Mentoo: 'रेप का आरोप मेरे करियर से ज्यादा मेरे दिमाग के लिए हानिकारक था': करण ओबेरॉय

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एक्टर करण ओबेरॉय करीब एक महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद 7 जून 2019 को बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर जेल से रिहा हुए थे. हाल ही में हुए एक लीडिंग डेली के साथ हुए इंटरव्यू में करण ने जेल के पीछे बिताए गए दिनों की आप बीती बताई.

करण ने कहा, 'मैं नहीं चाहता कि किसी को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल में डाल दिया जाए, क्योंकि उनके पास जमानत हासिल करने के लिए संसाधन नहीं हैं. अब मेरा मिशन इन कमजोर लोगों के लिए लड़ना है. मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि कोई भी इंसान पीड़ित नहीं होना चाहिए जैसे मै पीड़ित हुआ.   सिस्टम और उसकी प्रोसेस को बहुत सुधार की आवश्यकता है, और मैं इस सुधार के लिए लड़ूंगा. 

उन्होंने आगे कहा कि यह आरोप उनके करियर से ज्यादा उनके दिमाग के लिए हानिकारक था. वह इस आरोप के बावजूद हार नहीं मानेंगे. वह गायन, अभिनय, लेखन, और डायरेक्शन करते रहेंगे.

करण  के निर्देश पर उनके वकील दिनेश तिवारी ने पुलिस से उनकी 'घटिया जांच' के लिए स्पष्टीकरण भी मांगा है और अभियुक्त को स्पेशल ट्रीटमेंट देने पर भी सवाल उठाया है.  उन्होंने पुलिस को पत्र लिखकर यह भी पूछा है कि रिमांड आवेदन को किस तरीके से लिया गया जिससे अभियुक्त को फायदा पहुंचा है. 

बताते चले कि अभियुक्त महिला ने करण के खिलाफ मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में धारा 376 (बलात्कार) और 384 (जबरन वसूली) के तहत रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. लेकिन करण के सबसे अच्छे दोस्तों में से एक पूजा बेदी उनके जीवन के सबसे कठिन दौर में उनके साथ खड़ी रहीं, करण जब जेल से बेल पर रिहा हुए तो पूजा बेहद खुश हुई थी. साथ ही आरोप लगाने वाली महिला के गिरफ्तार होने के बाद भी पूजा ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर खुशी जाहिर की थी. 

(Source: The Times of India)

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