'तांडव' सीरीज को लेकर कंगना रनौत ने दिया विवादित बयान, फिर पोस्ट डिलीट कर देनी पड़ी सफाई

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एक्ट्रेस कंगना रनौत ने वेब सीरीज 'तांड़व' के डायरेक्टर अली अब्बास जफर के माफीनामे के खिलाफ सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी. हालांकि, उन्होंने इस पोस्ट को बाद में डिलीट कर दिया. दरअसल कंगना ने इस पोस्ट में दिए गए सिर काटने वाले बयान पर विवाद के बाद डिलीट किया. इसके बाद कंगना ने अपने इस डिलीट किए गए पोस्ट में सिर काटने वाले बयान पर एक पोस्ट शेयर कर सफाई दी, पर बाद में एक्ट्रेस ने उस पोस्ट को भी डिलीट कर दिया.

डिलीट किए गए पोस्ट में कंगना ने लिखा था, 'क्योंकि यहां तक कि भगवान कृष्ण ने भी शिशुपाल की 99 गलतियों को माफ कर दिया था. पहले शांति फिर क्रांति। अब उनके सिर काटने का समय है, जय श्री कृष्ण.'


कंगना ने अपने बयान पर सफाई देते हुए लिखा, "जो लिब्रु डर के मारे मम्मी की गोद में रो रहे हैं, वो ये पढ़ लें मैंने तुम्हारा सिर काटने के लिए नहीं कहा, इतना तो मैं भी जानती हूं की इंसेक्ट्स या वर्म्ज के लिए पेस्टिसाइड चाहिए होता है.' 

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वहीं इससे पहले कंगना ने पहले अली अब्बास जफर के माफीनामे के खिलाफ कई पोस्ट शेयर की थी. तब उन्होंने लिखा था, "माफी मांगने के लिए बचेगा कहां? ये तो सीधा गला काट देते हैं. जिहादी देश फतवा निकाल देते हैं. लिब्रू मीडिया वर्चुअल लिंचिंग कर देती है, तुम्हें ना सिर्फ जान से मार दिया जाएगा बल्कि उस मौत को भी जस्टिफाई किया जाएगा, बोलो अली अब्बास जफर है हिम्मत अल्लाह का मजाक उड़ाने की?"

इससे पहले भी कंगना ने एक पोस्ट शेयर कर लिखा था, "गद्दारी और वफादारी खून में भी होती है. मुझे खुशी है कि मैं उन योद्धाओं के यहां पेदा हुई हूं, जो अखंड भारत की अखंडता के लिए लड़े थे. यहां तक कि अगर मैं हिंदू नहीं होती, तो भी मैं एक राष्ट्रवादी ही होती. हम वो नहीं जो अपनी ही थाली में छेद करें, जय हिंद.'

 

बता दें कि पिछले सप्ताह अमेजन प्राइम वीडियो पर जारी हुई सीरीज में कथित तौर पर हिंदू देवताओं को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है जिसके कारण इसकी आलोचना हो रही है. इसी को देखते हुए अली अब्बास जफर ने बयान जारी किया है. वक्तव्य में कहा गया, ‘‘तांडव काल्पनिक कहानी पर आधारित है और किसी भी गतिविधि, व्यक्ति या घटना से इसकी समानता होना विशुद्ध संयोग है. इसके निर्माताओं और कलाकारों का किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, धर्म की भावनाओं या धार्मिक आस्थाओं को आहत करने या किसी संस्था, राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति (जीवित या मृत) का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था.’

बता दे कि, वेब सीरीज 'तांडव' के पहले एपिसोड में दिखाया गया है कि जीशान अय्यूब यूनिवर्सिटी के फंक्शन में भगवान शिव का रोल प्ले कर रहे हैं लेकिन उनका गेटअप शिव की तरह नहीं है. इस दौरान नारद के वेश में एक और कलाकार कहता है, 'नारायण-नारायण। भोले नाथ... प्रभू... ईश्वर... ये रामजी के फॉलोअर्स लगातार सोशल मीडिया पर बढ़ते ही जा रहे हैं. मुझे लगता है कि हमें भी कुछ नई सोशल मीडिया रणनीति बना ही लेनी चाहिए.' इस पर जीशान अय्यूब कहते हैं, 'क्या करूं मैं तस्वीर बदल दूं क्या?' इसके बाद नारद के वेश में कलाकार कहता है, 'भोलेनाथ आप तो बहुत ही भोले हैं. कुछ नया कीजिए बल्कि कुछ नया ट्वीट कीजिए. कुछ सनसनीखेज, कुछ भड़कता हुआ शोला. जैसे कैम्पस के सभी विद्यार्थी देशद्रोही हो गए और आजादी-आजादी के नारे लगा रहे हैं।' जीशान अय्यूब कहते हैं, 'आजादी और फिर बीप की आवाज आती है.' 
जीशान अय्यूब नारद के वेश में कलाकार से कहते हैं, 'जब मैं सोने गया था तब तक आजादी कूल चीज होती थी और अब बुरी होगी क्या?' इसके बाद जीशान अय्यूब विद्यार्थियों से कहते हैं, 'तुम लोगों किस चीज आजादी चाहिए।' इस पर विद्यार्थी कहते हैं कि भुखमरी, सामंतवाद, जातिवाद और भ्रष्टाचार से आजादी चाहिए. तब जीशान अय्यूब कहते हैं, 'मतलब देश से आजादी नहीं चाहिए कि देश में रहते हुए आजादी चाहिए। इनको समझाओ कि जिओ और हमें भी जीन दो.'

 

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