'गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल' जान्हवी कपूर ने माना उन्हें उन परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ा जो असल जीवन में महिलाओं को करना पड़ता है'

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'धड़क' के बाद जान्हवी कपूर की दूसरी फिल्म 'गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल' 12 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने के लिए तैयार है. फिल्म की रिलीज से पहले एक इंटरव्यू में जान्हवी ने बताया कि कैसे फिल्म की शूटिंग ने उनके नजरिये को बदल दिया. श्रीदेवी और बोनी कपूर की बड़ी बेटी जान्हवी ने ने बताया कि  महिलाओं को वास्तविक जीवन में जिन कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है, उससे उन्हें कभी नहीं जूझना पड़ा. 

बरखा दत्त के साथ इंटरव्यू में जब जान्हवी से पूछा गया कि कम उम्र में गुंजन सक्सेना की महिला भावना ने उनपर क्या प्रतिनिधित्व किया तो जान्हवी ने कहा, गुंजन सक्सेना के लिए उनका दृष्टिकोण बहुत सरल था, अगर आप अपना सिर नीचे रखेंगी, अगर आप कड़ी मेहनत करती रहेंगी, तो आपको वह स्थान मिलेगा जहां कोई नहीं होगा. इस बारे में आगे बात करते हुए जान्हवी ने महसूस किया कि गुंजन सक्सेना ने समाज का निर्माण नहीं किया या उन्होंने कभी खुद को विक्टिम नहीं समझा बल्कि उन्होंने यह सब अपने काम के माध्यम से रखा और खूब मेहनत की इसलिए उसने सोचा कि यह बहुत प्रेरणादायक है.   

Confirmed: 12 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर होगी जान्हवी कपूर की 'गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल', हुयी अनाउंसमेंट 

 

जान्हवी ने कहा, 'मुझे उस तरह की चीजों से नहीं जूझना पड़ा, जिनसे ज्यादातर महिलाओं को निपटना पड़ता है क्योंकि मैं थोड़ी ज्यादा विशेषाधिकार प्राप्त पृष्ठभूमि से आती हूं और इसलिए मैं इस तरह से बहुत भाग्यशाली रही हूं कि मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है और जिन अवसरों को मैंने प्राप्त किया है, '

युद्ध के दौरान गुंजन को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उनके बारे में बात करते हुए जान्हवी ने कहा कि उसके पास शिकायत करने के लिए कुछ भी नहीं है क्योंकि वह एक संरक्षित क्षेत्र में रही है. 'मुझे नहीं लगता कि मेरे इस पास इस बारे में शिकायत करने के लिए कुछ है लेकिन उनकी कहानी सुनाने के बाद मुझे नहीं समझ आया कि क्या कर सकती हूं शायद सिर्फ सहनुभूति दे सकती थी. 

 

 

(Source: Mojo Story)

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