Exclusive: मुदस्सर अजीज की ‘पति, पत्नि और वो’ के रीमेक में नजर आएंगे कार्तिक आर्यन?

1978 की फिल्म में संजीव कुमार, विद्या सिन्हा, रंजीता कौर मुख्य भूमिकाओं में थीं और यह फिल्म एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर बनी हुई कॉमेडी फिल्म थी.

बॉलीवुड फिल्मकार द्वारा पुरानी क्लासिक फिल्मों का रीमेक बनाना कोई नया ट्रेंड नहीं है. देवदास, जंजीर, इत्तेफाक, डॉन, अग्निपथ, जुडवा जैसी कई हिंदी फिल्मों में से कुछ का नाम पिछले कई सालों में फिर से लिया गया है और उनमें से ज्यादातर बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई हैं. ऐसे में इस लीग में शामिल होने वाली अगली फिल्म बीआर चोपड़ा की 1978 में आई रोमांटिक फिल्म पति, पटनी और वो है. बता दें कि हैप्पी भाग जाएगी फेम मुदस्सर अजीज इस रीमेक को डायरेक्ट कर रहे हैं, जब कि इसे जूनो चोपड़ा और अभय चोपड़ा टी-सीरीज के भूषण कुमार के सहयोग से प्रोड्यूस कर रहे हैं.

अब फिल्म के मेकर्स के नाम के बाद चलिए आपको हम फिल्म के लीड स्टार का नाम बताते हैं. बता दें कि कुछ महीने पहले मीडिया में अफवाह के रूप में अर्जुन कपूर, सोनाक्षी सिन्हा या तापसी पन्नू का नाम सामने आया था लेकिन ये वो नहीं हैं. ऐसे में Peepingmoon.com ने विशेष रूप से यह जाना है कि पति पत्नी और वो के रीमेक में लीड रोल निभाने के लिए एक्टर कार्तिक आर्यन को फाइनल किया गया है. सोनू के टीटू की स्वीटी के बाद पिछले साल 100 करोड़ से अधिक की कमाई करने वाले युवा अभिनेता इम्तियाज अली के अगले रोमांटिक ड्रामा को पूरा करने के बाद वह इस फिल्म की शूटिंग करेंगे, जो कि फरवरी में शुरू होगी. साथ ही फिलहाल फिल्म के लिए दूसरे स्टार कास्ट के नाम पर मोहर नहीं लगा है.

1978 की फिल्म में संजीव कुमार, विद्या सिन्हा, रंजीता कौर मुख्य भूमिकाओं में थीं और यह फिल्म एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स पर बनी हुई कॉमेडी फिल्म थी. वहीं मुदस्सर की फिल्म को स्पष्ट रूप से मॉडर्न ट्वीस्ट और टर्न के साथ बनाया जायेगा. फिल्म का मेन प्लाट नहीं बदला जायेगा यानी के इसमें भी आपको बॉस और उसकी सेक्रेट्री के बीच एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर देखने मिलेगा.

मुदस्सर अजीज ने भी हाल ही में खुलासा किया था कि उनका अगला प्रोजेक्ट बॉलीवुड के पसंदीदा सब्जेक्ट प्यार, रिश्ते और शादी पर है. डायरेक्टर ने एक मैगज़ीन से बात करते हुए था कि “1978 में, पति पत्नी और वो के साथ उनके आयाम बहुत अलग हुआ करते थे. तब के जमाने में मुझे नहीं पता कि समाज क्यों मानता था कि अगर कोई आदमी गलती करता है और फिर खुद को सुधारता है, तो उसे माफ कर दिया जाना चाहिए. यह फॉर्मूला अगले 20 वर्षो तक फिल्मों में दिखाया जाता रहा. चाहे साजन चले ससुराल, बीवी नंबर 1 या नो एंट्री, अंत में आदमी को माफ करना बहुत आसान था अगर वह अपने किए पर पछताता था तो. फिलहाल जिस फिल्म पर मैं काम कर रहा हूं, उस से जुडी जो बाद मुझे उत्साहित करती है वह उसके बदलाव हैं. हमने उसे बहुत अलग स्पिन दिया है.”

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