The Rising Stars of Bollywood: मृणाल ठाकुर के मुताबिक तापसी पन्नू और दीपिका पादुकोण ने 'नए बॉलीवुड' का मार्ग प्रशस्त किया है

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मृणाल ठाकुर ने कम उम्र में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत कर दी थी. उन्होंने टीवी शो जैसे 'मुझसे कुछ कहती... ये खामोशियां' में काम किया था. तब से उन्होंने काम पर ध्यान  दिया और कभी पीछे मूड कर नहीं देखा. एकता कपूर के शो 'कुमकुम भाग्य' में अपनी एक्टिंग से सभी को इम्प्रेस करने वाली एक्ट्रेस ने 'लव सोनिया' से बॉलीवुड में अपनी जबरदस्त एंट्री की. इस फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया था. बॉलीवुड में एंट्री के बाद, मृणाल ने स्पष्ट रूप से स्टीरियोटाइप्स को ना कहा और फिल्मों में अभिनेत्रियों को देखने के तरीके को बदलने के प्रयास में लग गयीं. तापसी पन्नू और दीपिका पादुकोण और कुछ और अन्य एक्ट्रेसेस की तरह मृणाल अपनी अगली रिलीज के साथ धमाका करने के लिए तैयार हैं.

PeepingMoon को दिए अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, मृणाल ने अपने अगले गेम चेंजर होने पर बार की है. तापसी और दीपिका के रास्ता चुनने के बारे में वह कहती हैं, "मैं उन्हें पूरी तरह से प्यार करती हूं और जिस तरह से वे कर रही हैं. कुछ भी उन्हें रोक नहीं रहा है. बॉलीवुड में पहले जिस तरह से बदलाव आया था, उसे बदलने के लिए उनका बड़ा धन्यवाद. 2021 में मेरी रिलीज़ से फर्क पड़ेगा. मैं फिल्में इसलिए कर रही हूं ताकि वे उन लुक को बदलें जिस तरह से लोग एक्ट्रेसेस को देख रहे हैं. यह आवश्यक नहीं है कि हमारे लंबे बाल हों. जब आप सेट पर जाएंगे और निर्देशक पूछेगा, "आपका प्लस पॉइंट क्या है? अच्छा लुक? उसे हटा दें.लम्बे बाल? इसे छोटा करें. ग्लैमरस लुक? ठीक है, मैं तुम्हें अब तक के सबसे खराब कपड़ों में डाल देता हूं.  करो. यह वह जगह है जहां चुनौती शुरू होती है. इन सभी भौतिकवादी चीजों को बॉलीवुड अभिनेत्री होने के लिए मायने नहीं रखना चाहिए."

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एक टेलीविजन शो से अपने करियर की शुरुआत करने वाली, मृणाल अब छोटे पर्दे के अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को देखने का तरीका बदलना चाहती हैं. एक्ट्रेस आगे कहती हैं, "मैं टीवी अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को देखने के तरीके को बदलना चाहती हूं. एक अभिनेता एक अभिनेता होता है. यह आवश्यक नहीं है कि वह केवल फिल्मों, सिनेमाघरों या टीवी में भी हो सकता है. मैं चाहती हूं कि लोग उस तरह से सोचना बंद करें. मैं यह सुनिश्चित करना चाहती हूं कि मैं उन सभी टीवी अभिनेताओं के लिए सभी दरवाजे खोलूं जो अपने सपनों फॉलो करने, जो मुंबई बड़े पर्दे पर दिखने के लिए आये थे. समानता होनी चाहिए, जिस तरह की भूमिका हमें मिलती है, स्क्रीन स्पेस या पेचेक. मेरा इरादा ऐसे समाज में रहने का है जहां सभी के साथ समान व्यवहार किया जाता है."

(Transcribed by: Nutan Singh)

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