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विनोद खन्ना को मरणोपरांत दादा साहेब फाल्के पुरस्कार

पिछले साल दुनिया को अलविदा कह चुके अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने विनोद खन्ना को देश में सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। फिल्मकार शेखर कपूर की अध्यक्षता वाले 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जूरी ने विनोद खन्ना को इस पुरस्कार से सम्मानित करने का सामूहिक रूप से निर्णय लिया।

विनोद खन्ना 'मेरे अपने', 'इंसाफ', 'परवरिश', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'कुर्बानी', 'दयावान', 'मेरा गांव मेरा देश', 'चांदनी', 'द बर्निग ट्रेन' और 'अमर, अकबर, एंथनी' जैसी बड़ी बॉलीवुड फिल्मों का हिस्सा रहे थे।

कपूर ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि उन्होंने कम से कम एक बार विनोद खन्ना के साथ काम किया था।

विनोद खन्ना का लंबी बीमारी के चलते पिछले साल 27 अप्रैल को निधन हो गया था। वह 70 वर्ष के थे।

विनोद खन्ना पंजाब के गुरदासपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य थे।

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