Madam Chief Minister Review: भारत में प्रचलित वर्ग संघर्षों को छूती है ऋचा चड्ढा की यह पॉलिटिकल ड्रामा

By  
on  

फिल्म: मैडम चीफ मिनिस्टर 

कास्ट: ऋचा चड्ढा, सौरभ शुक्ला, अक्षय ओबेरॉय, मानव कौल, शुभ्रज्योति बारात

डायरेक्टर: सुभाष कपूर

रेटिंग: 3 मून्स

डायरेक्टर सुभाष कपूर द्वारा डायरेक्ट की गयी मैडम चीफ मिनिस्टर एक पॉलिटिकल ड्रामा है, जो भारत में प्रचलित वर्ग संघर्षों को छूती है. यह फिल्म समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा रखने वाली दलित जातियों की महत्वाकांक्षाओं और आकांक्षाओं को चित्रित करने की कोशिश करती है. ऋचा चड्ढा ने इस फिल्म में तारा का किरदार निभाया है, जो एक निचली जाति के परिवार में जन्मी लड़की है, जिसके पिता की मृत्यु तब हो गयी होती है जब वह बहुत छोटी होती है. मैडम चीफ मिनिस्टर में ऋचा के किरदार की यात्रा नीचे से ऊपर की तरफ देखने मिलती है.

(यह भी पढ़ें: Tribhanga Review: काजोल, तन्वी आज़मी और मिथिला पालकर स्टारर यह फिल्म है तीन बेखौफ अपनी शर्तों पर जीवन जीने वाली महिलाओं की कहानी)

ऐसे ही समाज मे पली बढ़ी तारा एक बिंदास और हिम्मती लड़की होती है. तारा के जीवन कुछ ऐसी चीजे होती हैं, जिसकी वजह से उसकी पूरी जिंदगी ही बदल जाती है और यह तब होता है जब वह मास्टर जी (सौरभ शुक्ला) से मिलती है. सौरभ उसका मार्गदर्शन करते हैं, जो एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल के प्रमुख और उनके राजनीतिक गुरु बनते हैं. फिल्म में उनकी मदद और प्रेरणा से, तारा अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करती है और चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री के पद तक पहुंच जाती है. हालांकि, सभी चीजे इतनी आसान नहीं होती हैं, बल्कि तारा को करीबी लोगों से कड़ी प्रतिस्पर्धा, विश्वासघात और धोखे का सामना करना पड़ता है.

ऋचा ने फिल्म में एक सराहनीय काम किया है. उनकी दृढ़ता, धैर्य और सभी बाधाओं से ऊपर उठने में दृढ़ संकल्प फिल्म को शानदार बनाता है. ऋचा ने इसमें अपनी एक्टिंग स्किल का एक बार फिर लोहा मनवाया है और फिल्म में अपना प्रभाव छोड़ा है. ऋचा नीची जाति की लड़की के किरदार में जान फुकती नजर आती हैं, जो अपनी शर्तों पर जीवन जीने और राज्य सरकार में शीर्ष स्थान पाने में कठिनाइयों का सामना करती है.

सौरभ शुक्ला भी मास्टर जी की भूमिका में उतने ही प्रभावशाली हैं. वह अनुभवी राजनेता के रूप में शानदार हैं, जो अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी को ढूंढ रहा होता है और समाज के लिए काम करने के लिए तारा को लाता है. ऋचा और सौरभ की केमिस्ट्री स्क्रीन पर काफी अच्छी है, वे निश्चित रूप से एक कमजोर स्क्रिप्ट को अपनी एक्टिंग से मजबूती दे रहे हैं.

ऋचा के सहयोगी और बाद में उनके पति रूप में मानव कौल का काम सराहनीय और प्रभावशाली हैं. अक्षय ओबेरॉय और शुभ्रज्योति बारात भी अपनी अदाकारी से प्रभावित करते हैं. अरविंद सिंह के रूप में शुभ्रज्योति ने शानदार एक्टिंग की है.

मैडम चीफ मिनिस्ट्री एक ट्विस्ट एंड टर्न से भरी पॉलिटिकल ड्रामा हैं, जो आपका मनोरंजन करेगी. साथ ही यह राजनीती मे छिपे जाती, भेदभाव से भी पर्दा उठाएगी. फिल्म का फर्स्ट हाफ आपको अपनी पलके ना झपकाने को मजबूर करेगा, वहीं उसका सेकंड हाफ आपको बहुत ही धिमी गती से आगे बढता नजर आएगा. फिल्म के डायलॉग्ज कफी मजेदार और इंटरेस्टिंग हैं. 

फिल्म को और मजेदार बनाया जा सकता था. यह कुछ जगहों पर धीमी को कुछ जगहों पर तेजी पकड़ती नजर आती है. फिल्म का म्यूजिक और अच्छा हो सकता था. हालांकि, फिल्म लवर्स के लिए यह एक सही चॉइस है.

PeepingMoon.com 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को 3 मून्स देता है.

Recommended

Loading...
Share