इरफ़ान जो थे एक फनकार, 'अभिनेता' और 'सुपरस्टार' से कहीं ज्यादा बड़ी थी उनकी शख्सियत  

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बॉलीवुड इंडस्ट्री के सबसे टैलेंटेड एक्टर्स में से एक इरफान खान ने पिछले साल आज ही के दिन दुनिया को समय से बहुत पहले अलविदा कह दिया था. 29 अप्रैल को लंबी बीमारी के बाद दिग्गज एक्टर ने अपनी आखिरी सांस ली थी. जिसके बाद  इरफान के निधन पर सोशल मीडिया पर फैंस के साथ ही साथ सितारों ने भी एक्टर को श्रद्धांजलि दी. ऐसे में चलिए आज हम उनकी पहली पुण्यतिथि पर आपको इरफान के कुछ दमदार डायलॉग्स से रूबरू कराते हैं, जिन्होंने इरफान के टैलेंट को दुनिया के सामने लाया और उन्हें एक सुपरस्टार से भी ज्यादा बनाया. 

यह कहना गलत नहीं होगा कि इरफान भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके इन डायलॉग्स हमेशा फैंस के बीच उनकी मौजूदगी का एहसास दिलाएंगे.

पान सिंह तोमर:

'बीहड़ में बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में' सच्ची कहानी पर आधारत की फिल्म के डायलॉग्स ही नहीं बल्कि उसकी कहानी के साथ इरफान की एक्टिंग को भी दर्शकों और क्रिटिक्स द्वारा खूब सराहा गया था.

गुंडे:

"पिस्तौल की गोली और लौंडिया की बोली जब चलती है, तो जान दोनों में ही खतरे में होती है."

लाइफ इन ए मेट्रो:

"ये शहर हमें जितना देता है उससे कहीं ज्यादा ले लेता है."

कसूर: 

"आदमी जितना बड़ा होता है, उसके छुपने की जगह उतनी ही कम होती है."

पीकू:

"डेथ और शिट किसी को, कहीं भी, कभी भी आ सकती है."

करीब-करीब सिंगल:

"टोटल तीन बार इश्‍क किया, और तीनों बार ऐसा इश्‍क मतलब जानलेवा इश्‍क, मतलब घनघोर हद पार."

जज्बा :

"शराफत की दुनिया का किस्‍सा ही खत्म, अब जैसी दुनिया वैसे हम."

डी-डे:

"गलतियां भी रिश्‍तों की तरह होती हैं, करनी नहीं पड़ती, हो जाती है."

मदारी :

"तुम मेरी दुनिया छीनोगे, मैं तुम्हारी दुनिया में घुस जाउंगा.''

हैदर:

"आप जिस्म है तो मैं रुह, आप फानी में लफानी."

तलवार:

"किसी भी बेगुनाह को सजा मिलने से अच्छा है दस गुनहगार छूट जायें."

चॉकलेट:

"शैतान की सबसे बड़ी चाल ये है कि वो सामने नहीं आता."

द किलर:

"बड़े शहरों की हवा और छोटे शहरों का पानी, बड़ा खतरनाक होता है."

द लंच बॉक्स:

"आई थिंक वी फॉरगेट थिंग्‍स इफ देयर इज नो बॅडी टू टेल देम."

ये साली जिंदगी:

"लोग सुनेंगे तो क्‍या कहेंगे, चू#$%$  आशिकी के चक्कर में मर गया, और लौन्डिया भी नहीं मिली."

जुरासिक वर्ल्‍ड:

"द की टू ए हैप्‍पी लाइफ इज टू एक्‍सेप्‍ट यू आर नेवर एक्‍चुअली इन कंट्रोल."

हासिल:

"और जान से मार देना बेटा, हम रह गये ना, मारने में देर नहीं लगायेंगे, भगवान कसम."

लाइफ ऑफ पाई:

"हंगर कैन चेंज एवरीथिंग यू थॉट यू न्यू आउट युअरसेल्‍फ."

हिंदी मीडियम: 

"एक फ्रांस बंदा, जर्मन बंदा स्‍पीक रॉन्‍ग इंग्‍लिश, वी नो प्रॉब्‍लम, एक इंडियन बंदा से रॉन्‍ग इंग्‍लिश, बंदा ही बेकार हो जाता है जी."

बात करें उनके करियर के सफर की तो एक्टर ने टीवी की दुनिया में 'चाणक्य' और 'भारत एक ख़ोज' जैसी टीवी शोज से अपनी शुरुआत की थी. जिसके बाद उन्हें 'चंद्रकांता' में भी देखा गया था. हालांकि, बढ़ते समय के साथ एक्टर ने 1988 में मीरा नायर की सलाम बॉम्बे के साथ अपनी फिल्म की शुरुआत की थी. जिसके बाद उन्होंने कई बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड की फ़िल्में भी की. एक्टर की पिछले साल रिलीज हुई 'अंग्रेज़ी मीडियम' में आखिरी बार करीना कपूर खान और राधिका मदान के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करते देखा गया था. एक्टर के जाने से यह कहना गलत नहीं होगा कि इंडस्ट्री के बेहद टैलेंट एक्टर और एक अच्छा इंसान खो दिया है.

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