अंताक्षरी खेलते खेलते ही गुज़र गए महान कत्थक गुरु पंडित बिरजू महाराज, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी जताया शोक 

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संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान से सम्मानित दुनियाभर में अपने कथक नृत्य के लिए मशहूर रहे बिरजू महाराज (Birju Maharaj) का 84 साल की उम्र में रविवार देर रात निधन हो गया। पंडित बिरजू महाराज को1983 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही इन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिला है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और खैरागढ़ विश्वविद्यालय ने बिरजू महाराज को डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी दी थी। 

उनकी पोती रागिनी महाराज ने एक आधिकारिक बयान में बताया महान कत्थक गुरु का पिछले एक महीने से उनका इलाज चल रहा था। बीती रात उन्होंने मेरे हाथों से खाना खाया, मैंने कॉफी भी पिलाई। वे रात के भोजन के बाद अंताक्षरी खेल रहे थे, जब अचानक सांस लेने में तक़लीफ होने लगी।  हम उन्हें अस्पताल ले गए लेकिन उन्हें बचाया न जा सका। बताया जा रहा है की उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। 

पद्म विभूषण समेत कई पुरस्कारों से हुए सम्मानित

पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी बिरजू महाराज के निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने तस्वीर शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, 'भारतीय नृत्य कला को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना संपूर्ण कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!'

 

बॉलीवुड से भी रहा है ख़ास नाता 

महान कत्थक गुरु पंडित महाराज ने दुनिया भर में अपने कला का लोहा मनवाया है। सिर्फ भारत में ही नहीं दुनिया के कई देशों में उनके शिष्य हैं। उन्हें कई बड़े देशों से विशेष निमंत्रण पर बुलाया जाता था। पंडित जी को बॉलीवुड में भी खूब नाम मिला है। 1983 में पद्म विभूषण से सम्मानित बिरजू महाराज ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में भी डांस कोरियोग्राफ किया। जिसमें उमराव जान, डेढ़ इश्कियां, बाजीराव मस्तानी जैसी फिल्में शामिल हैं।  पद्म विभूषण के अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिल चुका है।  वहीं 2012 में विश्वरूपम फिल्म में कोरियोग्राफी के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 

पंडित बिरजू महाराज की कई पहचान है। वो गुरु के साथ, महान नर्तक, कोरियोग्राफर, गायक और कंपोजर थे। वे तालवाद्य बजाते थे, कविता लिखते थे और चित्रकारी भी करते थे। 
 

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