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मूवी पाइरेट्स कर रहे हैं UK में 'पद्मावती' के रिलीज का बेसब्री से इंतजार

इस साल की सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी में फंसी बॉलीवुड फिल्म 'पद्मावती' की रिलीज डेट भारत में तो आगे बढ़ ही चुकी है, साथ ही यूनाइटेड किंगडम में भी इसकी रिलीज को पोस्टपोन कर दिया गया है. पहले की गई प्लानिंग के अनुसार आगामी शुक्रवार को ही यह फिल्म यूके में भी रिलीज होने जा रही थी.

 

ब्रिटिश बोर्ड ऑफ फिल्म क्लासिफिकेशन (बीबीऍफसी) ने इस फिल्म को 12A की रेटिंग देकर रिलीज की हामी भी भर दी थी. 12A की रेटिंग पाने वाली फिल्मों के अनकट वर्जन को देखने के लिए 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ एक एडल्ट का होना अनिवार्य होता है. लेकिन भारत में जब श्री राजपूत करणी सेना ने यूके के सिनेमा हॉल को जला देने की धमकी दी और लन्दन की एक चैरिटी संस्था 'राजपूत समाज' ने भी ब्रिटिश सेंसर्स से सर्टिफिकेशन
वापस लेने की मांग की, तब फिल्म के प्रोड्यूसर्स वायाकॉम 18 मोशन पिक्चर्स ने इस फिल्म की रिलीज डेट हर जगह टाल दी है.

फिल्म मेकर्स खुद भी यही चाहते हैं कि पहले फिल्म से जुड़े सभी विवाद खत्‍म हो जाएं, उसके बाद ही फिल्म को इंटरनेशनल रिलीज के लिए तैयार किया जाएगा. लेकिन फिल्म की रिलीज डेट टल जाने से सबसे ज्‍यादा निराश है यूके में स्थित एक अज्ञात पाकिस्तानी मूवी पाइरेट्स का समूह. जब बीबीऍफसी ने इस फिल्म को क्लीन चिट दे दी थी, तो यह मूवी पाइरेट्स समूह बहुत खुशियां मना रहा था. जाहिर है कि इस डिजिटल युग में फिल्म के पायरेटेड प्रिंट्स को टोरेंट लिंक्स से डाउनलोड और ट्रांसफर करना कितना आसान है. यूके पाइरेट्स का सोचना था कि इंडिया में तो 'पद्मावती' रिलीज नहीं होगी, और यूके में रिलीज के बाद वो इसकी फाइल्स को दुनियाभर में इंटरनेट पर फैले देंगे. ऐसा करके वो बेहिसाब पैसे बना सकते थे.

सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान के मूवी पाइरेट्स हवाला के जरिए फिल्म ऑपरेटर्स को 7,000 पाउंड्स भी देने का इरादा बना बैठे थे. बदले में उनकी शर्त थी कि फिल्म के रिलीज होने के 6 घंटे के अंदर उन्हें फिल्म का एचडी प्रिंट चाहिए था, और या फिर फिल्म रिलीज के दौरान एचडी कैमरों के साथ उन्हें सिनेमा हॉल्स में एंट्री मिल जाती.

पीपिंगमून से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि एक बार अगर एचडी कैमरा पर फिल्म रिकॉर्ड हो जाती, तो फिर पाइरेट्स वीडियो एडिट सॉफ्टवेयर पर उसे डाउनलोड करके सस्ते हैक टूल्स से वो फिल्म की पिक्चर क्वालिटी और ऑडियो क्वालिटी से छेड़छाड़ करते. बॉलीवुड फिल्मों के लिए पाकिस्तान एक बड़ा मार्किट है और 'पद्मावती' जैसी बड़ी फिल्म के पायरेटेड प्रिंट्स के जरिये स्माल मार्किट स्टाल्स में तो दीवाली ही हो जाती. पाकिस्तान, इंडिया, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में अभी भी डीवीडी प्रिंट्स और मोबाइल ट्रांसफर्स को तवज्जो दी जाती है, जो इस पायरेटेड इंडस्ट्री के रैकेट का महज 50 प्रतिशत हिस्सा ही है. एक एंटी-पायरेसी वकील शाहबाज खान के अनुसार, 'टोरेंट साइट्स आमतौर पर किसी कंट्रोवर्शियल फिल्म के जरिये लगभग 4 करोड़ रुपए तक बहुत आराम से कमाती हैं. मुंबई पुलिस का साइबर क्राइम सेल इसमें ज्‍यादा कुछ कर नहीं पाता, क्यूंकि सर्वर्स और इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी एड्रेस) इंटरनेशनली रजिस्टर्ड होता है. ऐसे में मूवी पाइरेट्स लिंक्स और वीडियोज एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट्स में भेजते हैं, जिन्हें ट्रैक कर पाना मुश्किल होता है.'

 

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