PeepingMoon Exclusive: डायरेक्टर डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने किया खुलासा, महाकाव्य 'पृथ्वीराज रासो' पर बेस्ड है अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर स्टारर 'पृथ्वीराज'

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डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी में निश्चित तौर पर पाथ-ब्रेकिंग बुक्स को एडाप्ट करके शानदार सिनेमा बनाने की काबिलियत है. उन्होंने 'पिंजर', 'मोहल्ला अस्सी' जैसे शानदार प्रोजेक्ट्स के साथ आइकॉनिक टेलीविजन शो चाणक्य को भी डायरेक्ट किया था. वहीं फिल्ममेकर इस समय अपने अगले प्रोजेक्ट पृथ्वीराज को लेकर व्यस्त हैं. अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर स्टारर ये प्रोजेक्ट को लेकर डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने एक खुलासा किया है. विश्व पुस्तक दिवस पर उन्होंने खुलासा किया कि ये प्रोजेक्ट एक महाकाव्य पृथ्वीराज रासो से इंस्पायर्ड है.

 डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि, 'पृथ्वीराज भी मुख्य रूप से मध्यकालीन साहित्य पर आधारित है. पृथ्वीराज रासो हिन्दी भाषा में लिखा गया एक महाकाव्य है, जिसमें पृथ्वीराज चौहान के जीवन-चरित्र का वर्णन किया गया है. यह कवि चंदबरदाई की रचना है, जो पृथ्वीराज के अभिन्न मित्र तथा राजकवि थे. इसमें दिल्लीश्वर पृथ्वीराज के जीवन की घटनाओं का विशद वर्णन है. यह एक विशाल महाकाव्य है. यह तेरहवीं शती की रचना है.' 

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डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि पृथ्वीराज को बनाने के लिए उन्हें योद्धा राजा पर गहन शोध करना होगा. उन्होंने बताया कि, 'मैं इस गहन शोध करने में उस दुनिया में जाने में आनंद मिलता है. मुझे भारत के महान नायकों और उनके समय के अज्ञात और उस दुनिया में प्रवेश करने की प्रक्रिया को मैं जीता हूं. यह अपने समय में इन महान पात्रों के साथ संवाद करने जैसा होता है. मुझे यकीन है कि अधिकांश लेखकों ने इस घटना का अनुभव किया होगा.' 

डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने आगे कहा कि, 'कहानी के अलावा, मुझे आर्ट, पुरातत्व, वेशभूषा, भौतिक संस्कृति और जो हिस्टोरिकल डेटा उपलब्ध है उससे बहुत प्यार है.  दूसरे शब्दों में, मुझे अपने समय के युग और व्यक्तित्व को फिर से रिक्रिएटल करने के  लिए एक साहित्यिक कार्य या ऐतिहासिक कथा के पन्नों में पुरातात्विक अन्वेषण और उत्खनन करना पसंद है. यह मुझे एक कलाकार के रूप में बहुत खुशी और संतुष्टि देता है जो सिनेमा के कैनवास को रोशनी और कैमरे के साथ चित्रित करना पसंद करता है.'

 

फिल्ममेकर का मानना है कि पृथ्वीराज जैसे महान योद्धाओं की कहानियां आज के समय में बेहद जरूरी हैं, क्योंकि आज के दौर में अच्छाई लगातार बुराई के साथ लड़ाई करती दिखती है. उन्होंने कहा, “मैं पृथ्वीराज जैसे किरदारों को युवा दर्शकों को ध्यान में रखकर नहीं बनाता हूं. मैं उन्हें सिनेमा के लिए अपने विषय के रूप में चुनता हूं क्योंकि वे हमारे समय और आने वाले समय के लिए बेहद जरूरी है. वे महान ऐतिहासिक पात्रों की आकाशगंगा में चमकते हुए सितारे हैं जो आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे.'
 

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