Motichoor Chaknachoor Review: तीखी अथिया शेट्टी और मीठे नवाजुद्दीन सिद्दीकी की केमिस्ट्री है यह फिल्म

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फिल्म: मोतीचूर चकनाचूर  

डायरेक्टर: देबामित्र बिसवाल  

कास्ट: नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, अथिया शेट्टी, विभा छिब्बर, नवनि परिहार, विवेक मिश्रा, करुणा पांडे

शादी एक लड्डू जो खाए पछताए, जो न खाए पछताए! ऐसा ही लड्डू चखने के फिराक में हैं फिल्म 'मोतीचूर चकनाचूर' के पुष्पेंद्र त्यागी यानी नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी. इनके साथ तकलीफ यह है कि ये 36 साल के है और शादी एक लिए मरे जा रहे हैं. दूसरी तरफ है भोपाल, मध्य प्रदेश की एनी उर्फ अनीता जिसका सपना है विदेश यात्रा, जिसके लिए वो कुछ भी कर सकती हैं. कुछ भी का हमारा मतलब है ऐनी उसी लड़के से शादी करना चाहती है जो विदेश में सेटल हो. ये भी सिर्फ वो इसलिए करना चाहती हैं कि वो अपनी सहेलियों की तरह सोशल मीडिया पर विदेशी देशों की तस्वीरें शेयर कर सके. इस चक्कर में ऐनी तकरीबन 10 रिश्ते ठुकरा देती है. और उनके पड़ोसी होते हैं दुबई रिटर्न पुष्पेंद्र और यह ऐनी का लास्ट ऑप्शन होता है विदेश जाने का! इसी सार के साथ शुरू होती है देबामित्र बिसवाल की यह कॉमेडी ड्रामा फिल्म!

नवाज और ऐनी की जोड़ी जितनी मिस-मैच आपको ट्रेलर में लगी है वैसी ही फिल्म में भी दिखी है. नेचर की बात करें या फिर लुक्स की दोनों का किरदार एक दूसरे से बेहद अलग है. इनके बीच प्यार शादी के बाद शुरू होता है. इनकी केमिस्ट्री आपको बहुत अजीब लगेगी मगर, पसंद भी आएगी. क्या पुष्पेंद्र ऐनी का विदेश जाने का सपना पूरा कर पाता है? क्या ऐनी ये समझ पाती है कि शादी विदेश जाने की लिए नहीं की जाती....इसका पता करने के लिए आप फिल्म जरूर देखे. 

नवाज़ुद्दीन हर बार की तरह इस बार भी हमें सरप्राइज कर रहे हैं, क्यूंकि शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इस तरह की फुल-फ्लेज्ड कॉमेडी में भी नवाज इतने जंचेंगे. वहीं अथिया ने भी अपनी पिछली कुछ फिल्मों के मुकाबले काफी अच्छी एक्टिंग है. अथिया नवाज के आगे काफी कमजोर नजर आई मगर, अपने हिस्से का किरदार उन्होंने काफी अच्छे से निभाया. बेबाक ऐनी का किरदार अथिया के अलावा शायद ही कोई निभा सकता था. नवाज की मां के किरदार में विभा छिब्बर, ऐनी की मां के किरदार में नवनि परिहार, ऐनी की मासी के किरदार में करुणा पांडे, नवाज की बहन के किरदार में बॉलीवुड की तरफ रुख करती हुईं भूमिका गोपाल दुबे भी अपने अभिनय से आपका दिल जीतेंगी. एक्टिंग के मामले में इस फिल्म के एक एक किरदार को पूरे मार्क्स हैं. कहानी ढ़ाई घंटे की है और सेकेण्ड हाफ हमें थोड़ा लम्बा भी लगा. फिल्म के गाने बिलकुल सिचुएशन के साथ घुल मिल रहे थे.

फिल्म के डायलॉग भुपेन्द्र सिंह ने लिखे हैं जो आपको हंसने पर मजबूर करेंगे. बैकग्राउंड स्कोर बेहतर था, जबकि फोटोग्राफी, कोरियोग्राफी, एडिटिंग, स्क्रीनप्ले और अन्य तकनीकी तत्व भी अच्छे लग रहे थे. कुल मिलाकर 'मोतीचूर चकनाचूर' एक परफेक्ट एंटरटेनिंग फिल्म है जिसमें इमोशन्स और कॉमेडी को खूब अच्छी तरह दिखाया गया है.

पीपिंगमून 'मोतीचूर चकनाचूर' को 3.5 मून्स देता है!

 

(Source: PeepingMoon)

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