मुंबई के एक अस्पताल पर फूटा अभिनेत्री जरीन खान का गुस्सा, जानें पूरा मामला 

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एक्ट्रेस जरीन खान मुंबई के एक जाने माने अस्पताल पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. एक्ट्रेस का यह गुस्सा अस्पताल में उनके नान को भर्ती न करने को लेकर है. जारी बताती हैं कि जिन्हे हम कोविड वॉरियर्स समझ रहे हैं. असल में जब हमें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है तब वह साथ नहीं दे रहे हैं. दरअसल, जरीन के नाना की तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें लीलावती अस्पताल ले जाया गया. कोविड वॉर्ड में टेंप्रेचर चेकिंग के दौरान नतीजा उनके नाना के शरीर का तापमान बिलकुल नॉर्मल था बावजूद इसके वो जबरदस्ती उनके नाना का कोरोना टेस्ट करने की बात कर रहे थे. 

अस्पताल में अपने साथ हुयी घटना का जिक्र जरीन ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में किया. 87 वर्षीय नाना की तबीयत के बारे में बताते हुए जरीन कहती हैं, 'रविवार रात को मेरे नाना जी की तबीयत खराब हो गई थी. ऐसे में उन्हें लीलावती अस्पताल ले जाया गया. वहां, उन्होंने एक कोविड वॉर्ड बना रखा था, जहां वह सबका टेस्ट कर रहे थे. मेरे नाना जी की टेंप्रेचर चेक करने के दौरान कोविड की जांच की गई जो बिल्कुल निगेटिव आई थी, क्योंकि वह लॉकडाउन लगने के बाद अस्पताल जाने के लिए पहली बार बाहर निकले थे. इसके बावजूद वह इलाज शुरू नहीं कर रहे थे. जब मैंने अस्पताल के स्टाफ से अपने नाना के इलाज के लिए बात की तो उन्होंने कहा कि हमको ऐसे ही काम करना है, यह हमारा प्रोटोकॉल है.

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जरीन ने आगे कहा, 'मैं केवल दोस्तों से ही सुनती आ रही थी कि जो भी हो जाए इस दौरान अस्पताल में मत जाना, उन्होंने बिजनेस बना रखा है. इसलिए मैंने सोचा कि मैं आप लोगों से यह साझा करूं कि मेरे नाना इतने बूढ़े हैं और उन्हें इलाज की जरूरत थी, फिर भी उन्हें समझ नहीं आया. जिन्हें हम कोविड वॉरियर्स कह रहे हैं, असल में जब हमें उनकी जरूरत है तो वह हमारे साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं. 

आखिर में जरीन कहती हैं, 'हम नाना को आखिर में घर पर ही लेकर आ गए और मैंने अपनी ओर से कुछ जरूरी दवाईं उनको दीं, ताकि उन्हें थोड़ा आराम मिल सके. इसके बाद सुबह उन्हें डॉक्टर के पास लेकर गए. यहां उन्हें सही इलाज मिला. 
 

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