भूमि पेडनेकर ने 'अंतराराष्ट्रीय महिला दिवस' पर कि दिल की बात, कहा- 'आज भी समान हक को तरस रही है औरत'

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महिलाओं के संघर्ष को सलाम करने के लिए उनके सम्मान में, उन्हें समान अधिकार और सम्मान दिलाने के उद्देश्य के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ ने 08 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया हुआ है. इस दिन तमाम जगहों पर महिलाओं के हक, उनकी खुशी, सम्मान और सुरक्षा के बारे में बात करने के साथ ही इससे संबंधित कई तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं. ऐसे में महिला दिवस के मौके एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने महिलाओं के अधिकार और बुनियादी जरूरतों को लेकर बात की.

एक लीडिंग वेबसाइट से बात करती हुए भूमि पेडनेकर ने कहा है कि, 'आज की दुनिया में एक महिला होने के नाते बहुत सारी जिम्मेदारी हैं. महिलाएं एक लंबा सफर तय कर चुके हैं, लेकिन अब भी महिलाओं को वह समानता हासिल नहीं हो पाई है जिसकी वो हकदार हैं. आज की पीढ़ी ने जिस तरह की आजादी और आजादी के लिए लड़ाई लड़ी है और हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यही करना है.'

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भूमि ने आगे कहा है कि, 'महिला सशक्तिकरण का उपाय व्यक्तिपरक है. अगर मैं अपने बारे में बात करूं तो मैं खुद को सशक्त महसूस करती हूं क्योंकि मैं एक आजाद परिवार में पैदा हुई, जहां रोक टोक नहीं रही. लेकिन जब मैंने दुनिया में कदम रखा था तभी से मुझे एहसास है कि मैं बहुत विशेषाधिकार प्राप्त हूं. ऐसी महिलाएं हैं, जिनके पास आज भी कोई बुनियादी ज़रूरतों और उनके अधिकार नहीं हैं, जैसे शिक्षा आदि. कुल मिलाकर, हम विपरीत लिंग के बराबर होने से अब भी बहुत दूर हैं.भूमि के अनुसार महिला दिवस का दिन एक विशेष दिन है, हर दिन महिला दिवस होना चाहिए. इसलिए, हर दिन, हमारे कार्यों और बातचीत के माध्यम से हमें एक समान दुनिया को सुनिश्चित करना चाहिए.'
(Source: Hindustan Times)

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