इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'पाताललोक' के प्रसारण पर रोक लगाने से किया इंकार, सनातन धर्म के सिद्धांतों के विपरीत बातें दिखाने की थी शिकायत: रिपोर्ट्स  

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ऑनलाइन स्ट्रीमिंग साइट Amazon Prime पर अनुष्का शर्मा की वेब सीरीज 'पाताललोक' के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी लेकिन कोर्ट ने इसमें हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है. 

एडवोकेट संगीता गुप्ता की इस याचिका पर चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने सुनवाई की. कोर्ट का कहना है कि याची अपनी शिकायत केंद्र सरकार के सामने रखें. अगर एक महीने के अंदर याचिका केंद्र के पास जाती है तो सक्षम प्राधिकारी उस पर नियमानुसार विचार कर फैसला लें. दायर की गयी याचिका में कहा गया कि वेब सीरीज पाताल लोक में सनातन धर्म के सिद्धांतों के विपरीत बातें दिखाई गई हैं. इसका प्रसारण संविधान के आर्टिकल 25 और 26 में प्राप्त मूल अधिकारों (Fundamental Rights) का हनन करता है. कोर्ट ने याचिका निस्तारित करने की वजह दी कि याची को पहले अपनी शिकायत सक्षम प्राधिकारी से करनी चाहिए.  

इससे पहले मई में बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने भी इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. विधायक ने कहा कि एक अपराधी किस्म के किरदार के साथ उनकी तस्वीर को मॉर्फ्ड करके लगाया गया है और गुर्जर जाति के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है. विधायक ने प्रोड्यूसर अनुष्का शर्मा के खिलाफ रासुका लगाए जाने की मांग भी की थी. 
वहीं पंजाब के एक वकील ने सिखों की छवि खराब करने की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. रिपोर्ट्स के अनुसार पाताल लोक के प्रड्यूसर्स पर आरोप लगाया गया था कि इसके तीसरे एपिसोड में सिखों को बदनाम करते हुए दिखाया गया है. इसमें दिखाया गया है कि किस तरह सिख समुदाय दलित और पिछड़ी जातियों का उत्पीड़न करते थे. इसके अलावा इसमें सिखों द्वारा महिला का यौन उत्पीड़न करते हुए भी दिखाया गया है.  
 

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