PeepingMoon Exclusive: कैसे अक्षय कुमार और वासु भगनानी ने ग्लासगो में चुनौतियों के बीच की 'बेल बॉटम' की शूटिंग 

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1980 के दशक पर आधारित अक्षय कुमार की 'बेल बॉटम' महामारी के दौरान शूट होनेवाली पहली फिल्म है. फिल्म ने ग्लासगो शड्यूल को पूरा कर लिया है और लंदन के लिए रवाना हो गयी है. प्रोड्यूसर वासु भगनानी अक्षय के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने इस महामारी में शूटिंग करने का रिस्क लिया. उन्होंने कहा, 'रिकॉर्ड टाइम में शूटिंग का सफल समापन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लचीलेपन की गवाही है.'

पीपिंगमून. कॉम के अनुसार 200 से ज्यादा भारतीय लोगों की टीम को 24/ 7 ग्लासगो में कड़े कोविड नियमों के अंदर काम करना था. वो होटल से गाड़ी में बैठते और फिर सेट पर पहुंचते और उसी तरह लौटते भी थें.  बेल बॉटम से जुड़े सूत्र का कहना है, 'हमें एक ही रूट पकड़ना था और कहीं जाने की इजाजत नहीं थी. हमें वहां किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं थी. हमें अपने सर्कल में ही रहना था. 

सोर्सेज के अनुसार, 'वासुजी जिनकी पूजा एंटरटेनमेंट निखिल आडवाणी की एम्मे एंटरटेनमेंट के साथ 'बेल बॉटम' का निर्माण कर रही है, उन्होंने इसे सार्थक बनाया. हमने पूरे ग्लासगो के अर्बन होटल को अपने कब्जे में ले लिया. इंडियन, साउथ इंडियन और इटेलियन क्यूजीन की हमें सुविधा थी. हर दिन हमारे पास इनमें से चॉइस होता था. ये चीफ्स सेट पर भी खाना बनाते थे. खाना बनाने से लेकर परोसने तक सबकुछ सुरक्षा की नजर से होता था. 

फिल्म की शूटिंग ग्लासगो के आउटडोर में हुयी. पैकअप के बाद दुसरे दिन के लिए सेट को पूरी तरह सेनिटाइज किया जाता था. फिल्म का लंदन शेड्यूल छोटा है और इस हफ्ते तक पूरा होने की उम्मीद है. 

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