PeepingMoon Exclusive: 'मैंने 2 महीने तक कई राउंड्स में 7 8 बार ऑडिशन दिया, तकरीबन 70 80 लोगों में मेरा सेलेक्शन हुआ: 'श्रीकांत बशीर' फेम युधिष्ठिर सिंह

By  
on  

सोनी लिव की एक्शन सीरीज 'श्रीकांत बशीर'  एक पुलिस वाला नियम और क़ानून के दायरे में काम करता है और दूसरा नियम तोड़कर काम करता है. दोनों का मक्सद एक है. बस तरीके दोनों के अलग-अलग हैं. सीरीज में बशीर का किरदार दिल्ली बेस्ड आईपीएल क्रिकेटर युधिष्ठिर सिंह ने निभाया है. अब आप सोच रहे होगे कि युधिष्ठिर तो एक क्रिकेटर है तो एक्टिंग की दुनिया में कैसे आ गए. दरअसल आईपीएल मैच खेलने के दौरान युधिष्ठिर को एक एक्सक्सिडेंट का सामना करना पड़ा था. और इंजरी से रिकवर होने में उन्हें लगभग 1 साल का टाइम लगा. इसके बाद युधिष्ठिर के लिए क्रिकेट की दुनिया में कम बैक करना थोड़ा मुश्किल था. वही युधिष्ठिर ने टाइम ना वेस्ट करते हुए अपनी राह बदल ली. वाक्य में युधिष्ठिर के जज्बे को सलाम है कि जब वह क्रिकेट की दुनिया में रहे तो वहां पर छाए रहे और जब एक्टिंग की दुनिया में आए, तो यहां पर भी धमाका कर दिया. पीपिंगमून के साथ युधिष्ठर सिंह ने प्रोफेशनल बातों से लेकर पर्सनल बातें की. इस दौरान युधिष्ठिर ने बताया कि उन्होनें क्रिकेटर से एक्टर बनने की पूरी जर्नी कैसे तय की और उन्हे अपना पहला ब्रेक कैसे मिला. 

Recommended Read: PeepingMoon Exclusive: 'मैं राज कुमार हिरानी का भक्त हूं, उनके साथ काम करना चाहता हूं': 'तांडव' फेम परेश पाहुजा

सवाल- आप एक प्रोफेशनल क्रिकेटर रह चुके है. तो एक क्रिकेटर से एक्टिंग की दुनिंया में कब और कैसे मुड़े ? 
जवाब- मैंने 15 साल तक प्रोफेशनली क्रिकेट खेला है. मैंने 2013 और 2014 के एंड तक क्रिकेट खेला है. दरअसर मुझे अपने क्रिकेट के करियर पर इसलिए ब्रेक लगाना पड़ा क्योंकि मुझे एक इंजरी हो गई थी. मैंने बहुत कम उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. वहीं आईपीएल खेलने के दौरान मुझे इंजरी हुई थी. उसके बाद उसे इंजरी से उभरना और फिर से कमबैक करना बहुत चैलेंजिंग था. मेरे कई ऐसे फ्रेंड्स थे जो इंडस्ट्री में काम करते थे. इन्हीं दोस्तों ने मुझे सलाह दी कि आप अगर अभी कुछ नहीं कर रहे हैं तो दिल्ली में एक थिएटर ग्रुप है आप उसको जॉइन कर लीजिए. जिस थिएटर ग्रुप को मैंने जॉइन किया वह अनुराग कश्यप द्वारा चलाया जा रहा था. फिर मैंने 1 साल तक थिएटर किया. मैंने लाइफ में पहली बार देखा कि स्टेज क्या होता है, इससे पहले मैं स्टेज पर सिर्फ ट्रॉफियां लेने गया था, लेकिन यहां पर मैंने जाना की एक्टिंग क्या होती है. वहां मैंने अपनी ट्रेनिंग के दौरान बहुत कुछ सीखा. तो वहां से मेरी फिल्म इंडस्ट्री की जर्नी स्टार्ट हुई. 
जब मैं पहली बार स्टेज पर गया तो मुझे क्रिकेट और स्टेज में बहुत समानताएं लगी क्योंकि जब एक क्रिकेटर पर जाता है तो सब कुछ उस पर डिपेंड होता है वह कैसे खेलता है क्या करता है सेम ऐसे ही एक एक्टर के साथ है सब कुछ उस पर डिपेंड है वो अपना काम कितने बेहतर ढंग से कर सकता है. जब मैंने स्टेज को जाना तो मुझे काम करने में बहुत मजा आने लगा. फिर जब मजा आने लगा तो काम करने की चाहत पैदा हुई. 

सवाल- आपकी Sony Liv की वेब सीरीज़ श्रीकांत बशीर को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इस प्रोजेक्ट से जुड़ने का मौका कैसे मिला. 
जवाब-  जब मैं थिएटर कर रहा था, मैंने कई जगह परफॉर्मेंस दी लेकिन उसके बाद भी मैं सीधा एक्टिंग में नहीं आया. कुछ टाइम के लिए मैंने डायरेक्टर निखिल आडवाणी को असिस्ट किया. Prisoners of War, लखनऊ सेंट्रल और The Mini Truck Show जैसे शोज में असिस्ट किया. ये मेरे लिए बड़ा लर्निंग एक्सपीरियंस रहा था. मैंने निखिल आडवाणी जी के साथ लगभग एक साल काम किया. निखिल जी के सेट पर मैंने पहली बार फिल्म का कैमरा देखा, और मैंने जाना कि फिल्म शूट कैसे होती है उससे पहले मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. इस दौरान मैंने बहुत काम किया दिन के 18 18 घंटे हम काम करते थे. मैं अपने आप को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे कैमरे के आगे काम करने से पहले कैमरे के पीछे खड़े होकर काम सीखने का मौका मिला. यह मेरी लाइफ का लर्निंग एक्सपीरियंस था. उस दौरान में साइड बाय साइड ऑडिशंस भी देता था. मुकेश छाबरा कास्टिंग कंपनी है, वहां पर श्रीकांत बशीर की कास्टिंग हो रही थी. इंदु शर्मा एक फेमस कास्टिंग डायरेक्टर है उन्होंने मुझे कॉल किया और मुझे ऑडिशन देने के लिए कहा. मैंने 2018 में इस सीरीज के लिए ऑडिशन दिया था. मेरा ऑडिशन लगभग 2 महीने तक चला. कई राउंड्स में 7 8 बार मेरा ऑडिशन हुआ. तकरीबन 70 80 लोगों का टेस्ट हुआ इन सब में से मुझे सेलेक्ट किया गया. 2018 मार्च में मुझे पता लगा कि मैं अपने किरदार के लिए लॉक हो गया हूं.

सवाल- सीरीज 'श्रीकांत बशीर' में आपने अपने किरदार के लिए कोई खास तैयारी की ?
जवाब- यह बहुत लंबी सीरीज है, सीरीज में 26 एपिसोड्स है. वैसे सच कहूं तो जब मैंने पहली बार इस स्क्रिप्ट पढ़ी थी, तो मुझे ऐसा लगा कि मैं इस कैरेक्टर में रंग चुका हूं, क्योंकि मैंने इस सीरीज के लिए बहुत ऑडिशन दिए थे तो जो सीरीज में जो मेरा कैरेक्टर है बशीर का वह मेरे अंदर आ चुका था, तो मुझे इस किरदार के लिए कुछ अलग से प्रिपरेशन नहीं करनी पड़ी. बशीर का किरदार बहुत चैलेंजिंग था लेकिन कहीं ना कहीं मेरे और उसके अंदर बहुत समानताएं थी क्योंकि बशीर बहुत डिसिप्लिन और डिफिकल्ट कैरेक्टर था और मैं भी स्पोर्ट्स बैकग्राउंड से था तो मैं भी बहुत डिसिप्लिन रहा हूं. तो जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी तो मुझे लगा वह कैरेक्टर में ही हूं.  यह बहुत एक्सपेंसिव सीरीज थी. सलमान खान में सीरीज को प्रोड्यूस किया है. यह सोनी का प्रोजेक्ट था. इस प्रोजेक्ट के लिए बहुत बड़े-बड़े एक्टर्स ने ऑडिशन दिए थे लेकिन मेरा सेलेक्शन हुआ. तो मैं मानता हूं मेरा सेलेक्शन इसलिए हुआ क्योंकि बशीर और युधिष्ठिर मैं काफी समानताएं थी.


 

Recommended

Loading...
Share