PeepingMoon Exclusive: 'अब पॉजिटिव और नेगेटिव रोल्स से फर्क नहीं पड़ता है, एक कलाकार की पहचान उसकी एक्टिंग से होती है':  फ्रेडी दारूवाला  

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बॉलीवुड के सबसे गुड लुकिंग औक चार्मिंग 'विलेन' फ्रेडी दारूवाला  ने 'हॉलीडे: अ सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी', 'कमांडो 2',  'फोर्स 2' और 'रेस 3' जैसी फिल्मों में बेहतरीन काम कर अपनी पहचान बनाई है. हाल में फ्रेडी ने पीपिंमून के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान फ्रेडी ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत से लेकर अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट पर बात की है. 
 

सवाल- फ्रेडी सबसे पहले तो ये बताइए कि ये जो टैग आपको मिला है मोस्ट गुड लुकिंग पर्सनालिटी का इसे कैसे देखते है ?
जवाब- हां यह फीलिंग अच्छी होती है अगर इंडस्ट्री में आपको कोई टैग मिलता है तो इसका मतलब लोगों ने आपके काम को देखा और नोटिस किया. एक एक्टर के लिए इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है.

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सवाल- आपने अपनी एक्टिंग जर्नी की शुरुआत कैसे और कहा 
जवाब- मैं छोटे शहर से हूं. मैंने इलेक्ट्रॉनिक से पढ़ाई की है उसके बाद एमबीए किया है. उसके बाद मुझे लगा मुझे मॉडलिंग करनी है फिर मैं मॉडलिंग करने मुंबई आया. फिर उसके बाद मैंने मिस्टर इंडिया कंपटीशन जीता था. उसके बाद मैंने बॉलीवुड के कई कैंपेन में हिस्सा लिया. फिर मैं फैशन इंडस्ट्री में चला गया. उसके बाद मैंने फैशन इंडस्ट्री में वो सब किया जो मैं करना चाहता था. फिर एक टाइम के बाद मुझे लगा कि यहां कुछ ज्यादा करने को अब बचा नहीं है. उसके बाद मैंने एक्टिंग मैं कैरियर बनाने का सोचा. मैं स्कूल टाइम से एक्टिंग से काफी जुड़ा हुआ था. स्कूल टाइम से लेकर फैंशन इंडस्ट्री तक मैंने काफी एक्टिंग की थी, तो मुझे एक्टिंग का अनुभव था. पर फिर में अपने अभिनय को निखारने के लिए मैंने एक्टिंग स्कूल ज्वाइन किया. क्योंकि जैसे हर किसी चीज में परफेक्शन के लिए अभ्यास की जरूरत है तो एक्टिंग के लिए भी बहुत अभ्यास की जरूरत है. मैंने शुरुआत में क्लासेज लेने के साथ-साथ बहुत वर्कशॉप भी किए है. उसी दौरान में कई ऑडिशंस भी देता था. मुझे अपनी पहली फिल्म हॉलीडे अपनी ऑडिशन की वजह से मिली थी. बस यही है धीरे-धीरे काम मिलता गया और कारवां बनता गया. 

सवाल- आप एक  आउटसाइडर है, एक आउटसाइडर होने के नाते आपको क्या लगता है  इंडस्ट्री को किसी बदलाव की जरूरत है ?
जवाब- मुझे लगता है कि लोगों को नए टैलंट के लिए काफी ईमानदार होना चाहिए और उनमें विश्वास जताना चाहिए. फिल्म इंडस्ट्री में ऐक्टर्स का चुनाव ज्यादातर प्रड्यूसर्स और डायरेक्टर्स करते हैं लेकिन सभी को यहां अपने मन की बात रखने का अधिकार है. यहां ऑडियंस का फैसला आखिरी रहता है, कोई उन्हें जबरन फिल्म नहीं दिखा सकता है. उदाहरण के लिए आदित्य चोपड़ा इस समय बॉलिवुड के सबसे बड़े प्रड्यूसर्स में से एक हैं फिर भी उदय चोपड़ा एक्टिंग में अपनी जगह नहीं बना सके. इसलिए यहां चीजें केवल नेपोटिजम से नहीं चल रही हैं. यहां सब कुछ ऑडियंस के हाथ में है और वही स्टार्स बनाते हैं.

सवाल- फिल्म 'द इनकंप्लीट मैन' में आप एक पॉजिटिव रोल में. इसमें अपने किरदार के बारे में बताएये, नेगिटिव किरदार से पॉजिटिव  किरदार 
अभी जो दौर चल रहा है, ये दौर फिल्म इंडस्ट्री के लिए सबसे बेस्ट दौर में से एक है. अभी नेगेटिव और पॉजिटिव किरदार से कोई फर्क नहीं पड़ता. अभी सिर्फ परफेक्शन से फर्क पड़ता है. आप अपनी एक्टिंग में कितने माहिर है लोग यह देखना चाहते हैं. अब संभावनाएं बहुत बढ़ गई हैं. आप सुनील ग्रोवर को देखिए, पहले उन्होंने ' द कपिल शर्मा शो' में गुत्थी बनके सबको हंसाया था और हाल ही में उनकी रिलीज हुई सीरीज तांडव में उन्होंने अपनी सीरियस एक्टिंग से सबको चौका दिया. ऑडियंस कभी माइंडसेट चेंज हो चुका है. ऑडियंस को लगता है कि एक एक्टर की एक्टिंग अच्छी होनी चाहिए बस. वैसे एक कलाकार जब पॉजिटिव से नेगेटिव में जाता है या हॉरर से कॉमेडी या ड्रामा में जाता है, तो आपको अपनी एक्टिंग को स्विच करना पड़ता है. यह आप पर डिपेंड होता है कि आप अपने रोल को किस तरीके से करते हैं आप अपनी टाइमिंग अपने एक्सप्रेशंस से कैसे ऑडियंस को इंप्रेस करते हैं. 

सवाल- फिल्म 'द इनकंप्लीट मैन' में अपने किरादार के बारे में बताएये ?
जवाब- फिल्म में मेरा किरदार रियलिटी के बहुत नजदीक है. जैसा मैं रियल लाइफ में हूं, बिल्कुल ऐसा ही मेरा किरदार है. फिल्म में मेरा किरदार एक छोटे शहर के एक व्यक्ति का है. ये रोल काफी अलग है बाकी के रोल से. वो एक पुलिस वाला है. इसकी लाइफ में इंसानियत और लॉ एंड ऑर्डर दोनों ही बहुत महत्व रखता है. उसकी लाइफ में एक मोड़ ऐसा आता है कि जब उसे लॉ एंड ऑर्डर और लाइफ की वैल्यूज में से किसी एक को सेलेक्ट करना पड़ता है.

सवाल- सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश के बारे में बताइए क्या रोल है आपका 
जवाब- इस बीच में मुझे काम करने में बहुत मजा आ रहा है मेरे पास जितने प्रोजेक्ट है सबमें मेरा बहुत अलग-अलग किरदार है. इस सीरीज में भी मैं बहुत इंटरेस्टिंग कैरेक्टर प्ले कर रहा हूं. अभी मैं आपको अपने किरदार की बहुत ज्यादा डिटेल नहीं दे सकता हूं पर हां इतना कह सकता हूं आपको यह किरदार देखने में बहुत मजा आने वाला है. इससे पहले आपने मुझे इस तरीके के किरदार भी नहीं देखा था.

सवाल-  विद्युत जामवाल के साथ आप लगातार काम कर रहे हैं. Commando 3 में आप दोनों साथ दिखेंगे. विद्युत और अपनी बॉंडिंग के बारे में बताइए ?
जवाब- मैं और विद्युत एक दूसरे को तकरीबन 10 साल से जानते हैं. मॉडलिंग डेज से हम दोनों एक दूसरे को जानते हैं. मैं उसकी बहुत रेस्पेक्ट करता हूं और बहुत प्यार भी करता हूं. वो एक ऐसा इंसान है कि जब भी मैं कहीं ना कहीं विक फिल करता हूं, वो मेरे साथ खड़ा रहता है. वो हमेशा अपनी धुन में रहता है. अपना काम करता रहता है. उसको किसी से ज्यादा कुछ लेना देना नहीं है. मुझे उसमें ये चीज बहुत पसंद है.


 

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