अक्षय कुमार के 'पृथ्वीराज चौहान' के लिए की गई 18 साल तक कड़ी रिसर्च, आदित्य चोपड़ा ने बनवाया था ख़ास रूम 

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फिल्म 'पृथ्वीराज' पूरी तरह रिलीज़ के लिए तैयार है। पहली बार "पृथ्वीराज"के निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने इसे लेकर कई खुलासे किये हैं।  उन्होंने बताया कि कैसे फिल्म का फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने से पहले 2004 से 2019 तक स्क्रिप्ट में हर साल बदलाव किए। बकौल निर्देशक, "(रिसर्च के लिए) इतनी चीज़ें थीं की आदित्य चोपड़ा (निर्माता) को यशराज फिल्म्स के एक फ्लोर को रिसर्च विंग में तब्दील करना पड़ा था रिसर्च शूटिंग के आखिरी दिन तक ये चलता रहा।  

निर्द्रेशक चंद्रप्रकाश ने बताया, 'जबसे हमने शुरू किया तभी से हम सम्राट पृथ्वीराज को सबसे बड़ा और सबसे गौरवशाली ट्रिब्यूट देना चाहते थे। हमने हर वो जरूरी काम किया जिससे इस महान हिंदू योद्धा की कहानी को सबसे ऑथेंटिक ढंग से पेश किया जा सके। इसके लिए पहला कदम था रिसर्च और हमने इस पर सटीक और गहरी रिसर्च की।'

उन्होंने बताया, 'मैंने पर्सनली इस स्क्रिप्ट पर साल 2004 से लेकर 2009 तक काम किया है जिसमें हर साल मैं इस स्क्रिप्ट को अपडेट करता रहा हूं। तो जाहिर तौर पर मेरे पास बहुत सारा मैटेरियल था जिसे रेफरेंस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता था।' चंद्रप्रकाश ने बताया कि तमाम किताबें, कॉस्ट्यूम, हथियार और ऐसी तमाम चीजें थीं जिन्हें इस्तेमाल किया गया।

फिल्म के बारे में अक्षय कुमार ने बताया, 'जब फिल्म की कहानी डॉ. साहब ने मुझे सुनाई तो मैं उस रिसर्च से दंग रह गया था जो उन्होंने फिल्म की कहानी लिखने के दौरान की थी। एक ऐतिहासिक कहानी पर फिल्म बनाना, उसका निर्देशन करना और उस पर रिसर्च करना आसान नहीं होता है और उन्होंने इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी थी।' अक्षय कुमार ने बताया कि उन्होंने 18 साल तक इंतजार किया था ताकि वह सबसे गौरवशाली अंदाज में इस कहानी को पेश कर सकें। मुझे उम्मीद है कि लोगों को ये फिल्म पसंद आएगी क्योंकि इसमें सबसे सच्चे ढंग से चौहान की कहानी को सुनाया गया है।

 

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