PeepingMoon Exclusive: बिजय आनंद ने बताया योग का उनके जीवन में महत्व, प्रभास स्टारर 'आदिपुरुष' में अपने किरदार से भी उठाया पर्दा

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योग जीवन को बदलने की अपनी शक्तियों के लिए जाना जाता है और हमारे पास ऐसा ही एक शानदार उदाहरण है. एक्टिंग की दुनिया में नाम कमाने के बाद एक्टर बिजय आनंद, जो आज की तारीख में कुंडलिनी रिसर्च इंस्टीट्यूट, लॉस एंजिल्स से योग में औपचारिक प्रशिक्षण हासिल करने के बाद, दुनिया भर में मौजूद कई लोगों को अपने छात्र के रूप में सही राह दिखा रहे हैं. ऐसे में बिजय ने PeepingMoon.com को दिए एक इंटरव्यू में बताया है कि किस तरह योग ने उनके जीवन में बदलाव लाया है, और किस तरह से एक्टिंग में उनकी वापसी हुई है. 

किस चीज से प्रेरित होकर आपने योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाया ?

-- जब 2007 में पूरी ग्लोबल इकोनॉमी गिरी, तब मेरा करोड़ों रुपए का नुक्सान हो गया था और इससे दुख नहीं हुआ लेकिन ये सोचने पर मजबूर हो गया कि इतना कमाने के बाद जब एक सेकंड में जब सब कुछ चला जाता है, तो आपके पास क्या है जो आपसे कोई छीन नहीं सकता. तो वो उसका अर्थ यही निकला इतना सोच-सोच के आपकी सेहत, मन की शांति ये आपसे कोई नहीं छीन सकता. 

आज कल हम सब पैसे के पीछे भाग रहे हैं कि पैसा हमें ख़ुशी देगा, तो मैं कहता हूं कि आप पैसे की पीछे मत भागो न, बल्कि ख़ुशी के पिछले डायरेक्ट भागों ना. अगर पैसे पे आपकी ख़ुशी अगर डिपेंडेंट हैं तो पैसे जाएंगे तो आपकी ख़ुशी भी जाएगी. और अगर पैसे नहीं आये तो दुख आएगा, तो पैसे को आप सिचुएशन से अगर निकाल दो और डायरेक्ट ख़ुशी के पीछे ही जाओ. मैं दिन में चार-पांच घंटा गार्डनिंग करता हूं, तो मुझे जो उससे सुकून मिलता है, जो ख़ुशी मिलती है, आपको वो 50 लाख रुपये से भी नहीं मिलेगी.

कुंडलिनी योग के जैसे आप टीचर हैं, तो किस तरह आप इसके जरिए अपने फैंस और फॉलोवर्स के जीवन में बदलाव लाना चाहते हैं ?

-- बदलाव लाने के लिए, ये जो निर्णय है वो सब से पहले उन्ही को लेना पड़ेगा. जो एक टीचर होता है, भले उसे आप टीचर बोलो या गुरु बोलो उसका काम सिर्फ ये है कि चुपचाप खड़े होकर जो कोई भी उससे राह पूछे, तो उन्हें राह दिखाना. आपका मोक्ष सिर्फ आपका मोक्ष है, आपका ज्ञान सिर्फ आपका ज्ञान है. मैं आपको ना मोक्ष दे सकता हूं और ना ही ज्ञान दे सकता हूं. मेरा पास जो विद्यार्थी हैं, रूस बोलो चीन बोलो, यूरोप में बोलो, वो सब को मैं लगातार राह दिखाने के लिए यहाँ पर हूँ, उनको पता है. मैं सबके साथ संपर्क में हूं, इंस्टाग्राम के कारण, फेसबुक के कारण और सबके साथ टच में हूं. और मैं अभी वक्सीनेशन नहीं ले रहा हूं, इसलिए मैं अभी चीन नहीं जा सकता, रूस नहीं जा सकता और यूरोप नहीं जा सकता, लेकिन जीतन भी मेरे विद्यार्थी हैं, उनके साथ मैं संपर्क में हूं. 

लोगों को जहाँ सरकार वैक्सीन के लिए प्रेरित कर रही है वहीँ आप नहीं ले रहे हैं. तो इस चीज को किस तरह से लेना चाहिए ?

-- सब से पहली बात आप देखिए कि सरकार आपको बोलती है कि आप वैक्सीन लीजिए, लेकिन सरकार आपको गारंटी नहीं देती है कि इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होगा. सरकार आपको ये चीज लिख के नहीं दे रही है कि साइड इफ़ेक्ट नहीं होगा, लेकिन जो वैक्सीन बना रही है वो आपको नहीं लिख के दे रही है कि आपको साइड इफ़ेक्ट नहीं होगा. जो मुझे दवाई बना कर दे रहा है, जो दवाई पर मजबूर कर रहा है, जब यही लोग मुझे गारंटी नहीं दे सकते की साइड इफ़ेक्ट नहीं होगा, तो ये मैं अपनी जान को खतरे में क्यों डालूं , सबसे बड़ी बात. दूसरा मैं योग करता हूं दिन में तीन बार, दिन भर मेरा जो सात्विक जो आहार है, मैं फार्महाउस में रहता हूं, जहाँ पर वातावरण हावा एक दम शुद्ध है, जहाँ आवाज नहीं ट्रैफिक नहीं सब कुछ शुद्ध है. तो मैं वैक्सीन लूं, तो सरकार को लेना है कि मैंने वैक्सीन लिया है. 

आपने एक लम्बे गैप के बाद इंडस्ट्री में अपनी वापसी की, इस फैसले को आपने कैसे किया ?

मैंने 17 साल एक्टिंग नहीं की क्योंकि मुझे एक्टिंग नहीं करनी थी और अभी भी नहीं करनी है. लेकिन क्या है कि मुझे जब फ़ोन आया सिया के राम के लिए और तब मैं एक टीचर था न, तो मुझे लगा की मैं इसके जरिए लोगों को और ज्यादा मैसेज दे सकता हूं. मतलब उनके जीवन में मैं एक पॉजिटिव एक मैसेज लेकर जा सकता हूं मैं और ये सोच कर मैंने सिया के राम के लिए हां कहा. 

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मॉडल होने से लेकर एक पॉपुलर एक्टर होने तक का आप सफर तय कर चुके हैं, ऐसे में क्या आप अपने उन दिनों को याद करते हैं ?

-- मेरा जो चैनल है, उसपर मैंने हाल ही में एक वीडियो अपलोड किया है, जिसमे मैंने इसी पर वीडियो अपलोड किया है. अभी मैं 51 साल का हूं और मुझे एक बार भी नहीं लगता है कि काश मैं एक मिनट के लिए 21 का हो जाऊ, या 25 का हो जाऊ या फिर 30 का हो जाऊ. मैंने जो 15 साल की उम्र में जो करना चाहिए था वो किया, जो 25 साल की उम्र में जो करना था वो किया, सब कुछ किया मैंने. आज जो 51 में जो मैं करना चाहता हूं, जो जनकल्याण करना चाहता हूं, जो एक जगराता मैं फैलाना चाहता हूं और फिर योग क्या है लोगो को बताना चाहता हूं.तो वो मैं कर रही हूं. तो मैंने जो भी किया, उस समय के लिए उस ऐज के लिए परफेक्ट था. तो ऐसा कुछ मेरा रह नहीं गया है, करने को. 

आदिपुरुष में आप नजर आने वाले हैं, तो कैसा होने वाला है आपका इसमें किरदार ?

मेरा इसमें ब्रह्मा का रोल है इसमें और जैसे की ओम राउत ने कहा के ऐसा लगा की बिजय आनंद नहीं कोई एक्टर नहीं बल्कि खुद ब्रह्मा ही आये हैं. और मुझे सिया के राम में भी जब ऑडिशन देने गया था तब कहा गया था कि कास्ट करो  को बोलो की एक्टर नहीं मिला जनक जी के लिए खुद जनक जी मिल गए.

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