शाहरुख, सलमान, आमिर और बॉलीवुड प्रोड्यूसर्स द्वारा मीडिया हाउसों के खिलाफ मुकदमा दायर करने पर खुश हुए नेटीजंस

By  
on  

आज, बॉलीवुड इंडस्ट्री के चार एसोसिएशन जिसमें प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, FWICE, CINTAA, स्क्रीनराइटर एसोसिएशन और 34 बॉलीवुड प्रोडक्शन हाउस शामिल हैं, ने रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी और प्रदीप भंडारी और टाइम्स नाउ के राहुल शिवकर और नविका कुमार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसका कारण उनके द्वारा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के खिलाफ गैर जिम्मेदाराना, अपमानजनक टिप्पणी की जानी है.

बॉलीवुड के लगभग सभी जाने माने प्रोड्यूसर्स इसमें शामिल हैं, जिसमे प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, द सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन, फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर कॉउन्सिल, स्क्रीनराइटर एसोसिएशन , आमिर खान प्रोडक्शंस, एड-लैब्स फिल्म्स, अजय देवगन Fफिल्म्स , अंडोलन फिल्म्स, अनिल कपूर फिल्म एंड कम्युनिकेशन नेटवर्क, अरबाज खान प्रोडक्शंस, आशुतोष गोवारिकर प्रोडक्शंस, बीएसके नेटवर्क एंड एंटरटेनमेंट, केप ऑफ गुड फिल्म्स, क्लीन स्लेट फिल्म्स, धर्मा प्रोडक्शंस, एम्मे एंटरटेनमेंट एंड मोशन पिक्चर्स, एक्सेल एंटरटेनमेंट, फ़िल्मक्राफ्ट प्रोडक्शंस, होप प्रोडक्शन, कबीर खान फिल्म्स, लव फिल्म्स, मैकगफिन पिक्चर्स, नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट, वन इंडिया स्टोरीज, आर एस एंटरटेनमेंट, राकेश ओमप्रकाश मेहरा पिक्चर्स, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट, रील लाइफ प्रोडक्शंस, रोहित शेट्टी पिक्चर्स, रॉय कपूर प्रोडक्शंस, सलमान खान वेंचर्स, सोहेल खान प्रोडक्शंस, सिख्या एंटरटेनमेंट, टाइगर बेबी डिजिटल, विनोद चोपड़ा फिल्म्स, विशाल भारद्वाज फिल्म, यशराज फिल्म्स का नाम शामिल है.

(यह भी पढ़ें: अपमानजनक टिप्पणी करने वाले मीडिया हाउसों पर बॉलीवुड ने किया पलटवार, 4 एसोसिएशन के साथ 34 प्रोड्यूसर्स ने दायर किया मुकदमा)

ऐसे में अब सोशल मीडिया यूजर्स और सेलेब्स इन कुछ न्यूज चैनलों के खिलाफ एक साथ आने और इस तरह के एक शक्तिशाली स्टैंड लेने के लिए बॉलीवुड की तारीफ कर रहे हैं. नीचे देखें सोशल मीडिया में यूजर्स द्वारा दिल खोलकर किये गए ट्वीट्स की झलक:

यह बताया गया है कि इन पत्रकारों को पहले दंडित किया गया था और फटकार लगाई गई थी और गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्ट और अपमानजनक कंटेंट के लिए अदालतों द्वारा उनके खिलाफ आदेश पारित किए गए थे. प्रोड्यूसर्स ने यह भी दावा किया है कि, उन्हें पहले गलत समाचार प्रसारित करने का दोषी पाया गया है.

इसके अलावा, यह आरोप लगाया गया है कि ये समाचार चैनल केबल टेलीविज़न नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 की धारा 5 के तहत बनाए गए प्रोग्राम कोड "खुलेआम धज्जियां" उड़ा रहे हैं, जो केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 6 में निहित है.

 

Recommended

Loading...
Share