रजनीकांत को मिलेगा 51वां दादा साहब फाल्के पुरस्कार, फिल्मी दुनिया के सबसे बड़े सम्मान से किया जाएंगा सम्मानित

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दक्षिण फिल्मों के सुपरस्टार थलाइवा रजनीकांत को फिल्मी दुनिया का सबसे बड़ा अवार्ड दादा साहेब फाल्के अवार्ड मिलेगा. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने इसकी घोषणा की है. उन्होंने बताया है कि रजनीकांत को 51वां दादा साहब फाल्के अवार्ड तीन मई को दिया जाएगा. दादा साहब फाल्के को भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड माना जाता है.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने कहा, 'सिनेमा में शानदार योगदान के लिए अभी तक ये अवार्ड 50 बार अलग-अलग हस्तियों को दिया जा चुका है. अब 51वां अवार्ड सुपरस्टार रजनीकांत को दिया जाएगा. इस अवार्ड के लिए रजनीकांत के चयन से देश को खुशी मिलेगी. रजनीकांत बीते 5 दशक से सिनेमा पर राज कर रहे हैं. इस साल ये सेलेक्शन ज्यूरी ने किया है. इस ज्यूरी में आशा भोंसले, मोहनलाल, विश्वजीत चटर्जी, शंकर महादेवन और सुभाष घई जैसे कलाकार शामिल रहे हैं.'

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प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा, 'रजनीकांत ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन से ये स्थान लोगों के दिल में जमा लिया है. ये उनका सही गौरव है. दादा साहब फाल्के अवॉर्ड इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दादा साहब फाल्के ने पहला सिनेमा 1913 में राजा हरिशच्रंद बनाया था. तो उस राजा हरिशचंद्र सिनेमा के बाद ये पहले चित्रपट महर्षि कहलाने लगे और दादा साहब फाल्के की मृत्यु के बाद ये अवॉर्ड उनके नाम से रखा गया और आजतक 50 बार ये अवॉर्ड दिया गया है.' 

12 दिसंबर 1950 को रजनीकांत का जन्म बेंगलुरू के मराठी परिवार में हुआ था. गरीब परिवार में जन्मे रजनीकांत ने अपनी मेहनत और कड़े संघर्ष की बदौलत टॉलीवुड में ही नहीं बॉलीवुड में भी काफी नाम कमाया. साउथ में तो रजनीकांत को थलाइवा और भगवान कहा जाता है. रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है. रजनीकांत ने एक से बढ़कर एक फिल्में की हैं. साउथ से लेकर बॉलीवुड तक उनका जलवा कायम है. अपनी दमदार एक्टिंग और सिग्नेचर स्टाइल से उन्होंने लोगों को अपना दीवाना बना लिया. उनका सिगरेट को फ्लिप करने का अंदाज हो या सिक्का उछालने का यूनिक स्टाइल हो या चश्मा पहनने और हंसने का अंदाज सभी को काफी पसंद किया गया. 

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