चंकी पांडे ने बेटी अनन्या पांडे के लगातार ट्रोल होने पर की बात, कहा- 'शुरुआत में यह हमारी फैमिली के लिए बहुत डिस्टर्बिंग था'

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बॉलीवुड में तीन दशक से ज्यादा समय बिता चुके दिग्गज कलाकार चंकी पांडे ने बड़े पर्जे पर कई यादगार किरदार निभाए है. वहीं पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए उनकी बेटी अनन्या पांडे ने भी एक्टिंग को करियर चुना है. अनन्या ने साल 2019 में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' के साथ डेब्यू कर बता दिया था कि उनमें कितना दम है. पर वहीं अनन्या ने जब से बॉलीवुड में डेब्यू किया है तब से वे किसी ना किसी वजह से लोगों के निशाने पर रहती है. अनन्या को कई बार कई मुद्दो के लेकर ट्रोल किया जाता है. वहीं अनन्या के पिता यानी चंकी ने हाल ही में एक लीडिंग वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया की अनन्या के लगाताक होती ट्रोलिंग से उनकी फैमिली शुरूआत में किस कदर प्रभावित हुई थी. 

इससे पहले अनन्या की मां भावना पांडे ने खुलासा किया था कि किस तरह नेगेटिविटी ने परिवार में सभी को परेशान कर दिया था. इस पर एक लीडिंग वेबसाइट से बात करते हुए चंकी ने कहा कि, 'हां, शुरुआत में ट्रोलिंग या नेगेटिविटी से हम सब बहुत परेशान हो जाते थे, लेकिन अभी ऐसा नहीं है. मुझे लगता है कि आप अपने इमोशन्स को किसी की वजह से क्यो हर्ट करो. मेरा मतलब है, मुझे पता है कि इस पर बहुत सारे लोग हैं, लेकिन ये सब बातें हमेशा रहेंगी. आप इन से नहीं बच सकते है. तो इसे डील करना सीखें बस. निश्चित रूप से, माता-पिता या व्यक्ति के लिए इस तरह की सभी चीजों को पढ़ना परेशान करने वाला और डिस्टर्बिंग होता है, लेकिन जैसा कि वे कहते हैं, यह कुछ भी पर्सनल नहीं केवर बिजनेस है बस. यह हमेशा के लिए रहने वाला है, ट्रोलिंग रुकने वाली नहीं है. अनन्या अब अपने तरीके से पॉजिटिविटी फैला रही है. अनन्या ने बाकि लोगों के लिए भी इससे निपटने में मदद करने के लिए एक अच्छी पहल शुरू की है, क्योंकि वहां बहुत सारे यंग बच्चे हैं जो ट्रोल हो जाते हैं. यह मेरे परिवार या फिल्मी परिवारों के लिए अनोखा नहीं है, हर कोई ट्रोल हो जाता है.'

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चंकी ने आगे कहा कि, 'फिल्मों में आने का फैसला मेरी बेटी का था. मैंने उसे कभी फोर्स नहीं किया कि तुम एक्ट्रेस बनो, यह उसने खुद अपने मर्ज़ी से चॉइस किया हैं. अगर मैं अपनी बात करूं तो मैं डॉक्टर बनना चाहता था. मेरे पापा और मम्मी डॉक्टर थे, लेकिन मैं नहीं बन पाया. तो मैं एक्टर बन गया. आज कल बच्चे खुद डिसाइड करते हैं कि उन्हें क्या करना है.'

बता दें कि, इससे पहले चंकी ने नेपोटिस्म पर बात करते हुए कहा था कि,  ‘मुझे नहीं पता से इनसाइडर और आउटसाइडर जैसी बात कहां से आई. जैसे ही आप फिल्म साइन करते हो तो आप इनसाइडर हो जाते हो. जब आप काम करते हैं तो उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन आपको खूब मेहनत करते रहना होगा.' 

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