Birthday Special: 'रॉकेट सिंह' हो या 'तमाशा', रणबीर कपूर ने अपनी इन पांच फ्लॉप फिल्मों में भी दिखाया एक्टिंग का हुनर

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अपनी एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले बॅालीवुड एक्टर रणबीर कपूर का 28 सितंबर को अपना 38वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. दिवंगत कलाकार ऋषि कपूर और दिग्गज एक्ट्रेस नीतू कपूर के बेटे रणबीर ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत साल 2007 में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'सांवरिया' से की थी. फिल्म में उनके साथ सोनम कपूर नजर आई थी. बॅाक्स ऑफिस पर इस फिल्म का कुछ खास जादू नहीं चल पाया था. पर हां इन 13 सालों में उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में कीं और कई फिल्मों में उनकी एक्टिंग को काफी सराहना भी मिली. हालांकि, कई बेहतरीन फिल्मों के साथ रणबीर की कई अच्छी फिल्में फ्लॉप भी रही पर फ्लॉप फिल्मों में भी रणबीर की एक्टिंग की तारीफ हमेशा हुई है. रणबीर अपने हर किरदार में जान डालने में माहिर हैं. फिल्म भले ही हिट रहे या फ्लॉप रणबीर ने हर बार अरनी बेहतरीन एक्टिंग का कमाल दिखाते हुए हर तरफ से तारीफ पाई हैं. आज हम रणबीर के जन्मदिन के मौके पर एक्टर की ऐसी ही पांच फ्लॉप फिल्मों के बारे में बताएंगे, जिसमें रणबीर के शानदार काम ने फैंस का दिल जीता.

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फिल्म- सांवरिया (2007)
डायरेक्टर संजय भंसाली ने रणबीर कपूर को अपनी फिल्म 'सांवरिया' से ब्रेक दिया जिसने उन्हें बेस्ट डेब्यू मेल का अवार्ड दिलाया. इस फिल्म में रणबीर कपूर ने अपने एक्टिंग के दम पर सबका दिल जीत लिया और रणबीर धीरे-धीरे सबके फेवरेट बनते चले गए. इसी फिल्म से अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर ने भी डेब्यू किया था. फिल्म में दोनो की जोड़ी को खूब सराहा गया.

फिल्म- रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द इयर (2009)
डायरेक्टर शिमीत अमीन की इस फिल्म ने ये मैसेज दिया था कि बिना रिश्वत दिए, बिना भ्रष्ट हुए, अपनी मेहनत और लगन के जरिये भी सफलतापूर्वक व्यापार किया जा सकता है. फिल्म में रणबीर ने हरप्रीत सिंह बेदी का किरदार निभाया है. जो 38.72 प्रतिशत नंबरों से ग्रेजुएट हुआ है और उसने फैसला कर लिया है कि वह सेल्स की दुनिया में जाएगा. अब हर कोई तो डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन सकता. कम्प्यूटर बेचने वाली कंपनी एट योअर सर्विस (एवायएस) में वह इंटरव्यू देने जाता है. उससे कहा जाता है कि वह अपने आपको बेचकर दिखाए, जिसमें हरप्रीत असफल हो जाता है.  लेकिन कंपनी के मालिक को उसमें उसे दम नजर आता है और हरप्रीत को नौकरी मिल जाती है. पहली बार कम्प्यूटर बेचने हरप्रीत एक बड़ी कंपनी में जाता है और वहाँ काम करने वाला कर्मचारी उससे अपना कमीशन माँगता है. ईमानदार हरप्रीत को यह बात अखरती है और वह उसके खिलाफ शिकायत कर देता है. यह बात हरप्रीत के बॉस को नाराज करने देने के लिए काफी थी, जो उसे बेहद जलील करते हुए ‘जीरो’ कहता है. साथ काम करने वाले कर्मचारी उसे कागज के रॉकेट मारकर चिढ़ाते हैं. एक दिन हरप्रीत को दो कम्प्यूटर सप्लाय करने का ऑर्डर मिलता है, जो वह व्यक्तिगत रूप से बेच देता है. उसे तब पता चलता है कि उसकी कंपनी अपने ग्राहकों को कितना लूट रही है. वह कंपनी के समानांतर अपनी कंपनी ‘रॉकेट सेल्स कॉर्पोरेशन’ बना लेता है, जिसमें वह कुछ और कर्मचारियों को शामिल कर लेता है. हरप्रीत की कंपनी कम मुनाफा, बेहतर सर्विस और ईमानदारी के साथ काम करती है और एवायएस कंपनी को टक्कर देती है. आखिर में हरप्रीत और उसके साथियों का भेद खुल जाता है और उनकी कंपनी को हरप्रीत का बॉस सुनील पुरी खरीद लेता है. हरप्रीत बेचारा सड़क पर आ जाता है, लेकिन उसके बनाए ग्राहक सुनील की कंपनी से संतुष्ट नहीं होते. अंत में वह हरप्रीत से अपनी हार मानकर उसकी कंपनी लौटा देता है. फिल्म में रणबीर का अभिनय काफी निखर कर सामने आया था. हरप्रीत के किरदार को उन्होंने बेहतरीन तरीके से समझकर पर्दे पर पेश किया था. वे रणबीर कम और हरप्रीत ज्यादा लगे थे.


फिल्म- तमाशा (2015)
रणबीर और दीपिका पादुकोण की ये साथ में तीसरी फिल्म थी. फिल्म लोगों को समझ नहीं आयी इस लिए ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली. लेकिन कई सालों बाद इस फिल्म को जिसने में देखा बहुत पसंद किया. फिल्म के इमोशनल सीन्स में रणबीर ने अपनी एक्टिंग से लोगों को रूला दिया था. फिल्म में वेद (रणबीर कपूर) एक ट्रीप पर तारा (दीपिका पादुकोण) से मिलते है. दोनों का जिंदगी जीने का नजरिया और मस्ती करने का तरीका एक जैसा होता है. वेद और तारा की आपस में खूब बनती है लेकिन दोनों में यह करार होता है कि दोनों एक-दूसरे को अपना असली नाम नहीं बताएंगे न ही ट्रीप के बाद कभी मिलने की ख्वाहिश रखेंगे. कहते है कि जब कोई किसी चीज को न करने के लिए कहता है सबसे ज्यादा इच्छा उसी काम को करने की होती है. फिल्म में भी ऐसा होता है. तारा, वेद की पर्सनालिटी से काफी प्रभावित होती है और देखते ही देखते वेद को पसंद करने लगती है वह अपने ट्रीप की लास्ट डेट पर वेद को किस करके चली जाती है. तारा के मन में वेद होते है इस लिए वह किसी और के साथ नहीं रहती. एक दिन दिल्ली मे तारा की मुलाकात वेद से होती है। दोनों की मुलाकातें बढ़ती है और वह दोनों एक दूसरे को डेट करने लगते है. तारा को वही वेद चाहिए था जो ट्रीप पर मिला था लेकिन वेद असल जीवन में वैसा नहीं था वेद दोहरा जीवन जीता था. दिल्ली में वेद वेल डिसिप्लिन, एक जैसा जीवन जीता था. तमाशा में वेद और तारा बिलकुल एक जैसे नहीं होते इस लिए तारा वेद के जीवन से चली जाती है लेकिन तारा वेद को हर्ट नहीं करना चाहती. वेद अपने दोहरे चरित्र से फिल्म में लड़ते दिखाए गये है.

फिल्म- बॉम्बे वेलवेट (2015)
अनुराग कश्यप की इस फिल्म में रणबीर कपूर के साथ अनुष्का शर्मा ने लीड रोल निभाया था. फिल्म की कहानी कुछ ऐसी थी कि, देश को नई-नई आजादी मिली है. रणबीर कपूर बंबई आते है. यह उस दौर का बंबई है, जब आजादी के बाद उद्योग से लेकर अपराध की दुनिया तक हर जगह कुछ न कुछ उथल-पुथल हो रही थी. उसे कुछ बड़ा करना है और वह अपराध की दुनिया से रू-ब-रू होता है. वह पैसा कमाने के लिए स्ट्रीट फाइटर बनता है. उसकी मुलाकात अनुष्का से होती है और दोनों में इश्क परवान चढ़ने लगता है. कहानी में टर्न उस वक्त आता है, जब उसकी मुलाकात कैजाद खम्बाटा ( करण जौहर) से होती है. एक बैंक में कुछ मोटा हाथ मारने की चाहत में पहुंचा बलराज कैजाद के नोटों से भरे बैग पर हाथ साफ करना चाहता है, मगर उसका दांव उलटा पड़ता है कैजाद अपराध की दुनिया में ऐसा नाम है जो मुनाफे के लिए कुछ भी कर सकता है. अपना काम निकलवाने के लिए उसे अपनी खूबसूरत बीवी को मिनिस्टर साहक के पास भेजना भी मंजूर है. कैजाद की नजर सरकार की उस प्लानिंग पर है, जिसके अनुसार मुंबई एक छोटे से शहर में देश का बड़ा बिज़नस हब बनने वाला है. कैजाद अपनी प्लान को पूरा करने के लिए बलराज का इस्तेमाल करता है. फिल्म मे टपोरी, गुस्सैल जॉनी के किरदार में रणबीर ने बेहतरीन काम किया था.

फिल्म- जग्गा जासूस (2017)
अनुराग बसु द्वारा डायरेक्ट की गई इस फिल्म में रणबीर कपूर के साथ  कैटरीना कैफ, शाश्वत चटर्जी, सौरभ शुक्ला लीड रोल में था. फिल्म में जग्गा (रणबीर कपूर) हकलाने वाला बच्चा है. उसकी जिंदगी में टूटी-फूटी उर्फ बादल बागची (शाश्वत चटर्जी) नाम के पितातुल्य व्यक्ति की एंट्री होती है. टूटी-फूटी जग्गा को पालते-पोसते हुए एक दिन अनाथ बच्चों के स्कूल में भर्ती करा के गायब हो जाता है. फिर हर साल बर्थ डे पर जग्गा के पास शुभकामनाओं और जिंदगी जीने के तरीके बताने वाले टूटी-फूटी के वीडियो संदेश आते हैं. बड़े हो चुके जग्गा के पास एक बर्थ डे पर वीडियो नहीं आता. फिर जग्गा इन सवालों से पर्दा उठाने में जुट जाता है कि आखिर टूटी-फूटी कहां है. जर्नलिस्ट श्रुति सेनगुप्ता (कैटरीना) उसकी मदद करती है. जग्गा जासूस पूरी तरह रणबीर कपूर की फिल्म थी, जिन्होंने 18 साल के बच्चे के रोल में कमाल की ऐक्टिंग की थी. खासकर हकले के रोल में गाकर अपनी बात बताते वक्त वह अच्छे लगे थे. यह एक अलग जॉनर की फिल्म थी, जो कि बॉलिवुड की रूटीन मसाला फिल्मों से पूरी तरह अलग थी.

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