Exclusive: म्यूजिक कंपोजर असीम त्रिवेदी ने अपने स्ट्रगल पर की बात, बताया कैसे मिली सोनी लिव की वेब सीरीज 'JL 50'

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सिंगर, सॉन्ग राइटर, म्यूजिक कंपोजर और म्यूजिक डायरेक्टर असीम त्रिवेदी ने एक संगीतकार के रूप में अपने छह साल के लंबे सफर के बारे में हमसे बात की. अपने पहले मेन स्ट्रीम प्रोजेक्ट सोनी लिव की वेबसीरीज 'JL 50' को शुरू करने से पहले असीम ने रफ्तार, बेनी दयाल और श्रेया घोषाल जैसे कलाकारों के साथ बतौर आर्टिस्ट काम किया. वहीं इसके बाद असीम को कैसे इन अनुभवों के बाद अपने सपनें को साकार करने में मदद की मिली इसको लेकर असीम ने पीपिंगमून से खास बातचीत की. 

सवाल- म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी जर्नी के बारे में बताइये, कैसे आपने स्टार्स किया 
जवाब- मैं कानपुर से हूं और मैं जब 18 साल का था जब मैंने अपना स्कूल कंप्लीट किया था तभी मैं कानपुर से मुंबई आ गया था. ऐसे घरवालों ने कहा था कि साथ साथ ग्रेजुएशन कर लो लेकिन मेरा मोटिव कुछ हो रही था. मुझे बस यह था कि कहीं भी मुझे परफॉर्म करने का मौका मिले तो मुझे छोड़ना नहीं है. मैंने हमेशा स्कूल कॉलेज हर जगह मुझे जहां भी मौका मिला अपनी परफॉर्मेंस दी. फिर इसी दौरान कॉलेज के सेकंड ईयर में, जब मेरी उम्र 19 साल थी, उस समय मेरा एमटीवी के लिए एक ऑडिशन था एमटीवी नेसकैफ़े लैब्स, एंड फाइनली मैं एमटीवी नेसकैफ़े लैब्स जीता था. जिसके बाद मेरे काम को नया मौका मिला. 

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सवाल- एमटीवी नेसकैफ़े लैब्स जीतने के बाद कितनी बदली है आपकी ज़िंदगी ?

जवाब- इसके बाद मुझे लाइव परफॉर्म करने की अपॉर्चुनिटी मिली, काफी लोगों के साथ. इस दौरान मैंने कई बड़े आर्टिस्ट के साथ काम किया. इसके अलावा मैंने एमटीवी के लिए भी काफी शोज परफॉर्म किए. इस दौरान मुझे अच्छे काम का एक्सपीरियंस मिला. बड़े आर्टिस्ट के साथ काम करके मेरा कॉन्फिडेंस भी बड़ा. बस मुझे इसके बाद ये लगा कि अब मुझे इसके अगले चरण पर काम करने की जरूरत है. बस फिर उसी दौरान मैंने अपना म्यूजिक लिखना और म्यूजिक कम्पोजर करना भी शुरू किया. इस दौरान मेरा एक ही स्ट्रगल था कि मैं एक आउटसाइडर हूं. तो मैं इस दौरान कई लोगों के पास जाता था कि मेरा गाना सुन लें बस. उस दौरान में कुछ भी कोशिश करता था कि कहीं भी जाऊं किसी के ऑफिस में जाऊं किसी के घर जाऊं बस कोई मेरा गाना सुन ले. उस दौरान मैंने बहुत ट्रैवल किया. पूरी मुंबई में जहां भी कोई कहता था कि यहां पर इनको एक ट्रैक की जरूरत है तो बस में उसी एक मौके की तलाश में था की लोग बस मेरा गाना सुन ले. मेरी कोशिश बस इतनी थी कि मेरा गाना सुनकर अगर कोई से कनेक्ट हो रहा है तो उनके किसी प्रोजेक्ट में मुझे मौका मिल जाए. 

सवाल- आपको Sony LIV की सीरीज Jl50 कैसे मिली ?
जवाब-  Jl50 के दौरान भी ऐसा ही हुआ. किसी तरह मेरा एक गाना फिल्म के डायरेक्टर तक पहुंचा. उसके बाद फिल्म के डायरेक्टर मुझसे मिले और उन्होंने मुझे अपने प्रोजेक्ट के बारे में एक्सप्लेन किया. फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि आप इसके लिए और क्या लिख सकते हैं अच्छा. और फिर आगे चीजें बढ़ती गई अच्छी होती गई. अपनी सुना होगा कि एक कहावत है कि हर एक चीज का सही समय होता है तो मेरा सही समय यही था. मुझे बस एक मौके की तलाश थी जो मुझे मिल गया. मेरे पास अपॉर्चुनिटी खुद नहीं आई मैंने अपने आप से मौकों की तलाश की और मुझे ऐसा लगता है कि कोशिश करते रहना चाहिए. अच्छे मौके भी तभी टिके रहते हैं जब आप हमेशा मेहनत करते रहे. इस इंडस्ट्री में मेहनत की एंड में काम आती है. 

सवाल- 'जंगली की रातों में' में  आपने पीयूष मिश्रा जी के साथ काम किया था. उनके साथ काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा
जवाब-  उनके बारे में तो मैं बस क्या ही कहूं, वह एक लीजेंड हैं. उन्होंने वह इतना अच्छा लिखा था और इतना अच्छा कंपोज किया गया था कि मेरी जिम्मेदारियां और ज्यादा बढ़ गई कि उसका म्यूजिक भी उतना ही इंटेंस हो जितना अच्छा ये लिखा गया है, मतलब कि उस लेवल का हो.  शो दो अलग-अलग टाइम जोन में था जैसे 1984 और 2019 के बीच. इस तरह की स्क्रिप्ट के आसपास के म्यूजिक को सोचना मेरे लिए नया था. मेरे साथ जो प्रोड्यूसर केशव धर थे, उन्होंने और मैंने ट्रैक के म्यूजिक पर काम किया तो हमारा एक ही लक्ष्य था कि हम इस ट्रैक के म्यूजिक को अच्छा बनाएं. पीयूष जी के साथ काम करना या किसी सपने के सच होने जैसा ही था. मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं. उनके साथ स्टूडियो में भी रिकॉर्ड करना किसी सपने से कम नहीं था मेरे लिए. उनके साथ काम करना किसी बड़ी अपॉर्चुनिटी से कम नहीं था. उनकी सब काम करने में बहुत बहुत मजा आया

सवाल- एक म्यूजिशियन, आर्टिस्ट के तौर पर आप सबसे ज्यादा किससे प्रभावित है, आपकी इंस्पिरेशन कौन है ?
जवाब- मैं ए आर रहमान को अपना आदर्श मानता हूं. उन्होंने मुझे शुरू से बहुत प्रभावित किया है. मुझे सोनू निगम, हरिहरन, अरिजीत सिंह सब से मुझे कुछ ना कुछ सीखने को मिला है. मैं इन सभी के काम से बहुत प्रभावित हूं. इंडस्ट्री में यह सब हर नए आर्टिस्ट के लिए एक रोल मॉडल है.  

सवाल- आपके अपकमिंग प्रोजेक्ट कौन-कौन से हैं. 
जवाब- एक मेरे अपकमिंग प्रोजेक्ट की अनाउंसमेंट दिसंबर में होगी. एक मेरा इंडिपेंडेंट प्रोजेक्ट है. मैंने इसका एक गाना लालस्ट ईयर भी रिलीज किया था. इसी के मैं दूसरे ट्रैक को अभी पूरा कर रहा हूं. फिर इसके बाद जल्द से जल्द मैं इसको रिलीज करूंगा.
 
 सवाल- इंसाइडर वर्सेस आउटसाइडर की डिबेट पर आपकी क्या राय है
जवाब- मेरा मानना है कि यह तो हर इंडस्ट्री में है, खाली फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं मैं हर फील्ड की बात कर रहा हूं. हर सेक्टर में यह है. बात बस इतनी है कि अगर आप टैलेंटेड है तो आप हर जगह टिक सकते हैं और अगर नहीं है तो नहीं टिक सकते हैं. आखिर मैं आपका टैलेंट ही काम आता है. अगर आप टैलेंट ही रहे तो ऑडियंस का प्यार आपको मिलता है. मुझे ऐसा लगता है कि इस पर किसी भी तरह की डिबेट का कोई मतलब नहीं है. अगर आपके पास टैलेंट और आर्ट नहीं है, तो आप एक इंसाइडर होते हुए भी लंबे समय तक नहीं टिक पाएंगे.

 

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