू ने एक जानेमाने अखबर से बात करते हुए कहा है, “आप जानते हैं कि हिंदी में एक मुहावरा है, ‘हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या’. इस तरह की गंदी बातें करने और मेरे खिलाफ कठोर लहजे और ऐसी नकारात्मक भाषा का इस्तेमाल करने से पहले, उन्हें उस वीडियो को देखना चाहिए था, जहां मैंने अनु मलिक के बारे में बात की है.”

पिछले महीने एक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, सोनू ने उन लोगों की कहानियों पर विश्वास करने से इनकार कर दिया था जिन्होंने मलिक के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे और कहा था कि “ठोस सबूत” पहले “प्रदान” करना चाहिए. हालांकि, अखबार से इंटरव्यू के दौरान सोनू ने कहा कि उन्हें इस बात से हैरान हैं कि उन पर बिना समझे हमला किया गया.

“यह सिर्फ मुझे बताता है कि लोग किसी के ऊपर हमला करने के लिए सबसे शातिर शब्दों का चयन कैसे करते हैं, यहां तक कि जो कहा जा रहा है उसका अर्थ समझे बिना भी. तो, यह चर्चा वीडियो से शुरू हुई थी. अगर आपने वीडियो को देखा है तो, तो कृपया मुझे बताएं, मैंने किसी का समर्थन कहां किया है? मेरे कहने का मतलब यह था कि किसी को भी किसी से उसके जीने का जरिया छीनने का अधिकार नहीं है. मैं अभी भी उस पॉइंट से खड़ा हूं. मैं किसी की नौकरी छीनने में विश्वास नहीं करता. मुझे पता है कि बेरोजगार होना कैसा लगता है.”

आपको बता दें कि अनु मलिक पर गायक श्वेता पंडित और सोना के साथ-साथ दो और महिलाओं द्वारा #MeToo मूवमेंट के तहत यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है.