जावेद अख्तर को नहीं पसंद आया काबुल मेयर का फैसला, सुनाया था कामकाजी महिलाओं को घर पर रहने का फरमान

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लिरिसिस्ट और स्क्रिप्टराइटर जावेद अख्तर ने सोमवार को अपना असंतोष व्यक्त किया और सभी मुस्लिम निकायों से सामूहिक रूप से काबुल के मेयर द्वारा महिलाओं को घर पर रहने के आदेश की निंदा करने की अपील की है.

जावेद अख्तर ने ट्विटर कर लिखा है, "अलजजीरा ने रिपोर्ट दी है कि काबुल के मेयर ने सभी कामकाजी महिलाओं को घर पर रहने का आदेश दिया है. मैं उम्मीद करता हूं कि सभी महत्वपूर्ण मुस्लिम निकाय इसकी निंदा करेंगे, क्योंकि यह उनके धर्म के नाम पर किया जा रहा है, वे सभी कहां हैं जो कल तक तीन तलाक के बचाव में नारे लगा रहे थे."

(जावेद अख्‍तर मानहानि मामले में आखिरकार कोर्ट में पेश हुईं कंगना रनौत, लिरिसिस्ट पर एक्सटॉर्शन की शिकायत कराई दर्ज, 1 अक्टूबर को होगी सुनवाई)

काबुल के मेयर ने कहा है कि काबुल की शहरी अर्थव्यवस्था में 2,900 से ज्यादा लोग काम करते हैं. उन्होंने कहा कि उनमें से 27 प्रतिशत महिलाएं हैं जो राजस्व और निर्माण इंजीनियरिंग में जिला कार्यालयों में स्थानीय प्रतिनिधियों के रूप में काम करती हैं.

यह चीजे तब सामने आई हैं, जब अफगानिस्तान में महिलाएं सभी क्षेत्रों में समान अधिकारों की मांग करते हुए तालिबान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं.

(Source: Twitter)

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