PeepingMoon Exclusive: 'मैं कॉलेज टाइम में जॉन अब्राहम के पोस्टर रखता था, उनका स्टाइल कॉपी करता था'- 'मुंबई सागा' फेम विवान पाराशर

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क्राइम एक्शन ड्रामा फिल्म 'मुंबई सागा' 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. फिल्म में जॉन अब्राहम, इमरान हाशमी, सुनील शेट्टी, रोहित रॉय, महेश मांजरेकर के अलावा विवान पराशर लीड रोल में है. विवान पराशर इस फिल्म के जरिए अपने करियर का आगाज कर रहे है. विवान की भले ही पहली फिल्म हो पर इससे पहले एक्टर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके है. जी है विवान को अपनी वेब फिल्म 'स्किन ऑफ मार्बल' के लिए ग्लोबल इंडियन फिल्म फेस्टिवल की तरफ से बेस्ट न्यूकमर एक्टर अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है. वहीं विवान एक थिएटर आर्टिस्ट भी है. वे नसीरुद्दीन शाह के थिएटर ग्रुप ‘Motley’ का हिस्सा रह चुके है. वहीं मुंबई सागा की बात करें तो, विवान ने इस फिल्म में सदाशिव नाम के एक गैंगस्टर का किरदार निभा रहे है. पीपिंगमून के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में विवान पराशर ने अपने किरदार के बारे में बात की, साथ ही उन्होंने अपने किरदार के लिए क्या क्या खास तैयारियां की है इसके बारे में डिटेल से बताया. 

सवाल- -मुम्बई सागा में अपने किरदार के बारे में बताइये ?
जवाब- फिल्म में मेरा किरदार बहुत ही अलग किस्म का है. आमतौर पर आप हिंदी सिनेमा में जिस तरीके से गैंगस्टर देखते हैं यह गैंगस्टर आपको उन सब गैंगस्टर से थोड़ा अलग फील देगा. बाकी मैं अभी आपको ज्यादा नहीं बता सकता हूं. मैं चाहता हूं आप खुद ही इस फिल्म का अनुभव करें. हम इतना कह सकता हूं यह बहुत ही स्वीट गैंगस्टर है.

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सवाल- फिल्म की स्टारकास्ट कमाल की है. जॉन अब्राहम और इमरान हाशमी के साथ के साथ शूटिंग करने का एक्सपिरियंस ?
जवाब- अभी हाल ही में फिल्म की स्क्रीनिंग हुई थी तब मैंने पूरी पिक्चर बड़े पर्दे पर देखी. क्योंकि जब आप शूटिंग कर रहे होते हो तब अलग फील होता है और फिर फिल्म को इस तरह देखकर आपको अलग फील होता है. पूरी फिल्म में मैं ही नया हूं. फिल्म में जितने भी कलाकार है वे सब बहुत एक्सपीरियंस्ड है. मेरी पहली हिंदी फीचर फिल्म है हालांकि में बहुत टाइम से थिएटर कर रहा हूं, पर किसी फिल्म में पहली बार काम कर रहा हूं तो फिल्म की शूटिंग के दौरान काफी नर्वस था. जॉन अब्राहम के साथ काम करके मैं अपनी खुशी जाहिर नहीं कर सकता मैं कॉलेज टाइम में उनके पोस्टर रखता था. उनकी स्टाइल की नकल करता था. और आज मैं उनके साथ स्क्रीन शेयर कर रहा हूं तो मुझे यकीन नहीं होता कि यह सच है क्या. सेट पर ऐसा फील ही नहीं होता था कि मैं इतनी दिक्कत कलाकारों के साथ काम कर रहा हूं. फिल्म की पूरी स्टार कास्ट ने हर मौके पर मेरी मदद की मैं किसी एक का नाम क्या लूं पूरी स्टारकास्ट कमाल की थी. मैं सही बोलूं तो मैंने सपना भी नहीं देखा था कि मै पहली ही फिल्म में इतनी शानदार टीम के साथ काम करूंगा. 
जॉन सर और इमरान सर के साथ एक को एक्टर के तौर पर काम करके मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. सेट पर जाकर उनके साथ काम करके जो एक्सपीरियंस मिला वह मुझे लाइफटाइम काम आएगा. आपके को एक्टर इतने कमाल के हो तो डेफिनेटली आपकी परफॉर्मेंस इससे बहुत इंप्रूव होती है. पर मैं इतना जरूर कहूंगा बडे एक्टर्स इस मुकाम पर पहुंचने के लिए बहुत मेहनत करते हैं और यह मुकाम बना रहे इसके लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं. 

सवाल- किस तरह हुई फिल्म में एंट्री ?
जवाब-  एक्चुअली में बहुत दिनों से बहुत सारे ऑडिशंस दे रहा था. मेरा जो सफर है वह 12 साल शुरू हो गया था  और 27 साल की उम्र में मैं अपने आपको पहली बार बड़े पर्दे पर देखूंगा. इतने सालों की मेहनत का फल मुझे अब जाकर मिला है. मेरे इससे पहले एक शॉर्ट मूवी 'स्किन ऑफ मार्बल' की थी. वह फिल्म मेरे कैरियर की टर्निंग प्वाइंट थी. उस फिल्म के बाद से ही मुझे लोग थोड़ा पहचानने लगे. मुंबई साका के एसोसिएट डायरेक्टर नदीम शाह उन्होंने मेरी शॉर्ट फिल्म देखी थी. और उन्होंने मेरी यह शॉर्ट फिल्म संजय गुप्ता सर को दिखाएं. उसके बाद उनको लगा कि मैं उस किरदार के लिए फिट हूं. मुझसे पहले फिल्म में यह किरदार कोई और प्ले कर रहा था. पर मेरी शॉर्ट फिल्म देखने के बाद उन्होंने मुझे बुलाया और मेरे लुक टेस्ट किए. आखिरकार मुझे इल किरदार के लिए चुन लिया गया.

सवाल- ये आपकी पहली फिल्म है. अपने किरदार के लिए क्या तैयारी की. अपने लुक और फिटनेस को लेकर क्या बदलाव किए ?
जवाब- इस किरदार में ढलने के लिए मैंने अपनी पूरी लाइफ स्टाइल चेंज कर दी थी. दरअसल में इससे पहले थिएटर करता था. थिएटर में मैंने बहुत सारे अलग-अलग कैरेक्टर्स प्ले किए थे. तो मुझे पता है कि मुझे अपने किरदार के लिए किस हद तक जाना था. यहां संजय गुप्ता सर की पूरी टीम थी. टीम ने मुझे ऐसा ट्रांसफार्म किया कि मेरे खुद के पापा मुझे नहीं पहचान पाए. उन लोगों ने उस लेवल की मेहनत की कि उन्होंने मुझे बाहरी तौर पर तो बदल दिया पर अंदरूनी तौर पर मुझे अपनी खुद की मेहनत करनी थी. मैंने एक साल में जिम जाना बंद कर दिया, वेट उठाना बंद कर दिया अपनी पूरी लाइफ स्टाइल बदल दी. क्रिकेट 3-3 घंटे क्रिकेट खेलता था. उसके बाद कई ट्रेनिंग की. कोल्हापुरी चप्पल पहन के खाली ट्रेन के ट्रैक पर रनिंग करता था. आप फिल्म देखोगे तो यह सब समझोगे कि यह सब मैंने क्यों किया है. लेकिन हां मैंने बहुत नई तरीके की चीजें की. अभी जैसे मेरा कैरेक्टर मराठी है तो मराठी भाषा पर पकड़ बनाने के लिए क्लेरिटी के लिए मराठी भाषा पर काम किया. बस मुझे ऐसा लगता था कि मैं सेट पर जाउं तो लोग यह ना बोले कि तुम बिल्कुल तैयारी के साथ नहीं आए हो. क्योंकि मैं सेट पर एकदम नया था और सब दिग्गज कलाकार थे तो मुझे अपनी तैयारी दोगनी रखनी पड़ती थी. लेकिन एक किरदार आपकी लाइफ बदल देता है जब आप उस किरदार में जाते हैं. फिर फिल्म की शूटिंग पूरी हो जाती है. फिर वापस आप अपनी नॉर्मल लाइफ में आते हैं तो कहीं ना कहीं वह किरदार आपकी लाइफ में कुछ बदलाव लाता है पहले मैं यह नहीं समझ सकता, पर अभी यह सब बातें मुझे समझ आने लगी है.

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