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जांच रिपोर्ट: आर्यन खान के बदले शाहरुख़ से करोड़ों वसूलने की प्लैनिंग फेल होते ही समीर वानखेड़े ने जल्दबाज़ी में FIR बनवाई, 18 करोड़ में डील फाइनल होने वाली थी

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर रहे समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) बुरी तरह घिर गए हैं. सीबीआई ने समीर वानखेड़े समेत एनसीबी के कुछ अफसरों पर FIR दर्ज की है. एफआईआर से पता चला है कि ड्रग्स मामले में वानखेड़े की टीम अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के मामले में 25 करोड़ रुपये वसूलने की प्लानिंग कर रही थी. अब जैसे जैसे तफ्तीश सामने आ रही है समीर वानखेड़े के खिलाफ आरोपों का मकड़जाल तैयार हो रहा है. अब ये सवाल खड़ा हो गया कि समीर वानखेड़े ड्रग्स पकड़ने की आड़ में एक्सटॉर्शन रैकेट चला रहे थे?

आर्यन खान कि गिरफ्तारी एक बड़ी साज़िश का हिस्सा था और जांच में सामने आया है कि कैसे क्रूज पर रेड की पूरी साजिश रची गई और 25 करोड़ रुपये वसूलने की प्लानिंग की गई थी.

दूसरी तरफ एनसीबी विजिलेंस की जांच में भी कई बड़े खुलासे हुए हैं कि आर्यन खान को ड्रग्स मामले में कैसे फंसाया गया. "पापा में NCB कस्टडी में हूं, प्लीज हेल्प मी". ये ऑडियो रिकॉर्डिंग और आर्यन खान के साथ सेल्फी शाहरुख खान को भेजी गई थी.

तफ्तीश में सामने आया है कि ये पूरा खेल कैसे शुरू हुआ. तफ्तीश में जुटे सूत्रों कि मानें तो समीर वानखेड़े कि टीम ने सेनवल डिसूजा को LSD ड्रग्स के दो मामले में गिरफ्तार किया था. तफ्तीश में ये सामने आया कि सबसे पहले समीर वानखेड़े और एनसीबी अफसरों ने उससे 10 लाख रुपये की रिश्वत ली. सूत्रों कि मानें तो ये पैसा आरोपों के मुताबिक वीवी सिंह और खुद समीर वानखेड़े ने लिए थे. बाद में समीर वानखेड़े ने जिस सेनवेल डिसूजा से पैसे लिए थे उसे ही अपने साथ रख लिया और वो उनका पर्सनल खबरी बन गया. सेनवेल कि ख़बरों पर ही वानखेड़े कि टीम ने कई गिरफ्तारियाँ की, सूत्र बताते हैं सेनवेल सिर्फ खबरी का काम नहीं कर रहा था बल्कि वो समीर वानखेड़े के लिए कलेक्शन एजेंट के तौर पर काम करने लगा था. यही नहीं फर्जी ड्रग्स प्लांट में भी NCB की ये टीम डिसूजा का इस्तेमाल करने लगी.

क्रूज़ पर रेड

NCB टीम और समीर वानखेड़े को गुजरात के पाटिल नाम के एक शख्स ने बताया था कि, मुंबई से निकलने वाली क्रूज़ पर बड़ी पार्टी होने वाली है. इस पार्टी में कई बड़े घर के बच्चे शामिल होंगे जिनको टारगेट किया जा सकता है. पाटिल नाम के इस खबरी को ये तक पता नहीं था कि उस पार्टी में कौन कौन आने वाला है. इतना ही नहीं अब तक इस रेड कि लिस्ट में आर्यन खान के नाम का ज़िक्र तक नहीं है. फिर सेनवेल डिसूजा और पाटिल ने समीर वानखेड़े औऱ वीवी सिंह से दो प्राइवेट लोग भानुशाली और किरण गोसावी की मुलाकात करवाई.

इसके बाद समीर वानखेड़े ने इन चारों को साफ़ कहा कि हमारा कैच वही लोग होने चाहिए जिनका बैकग्राउंड मज़बूत हो. उनके बच्चे कि गिरफ़्तारी कि खबर सुनते ही वो पैनिक हो जाएँ. इसके बाद NCB ने अपने टारगेट संदिग्धों में 27 लोगों की लिस्ट तैयार की, लेकिन जैसे ही समीर वानखेड़े को एक फोन कॉल आया और जानकारी मिली की क्रूज पर आर्यन खान अपने दोस्तों के साथ आ रहा है, इस लिस्ट में केवल 10 नाम शामिल किए गए. जैसे ही आर्यन क्रूज पर आया उसे पकड़ लिया गया, उसका फोन NCB ने अपने कब्जे में ले लिया, ताकि वो अपने घर फोन ना कर पाए.

25 करोड़ मांगे, 18 करोड़ में डील हुई तय

आर्यन खान एनसीबी के कब्जे में है ये बात जैसे ही पूजा ददलानी को पता चली, वो गोसावी से मिलने को तैयार हो जाती है. सूत्रों के मुताबिक, आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ मांगे गए लेकिन बाद में मामला 18 करोड़ पर तय हुआ. 2-3 मई की रात पूजा ददलानी और किरण गोसावी की मीटिग हुई और पूजा ने गोसावी को 50 लाख कैश दे दिया. अगली सुबह किरण का सेल्फी आर्यन खान के साथ वायरल हो गया और खुलासा हुआ की किरण एनसीबी का अधिकारी नहीं है, ये जानकारी पूजा ददलानी तक भी पहुंच गई और ऐसे में करोड़ों की डील खटाई में पड़ गई.

एनसीबी ने सभी सबूत जुटाए

यही नहीं विजिलेंस जांच में आरोपों के घेरे में आए सभी आरोपियों ने NCB को अपने जो फोन जांच के लिए दिए, उन्हें पूरी तरह खाली कर दिया. ताकि सबूत विजिलेंस टीम के हाथ न लगे, लेकिन फॉरेंसिक तरीक़े से सारे सबूत NCB ने वापस इकट्ठा कर लिए. विजिलेंस टीम ने अपनी जांच में करीब 2 दर्जन से ज्यादा घटना डील से जुड़े CCTV फुटेज हासिल किए. इसके अलावा जो चैट्स आरोपियों ने डिलीट कर दी थी उसे हासिल किया, कई इलेक्ट्रॉनिक गजेट्स भी बरामद किए गए.

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