अंग्रेजी मीडियम के लिए इरफान ने रिकॉर्ड किया था आखिरी ऑडियो, कहा था- 'जब जिंदगी नींबू थमा देती है न, तो....'

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इरफान का 54 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. इरफान पिछले दो साल से बीमारी से जूझ रहे थे और आखिरकार आज उन्होंने दुनिया से अलविदा कह दिया है. इरफान खान बॉलीवुड के उन सितारों में से हैं जिन्होंने दुनियाभर में अपनी एक्टिंग से धूम मचाकर रख दी और भारतीय सिनेमा को ग्लोबल स्तर पर लेकर गए. इरफान खान काफी समय से बीमारी से जूझ रहे थे. बीमार रहते हुए जैसे-तैसे उन्होंने अपनी फिल्म 'अग्रेजी मीडियम' की शूटिंग पूरी की थी. बीमारी की वजह से ही इरफान इस फिल्म का प्रमोशन भी नही कर सके थे. लेकिन उन्होंने अपने फैंस के लिए एक ऑडियो मैसेज जारी किया था. अपने इस आखिरी ऑडियो मैसेज में उन्होंने एक बड़ा संदेश भी दिया था. इरफान ने कहा था. 'सच में जब जिंदगी आपके हाथ में नींबू थमा देती है न तो शिकंजी बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है. इन हालातों में नींबू की शिकंजी बना भी पाते हैं या नहीं, ये आप पर निर्भर करता है.'

आखिरी ऑडियो मैसेज इरफान ने बोला था कि...
'हेलो भाईयों-बहनों नमस्कार. मैं हूं इरफान. मैं आज आपके साथ हूं भी और नहीं भी. खैर ये फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' बहुत खास है. सच बताउं, तो मेरी दिली इच्छा थी कि इस फिल्म को उतने ही प्यार से प्रमोट करूं, जितने प्यार से हमने इसे बानाया है. लेकिन मेरे शरीर के अंदर कुछ unwanted मेहमान बैठे हुए हैं, उनसे वार्तालाप चल रहा है. देखते हैं किस करवट उठ बैठता है. जैसा भी होगा आपको जानकारी दे दी जाएगी. एक कहावत है- When life gives you lemons, you make lemon immediately. बोलने में अच्छा लगता है, लेकिन सच में जब जिंदगी आपके हाथ में नींबू थमाती है न तो शिकंजी बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है. लेकिन पॉजिटिव रहने के अलावा आपके पास दूसरी च्वाइस भी किया है. इन हालातों में नींबू की शिकंजी बना भी पाते हैं या नहीं, ये आप पर निर्भर करता है. इस फिल्म को हम सभी ने उसी पॉजिटिविटी के साथ मनाया है, तो मुझे उम्मीद है कि ये फिल्म आपको सिखाएगी, हंसाएगी, रूलाएगी और फिर हंसाएगी शायद.'

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