मेरा सफर आसान नहीं था क्यूंकि मैं एक कम सफल संगीतकार का बेटा था न कि अनु मलिक का- अमाल मलिक

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पीपिंगमून के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में अमान मलिक ने अपने पॉप डेब्यू 'तू मेरा नहीं', इंडस्ट्री में अपने स्ट्रगल और अपने अंकल अनु मलिक के नेफ्यू होने के बावजूद नेपोटिज्म डिबेट और सलमान खान की 'जय हो' के बाद असफलता देखने के बारे में बात की. 

अमाल ने कहा, 'बहुत लोगों को लगता है कि यह आसान है लेकिन अगर वो ऐसा सोचते है कि अरमान और अमाल की जर्नी बहुत आसान रही है क्यूंकि उनका सरनेम 'मलिक' है तो वह गलत है. क्यूंकि वह ऐसे कम्पोजर के बच्चे थे जो ज्यादा पॉपुलर नहीं थे. मेरे पापा बहुत टेलेंटेड है लेकिन उन्होंने गाने किये जो अच्छे चल रहे है. समय और नसीब भी इंडस्ट्री में काम करता है. उन्होंने वो स्टारडम नहीं देखा जो अनु अंकल ने देखा. उन्हें कभी किसी अवार्ड फंक्शन, पार्टी या फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं बुलाया जाता था. ऐसे कम्पोजर के बच्चों के लिए ऊंचाई छूना मुश्किल था. 

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काम की बात करें तो अमाल ने अपने पॉप संगीत की शुरुआत हाल ही में 'तू मेरा नहीं' गाने से की. अमाल ने 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया', 'एमएस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी', 'हीरो', 'कपूर एंड संस', 'गोलमाल 5', बार बार देखो, एयरलिफ्ट, बाघी, कबीर सिंह, दे दे प्यार दे, बिल्ला और 'सनम रे' जैसी फिल्मों के लिए हिट गाने दिए है.

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