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मुंबई के पत्रकार की हत्या पर आधारित है करिश्मा तन्ना की सीरीज़ 'SCOOP', हंसल मेहता ने किया है निर्देशन

करिश्मा तन्ना और नेटफ्लिक्स के शो 'स्कूप' का ट्रेलर चुका है और काफी चर्चा बटोर रहा है। इस ट्रेलर के एक सीन में, एक बच्चा जेल में अपनी मां से मिल रहा है। वो कहता दिखता है- 'मेरी मां एक सिंगल कॉकरोच' नहीं मार सकती।' और ये कहते हुए वो अपनी मां से लिपट जाता है। उसकी मां के रोल में एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना हैं। उनके किरदार का नाम है जागृति पाठक।

कहानी मुंबई के एक सच्ची घटना से प्रेरित है। जहाँ एक पत्रकार की हत्या कर दी गई थी और उसके आरोप में एक महिला पत्रकार को गिरफ्तार किया था। महिला पत्रकार ने जेल में रहते हुए इस पूरी घटना पर किताब लिखी थी जिस पर ये सीरीज़ बनाई गई है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली रियल लाइफ बेस्ड स्टोरी पर आधारित शो स्कूप का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। ट्रेलर की शुरूआत में ही क्राइम रिपोर्टर जागृति पाठक का किरदार निभा रही करिश्मा तन्ना नजर आती है, जो एक मीडिया संस्थान की डिप्टी ब्यूरो चीफ होती हैं।

इस ट्रेलर में दिखाया गया हैं कि जागृति पाठक मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का इंटरव्यू लेती हैं, फिर उनके साथी जर्नलीस्ट जयदीप सेन की बीच रोड पर हत्या कर दी जाती है। इसके बाद इस मामले में पुलिस इन्वेस्टिगेशन करती हैं और छोटा राजन पुलिस को बताता है कि उसी ने सेन की हत्या करवाई हैं और उसे जागृति पाठक ने उकसाया हैं। छोटा राजन पुलिस को यह भी बताता है कि सेन की डिटेल्स भी उसे जागृति ने ही दी थी। उसके बाद पुलिस पुलिस जागृति को गिरफ्तार कर जेल में डाल देती है

क्या हैं रियल कहानी ?

हंसल मेहता की अपकमिंग क्राइम ड्रामा वेब सीरीज स्कूप एक रियल कहानी पर बेस्ड हैं और इसकी असली कहानी के सेंटर में रही जर्नलिस्ट ने इस कहानी को अपनी किताब में लिखा है, जो है 'बिहाइंड बार्स इन बायकुला'। इस कहानी को जिग्ना वोरा और जे. डे. मामले से उठाया गया है। शो में दोनों के नाम जागृति पाठक-जयदीप सेन रखे गए हैं। यह मामला 11 जून 2011 का हैं जब मुंबई में एक मशहूर पत्रकार जे डे की बीच रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने जिग्ना वोरा के अलावा अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश, हथियार और विस्फोटक रखने के जुर्म में 3055 पन्नों की चार्जशीट फाइल की। आगे की चार्जशीट में पुलिस ने कहा कि जिग्ना वोरा ने ही राजन को डे के घर का पता और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की जानकारी दी। उसके बाद साल 2012 में जिग्ना वोरा को जमानत मिल गई, उन्हें जमानत उनके सिंगल मदर होने के कारण मिली थी, कोर्ट ने कहा था कि अब उन्हें हिरासत में रखने की जरूरत नहीं क्योंकि जांच पूरी हो चुकी हैं, हालांकि उनका केस अगले 6 साल तक चलता रहा। इस मामले में छोटा राजन समेत 9 आरोपियों को दोषी करार दिया गया हैं।

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