Birthday Special: 'एक डॉक्टर की मौत' से लेकर 'धर्म' तक, इन फिल्मों से पंकज कपूर की अदाकारी का दुनिया ने माना लोहा

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29 मई , दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर अपना 66वां बर्थडे मना रहे हैं. 1954 में पंजाब के लुधियाना में जन्में पंकज स्कूल और कॉलेज के दौरान थिएटर में काफी एक्टिव थे. पंकज पढ़ाई में काफी अच्छे थे और साल 1973 में इंजीनियरिंग के एग्जाम में उन्होंने टॉप किया था. पंकज ने 'करमचंद', 'ऑफिस-ऑफिस', 'नीम का पेड़' सहित कई टीवी सीरियल में काम किया. बॉलीवुड में कदम रखने के लिए सितारों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. पंकज कपूर को भी कड़ा संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1982 में श्याम बेनेगल की फिल्म 'आरोहण' से की थी. पंकज कपूर ने इसके बाद 'गांधी', 'मंडी', 'जाने भी दो यारों', 'रोजा', 'मकबूल' जैसी फिल्मों में काम किया है. उन्होंने 19 साल में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया था. इसके बाद उन्होंने रिपोर्टर की नौकरी की.. हालांकि, 'गांधी' फिल्म के कारण उनकी नौकरी चली गई. उनकी पहली नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म आमिर खान स्टारर 'राख' थी. साल 1992 में आई मणि रत्नम की फिल्म 'रोजा' में उनके अभिनय की आलोचकों ने खूब तारीफ की. उस दौर में हिंदी सिनेमा में हर कोई उनका दीवाना था. उन्होंने साल 1991 में 'एक डॉक्टर की मौत' फिल्म की. उसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरुस्कार स्पेशल जूरी अवार्ड से भी नवाजा गया. उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से ग्रेजुएशन के बाद 4 साल थिएटर किया था.

पंकज कपूर ने अपने अभिनय की वजह से ना केवल दर्शको का प्यार ही पाया है बल्कि कई अवार्ड्स को अपने नाम भी किया है. साल 1989 में फिल्म ‘राख’ के लिए ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का अवार्ड मिला था. तो साल 1991 में फिल्म ‘एक डॉक्टर की मौत’ के लिए ‘स्पेशल जूरी’ का अवार्ड मिला था. साल 2002 में फिल्म ‘ऑफिस ऑफिस’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर इन ए कॉमिक रोल’ का अवार्ड मिला था. साल 2004 में फिल्म ‘मक़बूल’ के लिए ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का अवार्ड मिला था. साल 2008 में ‘बेस्ट एक्टर नेशनल अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था. आईये आपको बताते हैं पंकज कपूर की बेहतरीन अदाकारी की कुछ फिल्मे...

जाने भी दो यारों (1983)


प्रसिद्ध डायरेक्टर कुंदन शाह के निर्देशन में बनीं फिल्म क्लासिक कॉमेडी है. फिल्‍म ‘जाने भी दो यारों’ को सिने दर्शकों ने जमकर सराहा था. फिल्‍म को वर्ष 2012 में पूरे देश में री-रिलीज किया गया था. डायरेक्‍टर कुंदन शाह को इस फिल्म के लिए वर्ष 1984 में इंदिरा गांधी अवॉर्ड से नवाज़ा गया था. फिल्म में एक बेईमान बिल्डर तरनेजा का किरदार निभा रहे पंकज ने अपनी अदाकरी का उम्दा प्रदर्शन किया. इस फिल्म में पंकज के अलावा नसीरुद्दीन शाह, रवि वासवानी, ओम पुरी, नीना गुप्ता, भक्ति बर्वे और सतीश कौशिक जैसे उस समय के उभरते कलाकारों ने काम किया था. भारतीय राजनीति पर तगड़ा व्यंग्य करने वाली इस फिल्म के लिए निर्देशक कुंदन शाह को इंदिरा गांधी बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया. 

एक डॉक्टर की मौत (1990)


फिल्म एक डॉक्टर की मौत में पंकज कपूर लीड रोल में नजर आए थे. इस फिल्म में वह एक वैज्ञानिक का रोल निभाते हुए नजर आए थे. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

मकबूल (2004)


मकबूल फिल्म को फिल्ममेकर विशाल भारद्धाज ने बनाई थी. फिल्म में उन्होंने जहांगीर खान नाम के डॉन का किरदार निभाया था. यह फिल्म लोगों को बहुत पसंद आई थी.  

द ब्लू अंबरेला (2005)


यह फिल्म पंकज कपूर की बेस्ट फिल्मों में से एक है. यह फिल्म रस्किन बॉंड की शॉर्ट स्टोरी पर बनाई गई है. फिल्म में पंकज कपूर ने एक दुकानदार का रोल निभाया था. जिसे एक बच्ची की नीली छतरी से प्यार हो जाता है. 

धर्म (2007)


फिल्म धर्म में पकंज कपूर ने एक पंडित का रोल निभाया था. उनका यह रोल भी बहुत शानदार था. फिल्म में पंडित की पत्नी एक अनाथ बच्चे क घर ले लाती है. उनके पति इसके खिलाफ होते हैं. मगर बाद में उनके मन में भी बच्चे के लिए भावनाएं जाग जाती है.

वहीं अगर पंकज कपूर की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने दो शादियां की थी. पंकज कपूर ने पहली शादी साल 1975 में नीलिमा अजीम से की थी. उस वक्त पंकज कपूर 21 साल और नीलिमा अजीम 16 साल की थीं. पंकज कपूर और निलीमा अजीम के बेटे शाहिद कपूर हैं। शाहिद कपूर अपने पिता के काफी करीब हैं. नीलिमा अजीम के बाद पंकज कपूर ने एक्ट्रेस सुप्रिया पाठक से शादी की थी. सुप्रिया और पंकज कपूर के दो बच्चे हैं. सुप्रिया और पंकज कपूर की पहली मुलाकात 1986 में हुई थी. दोनों ने फिल्म अगला मौसम में साथ काम किया था. 
पीपिंगमून टीम की तरफ से पंकज कपूर पर जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई. 


 

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