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नसीरुद्दीन शाह और स्वरा भास्कर ने किसान आंदोलन पर सिलेब्रिटीज की चुप्पी पर पूछा- ' 7 पीढ़ियों के लिए जमा है फिर क्या डर है?'

किसानों के चल रहे विरोध ने देश को दो हिस्सों में बाट दिया है और जबकि कई सेलेब्स खुलकर उनके सपोर्ट में आये हैं, वहीं कई इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी बनाए हुए हैं. राज्यसभा द्वारा पारित किये गए बिल के विरोध में किसान सड़कों पर उतर आए हैं. ऐसे में अब, नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो में इस मुद्दे पर बात की है जो तेजी से वायरल हो रही है. एक्टर ने मुद्दे पर बात करने के साथ मशहूर हस्तियों के आगे नहीं आने पर अपनी राय रखी है.

एक इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने कहा है, "अगर किसान सर्दी में बैठे हैं, तो हम यह कह कर चुप नहीं रह सकते कि हमें फर्क नहीं पड़ता है. जब सब कुछ तबाह हो जाएगा तो आपको दुश्मनों शोर से ज्यादा दोस्तों की खामोशी चुभेगी. खामोश रहना जुल्म करने वाले की तरफदारी करना है. हमारे फिल्म इंडस्ट्री के जो धुरंधर लोग है, वो शांत बैठे हैं. उन्हें लगता है कि वे बहुत कुछ खो सकते हैं. आपने इतना धन कमा लिया है कि आपकी 7 पीढ़ियां  बैठकर खा सकती हैं. फिर कितना खो दोगे आप?"

(यह भी पढ़ें: पॉप आइकन रिहाना ने कृषि बिल का विरोध कर रहे किसानों पर किया ट्वीट, लिखा- 'हम इसके बारे में बात क्यों नहीं कर रहे')

नसीरुद्दीन शाह ने आगे कहा, "लॉकडाउन के दौरान मजदूरों की तस्वीरें देखकर दिल टूटता था. उन्हें मारकर भगाने वाले पुलिसवाले भी तो आखिर इसी तबके के थे. फिल्म इंडस्ट्री की बात है तो किसी ने रूल निकाला कि आप 65 के हों तो आप काम नहीं कर सकते. मुझे ख्याल आता था कि जो 65 साल का लाइट बॉय है, उसका और उसके परिवार का क्या होगा."

दूसरी ओर, स्वरा भास्कर जो किसानों के विरोध को अपना समर्थन देने के लिए काफी मुखर रही हैं, ने भी सेलेब्स द्वारा बनाई गयी चुप्पी पर एक इंटरव्यू पर कहा है, "हम सेल्फ सेंटर्ड हो सकते हैं. जब जॉर्ज फ्लोयड की हत्या कर दी गई और ब्लैक-लाइफ़-मैटर आंदोलन हुआ, तो हमारी हस्तियां नियमित रूप से इस पर ट्वीट कर रही थीं." स्वरा ने सरकार से सवाल किया कि वे देशों के आंतरिक मुद्दों पर क्यों बोलते हैं, लेकिन दूसरे देशों के नागरिकों को ऐसा करने से मना करते हैं. वह कहते हैं, "हमारी सरकार नियमित रूप से दुनिया भर में होने वाली घटनाओं पर बयान जारी करती है, सबसे हाल ही में म्यांमार में तख्तापलट किया जा रहा है. जब हमारी सरकार वैश्विक मुद्दों पर टिप्पणी करती है तो हम आंतरिक मामलों के बारे में नहीं सोचते हैं? "

(Source: Twitter/Spotboye/Jameel Gulrays)

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