Movie Review: भाई-बहन के संघर्ष की कहानी है शरमन जोशी की ‘काशी’

फिल्म की कहानी अच्छी हो सकती थी.

शरमन जोशी की सस्पेंस थ्रिलर फिल्म काशी सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म में आप एक भाई को अपनी बहन को ढूंढते और कई तरह के संघर्ष करते हुए देखेंगे. अब फिल्म में क्या शरमन अपनी बहन को ढूंढ पाते हैं कि नहीं यह जानने के लिए आपको फिल्म देखना होगी. लेकिन उससे पहले यह रिव्यू जरूर पढ़ें.

क्या है फिल्म की कहानी?

यह फिल्म वाराणसी के रहने वाले शख्स काशी (शरमन जोशी) की कहानी है. जो की वाराणसी में अपने माता-पिता और छोटी बहन के साथ रहता है. फिल्म में आगे चल के लखनऊ की रहने वाली जर्नलिस्ट देविना (ऐश्वर्या दिवान) से काशी की मुलाकात होती है, जो वाराणसी में अपनी एक रिसर्च के लिए आई हुई होती है. लेकिन इसी बीच कहानी में एक अलग मोड़ तब आता है जब इन सब के बीच काशी की बहन गंगा (प्रियंका सिंह) अचानक कहानी गायब हो जाती है. उसकी तलाश में आप कशी को कई अलग अलग शहरों में भटकते हुए देखेंगे. फिल्म की कहानी में आगे लोकल मंत्री बलवंत (गोविंद नामदेव) के अलावा कुछ और किरदारों की भी एंट्री होती है. जिसके बाद क्या काशी अपनी बहन को ढूंढ पता है? गंगा जैसे गुमशुदा हो जाती है? और उसे के साथ क्या होता है? यह सभी चीजे जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

क्यों देखें फिल्म?

फिल्म की कहानी ठीक ठाक है, लेकिन आप अगर शरमन जोशी के बहुत बड़े फैन हैं तो आप उनकी यह फिल्म देख सकते हैं. बता दें कि फिल्म के दो गाने बेहद बढियां हैं, जिनमे सोनू निगम, और दलेर मेहंदी की आवाज ने अपना जादू बिखेरा है. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है. इसके अलावा फिल्म के कई सीन आपको हंसाएंगे और साथ ही कई जगह दिलचस्प भी लगेंगे. फिल्म में शरमन जोशी की एक्टिंग अच्छी है.

कमजोर कड़ियां:

फिल्म की सबसे पहली कमजोर कड़ी उसकी कहानी के अलावा डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले है, जिसे और अच्छा बनाया जा सकता था. फिल्म को देखते समय आपको कोई भी किरदार ज्यादा प्रभावित नहीं नहीं लगेंगे. फिल्म का टॉपिक अच्छा है लेकिन अच्छी फिल्म बनते बनते रह गयी है. फिल्म में बीच बीच में जो गाने डाले गए हैं वह सिचुएशन से में नहीं खाते और कहानी को थोड़ा गड़बड़ कर देते हैं. फिल्म को दिलचस्प बनाने की जगह थोड़ा ज्यादा लम्बा तान दिया गया है. फिल्म में सिर्फ आपको शरमन की एक्टिंग ही देखने मिलेगी बाकि किरदारों की बात करें तो उनका चुनाव बेहद ढीली तरह से किया गया है. इस तरह से कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म की कहानी बहुत ही निराश करती है.

स्‍टार कास्‍ट
शरमन जोशी, ऐश्वर्या दिवान, गोविंद नामदेव,अखिलेन्द्र मिश्रा, क्रांति प्रकाश झा, परितोष त्रिपाठी, मनोज जोशी, मनोज पाहवा

मून
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