'कुली नं. 1' वन रिव्यू: वरुण धवन और परेश रावल ने उठाया फिल्म का भार, 'राजू' की डायलॉग डिलीवरी और स्क्रीन प्रेजेंस ने दिखाया अपना जादू 

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फिल्म: कुली नंबर वन 

निर्देशक: डेविड धवन 

स्टारकास्ट: वरुण धवन, सारा अली खान, शिखा तलसानिया, पॉरेशा रावल, राजपाल यादव, जावेद जाफरी और साहिल वैद. 

ओटीटी: अमेज़ॉन प्राइम वीडियो 

समय: 2 घंटा 14 मिनट 

रेटिंग्स: 3 मून 

बतौर निर्देशक डेविड धवन की 45वीं दर्शकों के सामने हाजिर है. वरुण धवन और सारा अली खान स्टारर 'कुली नंबर वन' गोविंदा और करिश्मा कपूर की 1995 में आयी फिल्म 'कुली नंबर वन' का रीमेक है. रीमेक में वरुण गोविंदा के किरदार में है और सारा अली खान करिश्मा कपूर के किरदार में है. ओरिजिनल फिल्म की तरह रीमेक भी हंसी से भरपूर है. साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक 'कुली नं. वन' को फैंस के लिए क्रिसमस ट्रीट के रूप में दिया गया. 'कुली नं. 1' मस्ती, एक्शन, रोमांस और धमाल का मिश्रण है लेकिन इससे बहुत ज्यादा उम्मीद करना थोड़ा निराशाजनक होगा.

2 घंटे 14 मिनट की फिल्म जाफरी रोजारियो पर बेस्ड है, जो अपनी बेटी साराह (सारा अली खान) की शादी देश के अमीर बिजनेसमैन लड़के से करना चाहते है. पंडित जय किशन (जावेद जाफरी) सराह के लिए एक रिश्ता लेकर आते है लेकिन रोजारियो को रिश्ता पसंद नहीं आता और उनका अपमान करते है. जय किशन रोजारियो से बदला लेने की ठानते है और सराह की शादी राजू (वरुण धवन) नाम के कुली से करवा देते है. सराह से शादी के लिए कुली अपनी पहचान बदलता है और करोड़पति कुंवर महेन्द्र प्रताप सिंह बनने का नाटक रचता है. अपनी शादी को बचाने के लिए वह जुड़वां भाई की कहानी बनाता है, जिसे वह कुली बताता है. सारा को खोने के डर से राजू झूठ पर झूठ बोलता है. धीरे धीरे चीजें उसके कंट्रोल से बाहर होने लगती है और एक दिन उसका सच सामने आ जाता है. 

रीमेक डेविड धवन की ओरिजिनल फिल्म के आस- पास भी नहीं है लेकिन फिल्म का अपना एक चार्म है. फिल्म आज के समय पर आधारित है. लोग स्मार्ट फ़ोन लेकर घूम रहे है और डॉयलोग्स में भी बदलाव है. रणवीर सिंह, करण जौहर और अमिताभ बच्चन के कुछ बॉलीवुड संदर्भ मजेदार बैनरों के रूप में सामने आते हैं. फिल्म के पक्ष में जो चीज काम करती है वह मुख्य अभिनेता वरुण धवन और उनकी कॉमिक टाइमिंग है.

जिस तरह कुली अपने कंधे पर भारी बोझ उठाता है, उसी तरह वरुण ने अपने कंधो पर फिल्म का बोझ उठाया है. उनकी मेहनत और काम के प्रति उनकी लगन पर्दे पर साफ़ दिखाई देती है. जिस तरह वह राज से राजू बनते है, वह काबिल- ए- तारीफ़ है. उनकी डॉयलॉग डिलीवरी और स्क्रीन प्रेजेंस कमाल की है. सिर्फ तीन फिल्में कर चुकी सारा अली खान फिल्म में एक अनुभवी अदाकारा मालुम होती है. कम स्क्रीन स्पेस होने के बावजूद सारा अपना जादू दिखाने में कामयाब होती है. 

सारा के पिता के किरदार के लिए परेश रावल से बेहतर अभिनेता और कौन हो सकता है. सहायक कलाकार के रूप में शिखा तलसानिया, जावेद जाफ़री, साहिल वैद और राजपाल यादव फिल्म में चार चांद लगाते है. जबकि डेविड का निर्देशन संतोषजनक है. 

 रूमी जाफरी की पटकथा और फरहाद सामजी के संवाद समस्याग्रस्त हैं. फिल्म एक सभ्य नोट पर शुरू होती है लेकिन जल्द ही बेतुकी कॉमेडी में बदल जाती है. यह ओरिजिनल फिल्म को स्पर्श करने में भी असमर्थ होता है. रितेश सोनी की एडिटिंग अच्छी है.

 रवि के. चंद्रन की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को खूबसूरती से आगे बढ़ाती है. फिल्म के म्यूजिक के लिए सलीम-सुलेमान को एक्स्ट्रा मार्क्स. तनिष्क बागची ने म्यूजिक कम्पोज किया है और तीन गाने भी गाये है जो आपको पसंद आ सकते है. 

अगर आप ओरिजिनल फील देख चुकें है तो हो सकता है आपको यह फिल्म न पसंद आये लेकिन अगर आप वरुण धवन के फैन है तो आपको यह फिल्म जरुरु पसंद आएगी. 

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