सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर के अंतिम संस्कार के बाद एक्टर रणदीप हुड्डा ने लिखा भावुक नोट, कहा- एक फाइटर थीं भाई के लिए एक देश से लड़ीं

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बॉलीवुड एक्टर भले ही अपनी ज़िन्दगी में बहुत आगे निकल गए हों लेकिन उन्होंने 6 साल पहले जो वादा किया था वो भूले नहीं। ये वादा रणदीप ने अपनी फिल्म सरबजीत के दौरान एक बहन से किया था। बहन ने वादा लिया था की अगर मैं मर जाऊं तो मुझे कंधा देने ज़रूर आना। दो दिन पहले शूटिंग के दौरान रणदीप को पता चला की जिस बहन को सालों को उन्होंने वादा किया था अब वो इस दुनिया में नहीं रहीं तो वो अपना सारा काम धाम छोड़कर वहां पहुँच गए। और उस बहन को न सिर्फ कंधा दिया बल्कि सारे कर्म को भी को पूरा किया। अब रणदीप ने अपनी उस बहन के लिए एक बेहद भावुक नोट लिखा है। 

दलबीर कौर, रणदीप हुड्डा को भाई मानती थीं। फिल्म के दौरान उनके बीच जान-पहचान हुई थी। अपने पोस्ट में रणदीप ने दलबीर को फाइटर बताया है। वह लिखते हैं, 'घर जरूर आना, उन्होंने आखिरी बात कही थी। मैं गया बस वह चली गई थीं। कोई सपने में भी सोच नहीं सकता था कि दलबीर कौर जी हमें इतनी जल्दी छोड़कर चली जाएंगी। एक फाइटर, बच्चे की तरह, तेज और हर चीज के प्रति समर्पित। उन्होंने अपने प्यारे भाई सरबजीत को बचाने की कोशिश के लिए एक व्यवस्था, एक देश, लोगों से और खुद से लड़ाई लड़ी।'

रणदीप हुड्डा आगे लिखते हैं, 'बहुत  भाग्यशाली था कि उनका प्यार और आशीर्वाद मिला और इस जिंदगी में राखी को कभी याद नहीं किया। विडंबना यह है कि जब हम आखिरी बार मिले थे, मैं पंजाब के खेतों में शूटिंग कर रहा था जहां हमने भारत-पाक सीमा बनाई थी। नवंबर की देर रात ठंड और कोहरा था लेकिन उन्हें इस सब की परवाह नहीं थी। वह खुश थीं कि हम सीमा के एक ही तरफ थे। "खुश  रहो, जुग जुग जियो" वह अक्सर अपनी बातचीत इसके साथ समाप्त करती थीं। मैं वास्तव में धन्य महसूस करता हूं। दलबीर जी के पास समय नहीं था। आई लव यू, आई मिस यू और मैं हमेशा आपके प्यार और आशीर्वाद को संजोकर रखूंगा।'

साल 2016 में सरबजीत सिंह की बायोपिक रिलीज हुई थी। इस फिल्म से सरबजीत की कहानी घर-घर तक पहुंचाई गई थी। सरबजीत को जासूसी के इल्ज़ाम में पाकिस्तान की जेल में कैद कर लिया गया था। जहां उन्हें बड़ी ही बेहरमी के साथ मार दिया गया था। अब उनकी बहन दलबीर कौर का निधन हो गया है। दलबीर कौर का शनिवार की रात को हार्ट अटैक से निधन हो गया।

दलबीर कौर 60 साल की थी। जैसे ही ये खबर एक्टर रणदीप हुड्डा तक पहुंची वो अपने सारे काम छोड़कर वहां पहुंचे और दलबीर कौर के अंतिम संस्कार का हिस्सा बने। रणदीप ने दलबीर कौर के शव को कंधा और मुखाग्नि दी। उनका अंतिम संस्कार पंजाब के तरनतारन शहर में गांव भिखीविंड में किया गया। 

सरबजीत सिंह की बेटी पूनम के अनुसार दलबीर पिछले एक साल से फेफड़ों की बीमारी से लड़ रही थीं। उन्होंने बताया कि जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो डॉक्टर्स का कहना था कि उनकी हालत गंभीर है। लेकिन कुछ देर बाद ही उनका निधन हो गया। 

बता दें - फिल्म 'सरबजीत' रणदीप ने सरबजीत सिंह का रोल निभाया था। वहीं इस फिल्म में सरबजीत की बहन दलबीर कौर का किरदार ऐश्वर्या राय बच्चन ने प्ले किया था। इस फिल्म के बाद दलबीर कौर रणदीप के बीच एक रिश्ता सा बन गया था। दलबीर ने एक्टर को अपना भाई तक मान लिया था। दलबीर ने रणदीप से अपने मरने पर 'कंधा' देने के लिए कहा था। रणदीप ने इसे स्वीकार कर लिया था। एक्टर ने अपने वादे को पूरा करते हुए अंतिम संस्कार के सभी कामों में हिस्सा लिया। 

दलबीर कौर उस समय सुर्खियों में छाईं थी जब उन्होंने अपने भाई सरबजीत के लिए पाकिस्तान की जेल से रिहाई के लिए अभियान चलाया था। उन्होंने अपने भाई को बचाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी थी। 

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