हॉलीवुड डेब्यू 'आर्मी ऑफ द डेड' में लिमिटेड स्क्रीन टाइम को लेकर बोलीं हुमा कुरैशी , कहा - 'मैंने कभी भी कैरेक्टर की लेंथ देखकर फिल्में नहीं की'

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हुमा कुरैशी इन दिनों लगातार चर्चाओं में है. पहले जैक स्नाइडर की फिल्म से अपना हॉलीवुड डेब्यू करने को लेकर और फिर सोनी लिव की सीरीज महारानी में अपने दमदार किरदार को लेकर. हुमा ने समय समय पर साबित किया है कि वे एक्टिंग के मामले में किसी से कम नहीं है. लेकिन कई बार बॉलीवुड के एक्टर्स को हॉलीवुड की फिल्मों में कम स्क्रीन स्पेस को लेकर सवाल उठते है. कई बार लोग कहानी में कलाकार के किरदार की महत्वता से ज्यादा लेंथ को लेकर तंज कसते है. ऐसा ही कुछ हाल ही में हुमा के साथ हुआ. दरअसल अपनी हॉलीवुड डेब्यू फिल्म 'आर्मी ऑफ द डेड' में लिमिटेड स्क्रीन टाइम को लोगों ने हुमा को ट्रोल किया. अब हुमा ने इन सवालों के जवाब दिए है. हुमा ने कहा कि उन्हें फिल्मों में अपने रोल्स की लेंथ से फर्क नहीं पड़ता. बल्कि कहानी के हिसाब से रोल की महत्वता से पड़ता है. 

एक लीडिंग वेबसाइट से बात करते हुए हुमा ने कहा कि, 'मैं थैंक्यू कहना चाहती हूं. मुझे इंडियन फैंस से प्यार है. हिंदुस्तान की जनता माइंड ब्लोइंग है. मैंने 2012 में अपनी पहली फिल्म की, गैंग्स ऑफ वासेपुर. इसमें मैंने कई स्टार्स के साथ काम किया. मेरा रोल मुश्किल से 15 मिनट का रहा होगा. अब मैंने हॉलीवुड डेब्यू किया है Zack Snyder की फिल्म से. इसमें कई बड़े स्टार्स हैं और डायरेक्टर भी काफी पॉपुलर हैं. मैं अपने करियर में कभी भी कैरेक्टर की लेंथ पर नहीं गई. हमेशा ये ही रहा है कि मेरा कैरेक्टर फिल्म में क्या कर रहा है.' 

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हुमा ने कहा कि आर्मी ऑफ द डेड में प्लॉट के हिसाब से मेरा गीता का कैरेक्टर काफी अहम है. उन्होंने कहा- मैं ऐसा कुछ करूंगी जो इंटरेस्टिंग हो न कि जिसका कहानी पर कोई असर ही नहीं पड़ रहा हो. 
(Source: Bollywood Bubbles)

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