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ये वो फिल्‍म थी जो कभी बन ही नहीं पाई, जानें वजह

साल 1992 में आई फिल्म 'खुदा गवाह' डायरेक्टर मुकुल एस आनंद के करियर में एक जबरदस्त टर्निंग पॉइंट लेकर आई थी. इस मल्टी-स्टारर फिल्म के जरिए न सिर्फ अमिताभ बच्चन और श्रीदेवी, बल्कि नागार्जुन, शिल्पा शिरोडकर और डैनी डेन्जोंग्पा भी रातों रात सुर्ख‍ियों में आ गए थे.

उस जमाने में सुपरस्टार माने जाने वाले अमिताभ बच्चन और श्रीदेवी के अलावा बाकी किरदारों की कास्टिंग को लेकर कई कहानियां सामने आई हैं- जैसे, नागार्जुन के रोल के लिए संजय दत्त, जैकी श्रॉफ, चंकी पांडे और अजय देवगन को भी अप्रोच किया गया था. लेकिन संजय दत्त ने खुद ही इस फिल्म के लिए मना कर दिया था और जैकी श्रॉफ के पास डेट्स नहीं थीं. बाद में पता चला कि श्रीदेवी नहीं चाहती थीं कि अजय देवगन को इस रोल के लिए साइन किया जाए क्यूंकि उस समय वो एक न्यूकमर थे. लिहाजा श्रीदेवी के ही कहने पर नागार्जुन को साइन किया गया था. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने उस समय पूरी प्रोडक्शन यूनिट को एयर-फोर्स सुरक्षा दी थी, और यह फिल्म अफगानिस्तान में सबसे ज्‍यादा देखी जाने वाली हिंदी फिल्म साबित हुई.

ऐसी तमाम कहानियां हैं इस पॉपुलर फिल्म से जुड़ी हुई हैं. लेकिन कितने लोग जानते हैं कि इस फिल्म को बनाते समय मेकर्स ने इसका टाइटल मनमोहन देसाई की साल 1978 की फिल्म 'खुदा गवाह' से लिया था, जो कि कभी रिलीज ही नहीं हुई. आपको जानकार हैरानी होगी, लेकिन सच यही है कि अमिताभ बच्चन के साथ डबल रोल में यह फिल्म बनाने का फैसला मनमोहन देसाई 1992 में रिलीज हुई 'खुदा गवाह' से 15 साल पहले ही कर चुके थे. मनमोहन देसाई की उस फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ लीड रोल में परवीन बाबी, ऋषि कपूर और महमूद भी थे. लेकिन वो फिल्म शूटिंग के कुछ टाइम बाद ही स्क्रैप हो गई. हांलांकि माना जाता है कि वो फिल्म कमजोर स्क्रिप्ट और डायरेक्शन के चलते रिलीज नहीं की गई थी. लेकिन 1992 में रिलीज हुई 'खुदा गवाह' फिल्म मनमोहन देसाई को ही डेडिकेट की गई थी, इसीलिए इनका फोटो फिल्म शुरू होने से पहले दिखाया जाता है. उस ओरिजिनल फिल्म की स्क्रिप्ट का कुछ हिस्सा बाद में 'अल्लाह रखा' में इस्तेमाल किया गया थे, जिसमें जैकी श्रॉफ डबल रोल में थे. ये जानकारी किरण कोटियाल ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर की.

डायरेक्टर मुकुल एस आनंद की फिल्म का नाम पहले 'बादशाह खान' रखा जाना था, लेकिन जब काफी लम्बे अरसे से मनमोहन देसाई की फिल्म रिलीज नहीं हुई थी, तो मुकुल एस आनंद ने अनुमति लेकर अपनी फिल्म का नाम 'खुदा गवाह' रखा. डायरेक्टर मुकुल एस आनंद की यह आखिरी फिल्म थी जिसमें उन्होंने अमिताभ बच्चन को कास्ट किया था. अमिताभ बच्चन और मुकुल आनंद ने एक साथ बैक टू बैक 3 फिल्में साथ में की थीं - 'अग्निपथ', 'हम' और 'खुदा गवाह' - और इन तीनों ही फिल्मों में डैनी भी अहम किरदार में थे.

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