Satellite Shankar Review: अच्छे मैसेज के साथ ठंडी कहानी, थोड़ा और स्ट्रॉन्ग हो सकता था सूरज पंचोली का यह सैटेलाइट कनेक्शन

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फिल्म: सैटेलाइट शंकर
स्टारकास्ट:  सूरज पंचोली, मेघा आकाश, पॉलोमी घोष 
डायरेक्टर : इरफान कमल 
रेटिंग: 2.5 मून्स

बॉलीवुड अभिनेता सूरज पंचोली नें चार साल बाद फिर से सिल्वर स्क्रीन की तरफ वापसी की है, इस बार फिल्म का नाम है ‘सैटेलाइट शंकर’. इस फिल्म को मेकर्स के द्वारा देशभक्ति के रंग में रंगने की भरपूर कोशिश की गई है लेकिन फिल्म उस तड़के से हटकर ड्रामा फिल्म बनकर रह जाती है. फिल्म ‘सैटेलाइट शंकर’ की कहानी जवान शंकर की शपथ पर आधारित हैं. शंकर की शपथ बचाने के लिए पूरा देश उनके साथ खड़ा हो जाता है. फिल्म में सैनिक ने देशभक्ति के लिए पूरे देश को एकजुट कर दिया ताकि वह अपनी शपथ को पूरा कर सके.

फिल्म के माध्यम से एक अच्छा मैसेज तो जरूर देने की कोशिश की गई है लेकिन फिल्म की स्क्रिप्ट की वजह से कई बार आपका ध्यान फिल्म से भटक सा जायेगा. फिल्म में भगवान शिव के व्यक्तित्व को एक अलग ढ़ंग से परिभाषित करने की कोशिश की गई है, लेकिन अंत में आपको पता चलेगा कि फिल्म का यह टायटल दरअसल इस कहानी एक साथ मैच ही नहीं हो रहा. इस फिल्म में निर्देशक इरफान कमल नें ड्रामा और एक्शन के साथ देशभक्ति की भावना के साथ दर्शकों को जोड़ने का प्रयास किया है, इस कोशिश में निर्देशक कुछ सीन्स में ही सफल साबित हुए हैं. 

फिल्म में सूरज पंचोली के साथ मेघा आकाश मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि मेघा आकाश जब जब पर्दे पर आई हैं उन्होंने सीन को बेहतर बनाया है. तमिल और तेलुगू भाषी फिल्मों में कमा करने वाली मेघा आकाश ने इस फिल्म में बहुत अच्छा अभिनय किया है. वहीं, फिल्म के हीरो सूरज का अभिनय आपको निश्चित तौर पर थोड़ा निराश करेगा. सूरज पंचोली की एक्टिंग टाइमिंग में उनका बड़े पर्दे से दूर रहने का असर साफ-साफ नजर आता है. एक अदाकार की जिम्मेदारी होती है की वो दर्शकों को अपने साथ जोड़कर रख सके, कहीं न कहीं सूरज पंचोली इसमें भी विफल ही नजर आ रहे हैं. साथ ही फिल्म में ब्लॉगर के किरदार में दिखीं मीरा बख्शी ने भी बहुत अच्छा अभिनय किया है.

इसके साथ ही आपको अवगत करा दें कि 'सैटेलाइट शंकर' को  मुराद खेतानी और अश्विन वर्दे ने बनाया है, जिन्होंने 2019 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक 'कबीर सिंह' को भी प्रोड्यूस किया था. शाहिद कपूर स्टारर इस फिल्म नें इस साल कई जवान आशिकों की नब्ज को पकड़ लिया था और दाढ़ी में घूमने को मजबूर कर दिया था. लेकिन अगर आप फिल्म ‘कबीर सिंह’ के जैसा मनोरंजन की उम्मीद लेकर सूरज पंचोली स्टारर ‘सैटेलाइट शंकर’ को देखने जा रहे हैं तो आपको निराशा का सामना करना पड़ेगा.

कमजोर अदाकारी और कहानी को निर्देशक इरफान कमल नें काफी साधने की कोशिश की है, इसलिए उनके निर्देशन की वजह से ही ये फिल्म कुछ हद तक आपका मनोरंजन कर देगी. फिल्म का कॉन्सेप्ट काफी इंट्रेस्टिंग था, इसके द्वारा दिया गया मेसेज भी आपको सोचने पर मजबूर करेगा कि एक सैनिक को कितनी मुश्किल से छुट्टी मिलती है और कितना कम समय मिलता है अपने परिवार के साथ रहने का..सैनिक अपने शपथ को लेकर भी काफी सहज होते हैं. मेघा आकाश की एक्टिंग के अलावा फिल्म की अच्छाई ये थी कि इसे कश्मीर, पंजाब, करेला, महाराष्ट्र जैसे खूबसूरत लोकेशन पर शूट किया गया था. फिल्म के गानों को छोड़ दें तो फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक काफी अच्छा था. 134 मिनट की इस फिल्म में पहले आप इंटरवल का इन्तजार करेंगे, फिर सेकेंड हाफ में घड़ी देखेंगे और आखिरी 10 मिनट को थोड़ा सा एन्जॉय करेंगे और वो भी शायद इसलिए कि आपको लगेगा कि फिल्म अब आखिरकार खत्म होने वाली है.

पीपिंगमून.कॉम फिल्म ‘सैटेलाइट शंकर’ को 2.5 मून्स देता है.

 

 

(Source: Peepingmoon)

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