Bhuj: The Pride Of India Review - बहादुरी, गर्व और देशभक्ति के रंग में रंगी है अजय देवगन और संजय दत्त की यह वॉर ड्रामा

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फिल्म: भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया

कलाकार: अजय देवगन, संजय दत्त, सोनाक्षी सिन्हा, महेश शेट्टी, नोरा फतेही, शरद केलकर, एमी विर्क और प्रणिता सुभाष

निर्देशक: अभिषेक दुधैया

ओटीटी: डिज्नी + हॉटस्टार

रेटिंग: 3.5 मून्स

देश भक्ति फिल्म रिलीज करने के लिए स्वतंत्रता दिवस से बेहतर कोई समय नहीं हो सकता, ऐसे में डायरेक्ट अभिषेक दुधैया ने अपनी मच अवेटेड फिल्म 'भुज द प्राइड ऑफ इंडिया' को रिलीज कर दिया है. फिल्म की कहानी 1971 भारत पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है, जिसमें आपको आईएएस स्‍क्‍वाड्रन लीडर विजय कार्णिक (अजय देवगन) की बहादुरी से भरी यात्रा को देखने मिलेगा. अजय स्टारर इस वॉर ड्रामा में संजय दत्त, सोनाक्षी सिन्हा, महेश शेट्टी, नोरा फतेही, शरद केलकर, एमी विर्क, प्रणिता सुभाष और इहाना ढिल्लन शामिल हैं.

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फिल्म की कहानी हमें 1971 के भारत-पाक वॉर में लेकर जाती है और जिसमे देखने मिलता है कि कैसे भुज में भारतीय वायुसेना की हवाई पट्टी युद्ध के दौरान नष्ट हो गयी थी. जिसके बाद, वहां की रहने वाली 300 महिलाएं IAF स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक (अजय देवगन) के नेतृत्व में दिन रात काम कर हवाई पट्टी का पुनर्निर्माण करती हैं. सुंदरबेन जेठा माधपर्य (सोनाक्षी सिन्हा) की मदद से किये गया यह काम एक महत्वपूर्ण क्षण बन जाता है जो न केवल देश के मनोबल को बढ़ाता है बल्कि भारत को युद्ध जीतने में भी मदद करता है.

भारतीय सेना स्काउट रणछोड़दास स्वाभाई रावरी उर्फ पगी (संजय दत्त), जासूस हीना रहमान (नोरा फतेही), जनरल विनोद कार्णिक (महेश शेट्टी), सैन्य अधिकारी राम करण 'आरके' नायर (शरद केलकर) और फ्लाइट लेफ्टिनेंट विक्रम सिंह बाज जेठाज़ (एमी) विर्क) भी देश की इस लड़ाई में अपना योगदान देते नजर आते हैं.

कुल मिलाकर, भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया एंटरटेनमेंट से भरी एक फिल्म है, लेकिन एक वॉर फिल्म होने के नाते वॉर सीन्स, विस्फोट, युद्ध, शत्रुता और हवाई हमले को दिखाने के लिए वीएफएक्स ज्यादा इफेक्टिव नजर नहीं आ रहा है. कई जगहों में चीजे बनावटी लगती हैं. यह कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म के मेकर्स ने सीन्स के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश की है.

फिल्म में कलाकारों की एक्टिंग उसकी सबसे मजबूत कड़ी है. IAF स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक के रूप में अजय देवगन ने अपने प्रदर्शन से सभी का दिल गर्व से भर दिया है. सुपरस्टार अपने किरदार में एक दम फिट दिखते हैं. इतना ही नहीं उनके ऑन-स्क्रीन भाई महेश शेट्टी भी प्रभावशाली हैं. वह अजय को सहज समर्थन देते नजर आ रहे हैं.

सोनाक्षी सिन्हा सुंदरबेन जेठा माधरपर्य के रूप में एक ऐसे अवतार में हैं जिसे हमने पहले कभी नहीं देखा है और अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय करती हैं. संजय दत्त मजबूती से खड़े हैं और अपनी प्रेरक भूमिका से सभी का दिल जीतते हुए नजर आ रहे हैं. दूसरी ओर नोरा ने जासूस की भूमिका निभाते हुए सभी को चौंका दिया है. इस हसीन एक्ट्रेस ने अपनी कमाल की एक्टिंग से एक अलग छाप छोड़ी है. शरद केलकर हर उस फ्रेम के मालिक हैं जिसका वह हिस्सा हैं और फिल्म को और भी बेहतर बनाते हैं. एमी विर्क, प्रणिता सुभाष और इहाना ढिल्लों ने भी अपनी भूमिका के साथ न्याय किया है. 

अभिषेक दुधैया का लेखन और निर्देशन बेहतरीन है. सिनेमैटोग्राफर असीम बजाज ने वॉर सीन्स को खूबसूरती से कैद किया है, लेकिन खराब वीएफएक्स में चीजों को कमजोर कर दिया है. धर्मेंद्र शर्मा की एडिटिंग भी उम्मीद के मुताबिक नहीं है. तनिष्क बागची, गौरव दासगुप्ता, लिजो जॉर्ज-डीजे चेतस और अर्को के गाने भी ज़बरदस्त नहीं हैं. ऐसी फिल्मों के लिए गाने एक मजबूत कड़ी होते हैं. 

बहादुरी, गर्व और देशभक्ति से भरपूर, अजय की भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया उन लोगों के लिए एक सही स्वतंत्रता दिवस रिलीज है जो वॉर ड्रामा को पसंद करते हैं.

PeepingMoon 'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' को 3.5 मूंस देता है! 

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