इंडियाज मोस्ट वांटेड रिव्यू: देशभक्ति, जज्बे और जोश की असल कहानी है अर्जुन कपूर की यह फिल्म

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फिल्म: इंडियाज मोस्ट वांटेड
कास्ट: अर्जुन कपूर, सुदेव नायर, अमृता पुरी, राजेश शर्मा
निर्देशक: राज कुमार गुप्ता

इस शुक्रवार रिलीज होने वाली राज कुमार गुप्ता की थ्रिलर फिल्म 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' से जुडी कुछ बातें आपको पहले से ही हम बता देते हैं. दरअसल, यह कोई जासूसी फिल्म नहीं है. साथ ही इस फिल्म में कोई हीरोइन भी नहीं है. अगर आप फिल्म में किसी देशभक्ति से भरे गाने की उम्मीद कर रहे हैं, तो आपको उसकी जगह सिर्फ वंदे मातरम ट्रैक सुनाने मिलेगा जो कि किसी के भी जोश को बढ़ाने के लिए काफी है. दूसरी तरफ फिल्म में आपको रियल स्टोरी पर बनी फिल्मों में मोस्ट वांटेड आतंकवादी को गिरफ्तार करने के लिए दिखाए गए इंटेलिजेंस ब्यूरो मिशन के एक्शन्स सीन्स भी नहीं देखने मिलेंगे. लेकिन इस तरह से 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' को लिखने और निर्देशित करने वाले गुप्ता ने फिल्म को ज्यादा से ज्यादा रियल रखने की कोशिश की है. और अगर आप हमारे आईबी ऑपरेटिव प्रभात कपूर (अर्जुन कपूर) से जेम्स बॉन्ड, जेसन बॉर्न, एथन हॉक और जेंडर केज जैसे होने की उम्मीद रख रहे हैं, तो यहां भी आपके हाथ निराशा लगेगी.

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इस फिल्म की कहानी इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक यासीन भटकल को पकड़ने के लिए 2013 के आतंकवाद विरोधी मिशन पर आधारित है. इस्लामिक आतंकवादी समूह का बेहद खूंखार नेता, जो देश में कई बम विस्फोटों के लिए ज़िम्मेदार था, जिसमे सैकड़ों लोगों की जान चली गयी थी. आपको बता दें कि इस इस्लामिक आतंकवादी समूह के नेता को नेपाल में नाटकीय रूप से पकड़ कर भारत लाया गया था, जिसके बाद उस पर मुकदमा चलाया गया और फिर उसे मौत की सजा सुनाई गई. जिसके बाद सभी के लिए यह बात सवाल बन गया कि यासीन को असल में किसने पकड़ा. क्या उसे पकड़ने वाली नेपाल पुलिस थी जिसके बारे में विकिपीडिया पर दावा किया गया था? या फिर उसे भारतीय खुफिया विभाग ने ट्रैक किया था और इंटेलिजेंस ब्यूरो के साथ मिलकर नेपाल के अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किया गया था? निर्देशक राजकुमार गुप्ता की कहानी में कोई संशय नहीं है, उस दौर के भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी को भारतीय इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा नेपाल पुलिस के दखल के बावजूद गिरफ्तार किया गया था. साथ ही साथ पाकिस्तानी आई.एस.आई को आतंकवादी यासीन को देश निकाला करने के आदेश भी दिए गये थे.

एक बार आप कहानी जान जाएंगे उसके बाद आपके लिए फिल्म में कोई रियल सस्पेंस नहीं बचेगा. लेकिन इस  फिल्म में मौजूद रोमांच के कारण उसके हर एक सीन को देखना आप पसंद करेंगे. फिल्म के क्लाइमेक्स में आईबी की टीम द्वारा भारत-नेपाल सीमा पार कर यासीन को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपने के सीन को दिखाते हुए इसे मजेदार बनाया गया है. फिल्म में आप अर्जुन कपूर का एक अलग जोश देखेंगे लेकिन वह आपको बंदूक चलते नजर नहीं आएंगे. दरअसल इसकी वजह उस समय नेपाल में बंदूक ले जाने का लाइसेंस ना होना है. लेकिन इस कहानी को अच्छी तरह से जानने और उस दौरान हुए हर एक चीज को अच्छी तरह से महसूस करने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी. यह एक अच्छी फिल्म है, जिसे आप बहुत एन्जॉय करेंगे. 

पीपिंगमून 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' को देता है  3.5 मूंस 

(Source: PeepingMoon)

 

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