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पद्मावत विवाद: राजपूत महिलाओं ने की इच्छा मृत्यु की मांग!

फिल्म पद्मावती को लेकर जारी महासंग्राम रुकने का नाम ही नहीं ले रहा. सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के मिलने के बावजूद करणी सेना ने इसे किसी भी कीमत पर रिलीज ना होने देने का निर्णय ले लिया है. दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर इस फिल्म पर रानी पद्मावती के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है. जहां एक ओर आम जनता पद्मावत की की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रही है, वहीं दूसरी ओर करणी सेना का विरोधात्मक रवैया जस का तस बना हुआ है.

बता दें कि हाल ही में राजपूत समाज की कुछ महिलाओं ने कलेक्टर ऑफिस में जाकर इच्छा मृत्यु की मांग की है. उनका कहना है कि भंसाली फिल्म की रिलीज रुकवाए या हमें मरने की अनुमति दें. इस मामले पर राजपूत महिलाओं ने राष्ट्रपति के नाम भी ज्ञापन सौंपा है.

इस आवेदन में लिखा है. 'इतिहास में गौरवशाली स्थान रखने वाली मां पद्मावती, जिन्होंने अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए 16 हजार महिलाओं के साथ जोहर किया, उनसे हमारी आस्था जुडी हुई है. लेकिन निर्माता संजय लीला भंसाली ने सती पद्मावती के इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर उनका गलत चित्रण लोगों के सामने पेश किया है. हमने भंसाली से मिलकर इस फिल्म को ना बनाने का आग्रह किया था, कई बार ज्ञापन भेजकर फिल्म रुकवाने की कोशिश भी की, लेकिन फिल्म का निर्माण भी जारी रहा और अब यह रिलीज भी हो रही है. ऐसे में महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. इतना ही नहीं हमारी आस्था और संस्कृति पर चोट है. अतः राष्ट्रपति महोदय से निवेदन है कि हमारी जीवन जीने की इच्छा समाप्त होने की वजह से इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान कर देहत्याग की अनुमति दें, अन्यथा फिल्म की रिलीज रुकवाने का प्रयत्न करें.'

बता दें कि सोमवार को पद्मावत रिलीज होने वाली है, जिसे लेकर बड़े शहरों में और देश के कई हिस्सों में तोड़फोड़ हो चुकी है. लेकिन अगर करणी सेना की ओर से इस फिल्म को हरी झंडी मिल जाती है, तो पद्मावत को लेकर यह उत्पात थम सकता है.

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