"बाबूमोशाय , ज़िंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ है…उसे न आप बदल सकते हैं न मैं!" फिर लौट रहा है 'आनंद' जल्दी शुरू होगा रीमेक 

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"बाबूमोशाय ,  जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है जहांपनाह, जिसे ना आप बदल सकते हैं ना मैं। हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिसकी डोर उपर वाले के हाथ बंधी हैं, कब, कौन, कैसे उठेगा, ये कोई नहीं जानता..!" आपको राजेश खन्ना की फिल्म का ये डायलॉग तो ज़रूर याद होगा। ऋषिकेश मुखर्जी की फ़िल्म 'आनंद' हिंदी सिनेमा की एक यादगार फ़िल्म मानी जाती है। इसे लेकर बहुत बड़ी खबर सामने आई है। जल्द ही इस फिल्म का रीमेक बनने जा रहा है। जिसका आज औपचारिक एलान हो गया है। इसका  \एलान किया इस फिल्म के निर्माता राज सिप्पी के पोते समीर राज सिप्पी ने, उन्होंने बताया है की जल्द 'आनंद' का रीमेक बनाया जाएगा जिसके निर्माता विक्रम खखर होंगे। फिलहाल उनकी टीम स्क्रिप्ट पर काम कर रही है जल्द ही इसके डायरेक्टर और स्टारकास्ट पर भी काम शुरू हो जाएगा। 

साल 1971 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म 'आनंद' को आज 50 साल पूरे हो गए हैं। फिल्म में दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना और महानायक अमिताभ बच्चन ने लीड रोल में काम किया था। फिल्म 'आनंद' बेहद भावुक कर देने वाली फिल्म थी। कैंसर के मरीज की जिंदगी पर आधारित इस फिल्म को जिसने भी देखा होगा, वो रोया जरूर होगा। इस फिल्म को देखते हुए दर्शक के मन में ये ख्याल एक बार जरूर आया होगा कि काश आनंद की मौत ना हो। ये फिल्म जितनी बेहतरीन है, इसके गाने भी उतने ही शानदार हैं। 

फिल्म तो सुपर हिट रही लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं की राजेश खन्ना डायरेक्टर ऋषिकेश दा पहली पसंद नहीं थे। फिल्म 'आनंद' का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था और वो अपनी फिल्म के लिए अभिनेता की तलाश कर रहे थे। उन्होंने फिल्म की कहानी सबसे पहले अभिनेता धर्मेंद्र को सुनाई थी। फिल्म की कहानी सुनकर धर्मेंद्र बड़े खुश हुए और उन्होंने कहा कि ये फिल्म तो मैं ही करूंगा।

कुछ दिनों बाद अखबार में छपा कि फिल्म के हीरो राजेश खन्ना होंगे। फिर क्या था धर्मेन्द्र ने जमकर शराब पी और फिर देर रात ऋषिकेश दा को कॉल किया और कहा कि आप मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं? ऋषि उन्हें शांति से समझाते रहे और कहते रहे कि हम सुबह बात करेंगे, लेकिन धर्मेंद्र थे कि लगातार अपनी बात दोहराए जा रहे थे।

तो वहीं उधर जब राजेश खन्ना को पता चला कि ये फिल्म बड़े-बड़े एक्टर्स के पास होकर उनके पास आई है। तो वो काफी खुश हुए और वो ऋषिकेश दा के पास पहुंचे और उनसे कहा कि मैं फिल्म करने के लिए तैयार हूं। तब ऋषिकेश दा ने उनसे कहा अगर आपको मेरे साथ काम करना है तो मेरी तीन शर्तें माननी होंगी। टाइम पर आना होगा। अधिक डेट्स देनी होंगी और तीसरी शर्त ये कि 1 लाख की फीस में ही काम करना होगा। राजेश बिना कुछ कहे उनकी सभी शर्तों को फौरन मान गए। राजेश खन्ना उन दिनों 8 लाख रुपये फीस लेते थे, लेकिन इस फिल्म के लिए उन्होंने सिर्फ 1 लाख रुपये फीस ली थी।

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