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PeepingMoon Exclusive: 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' को परमीत सेठी उर्फ कुलदीप मानते हैं टाइमलेस, कहा- 'इसका वेब शो रीमेक भी जरूर चलेगा'

बॉलीवुड की ऐसी एक फिल्म जिसने अपने दर्शकों को स्विटज़रलैंड के खूबसूरत बर्फीले पहाड़ो से लेकर पंजाब के सरसो के खेतों तक की सैर कराई,वह है आदित्य चोपड़ा की रोमांटिक फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' जिसका जादू आज भी फिल्म लवर्स के दिल और दिमांग पर छाया हुआ है. फिल्म में शाहरुख खान और काजोल ने लीड रोल निभाया था, जो आदित्य चोपड़ा द्वारा डायरेक्ट की गयी पहली फिल्म थी. यह कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म में वो सब कुछ है जो एक रोमांटिक फिल्म में होना चाहिए, जैसे इमोशंस, ड्रामा, थोड़ा एक्शन और बहुत सारा प्यार. 

फिल्म में भले ही  शाहरुख और काजोल की अहम भूमिका है, लेकिन फिल्म के अन्य किरदार भी हैं जिनके बिना यह फिल्म अधूरी रहती. उन्ही किरदारों में से एक हैं परमीत सेठी उर्फ़ कुलजीत सिंह जिसके साथ सिमरन की शादी होने वाली थी. परमीत  का किरदार शरीर से मजबूत लेकिन दिमाग का कच्चा होता है. उन्हें आज भी उनके इस किरदार के नाम से याद किया जाता है. फिल्म में अगर उनका किरदार नहीं होता, तो शायद फिल्म लवर्स को वो न देखने मिलता जिसे उन्होंने फिल्म के जरिये पाया है.

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 आज, जैसे कि 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के रिलीज को 25 साल हो गए हैं, ऐसे में इस खास दिन के मौके पर परमीत ने PeepingMoon से खास बातचीत करते हुए बताया है कि कैसे उन्हें यह फिल्म मिली और किस तरह से उन्होंने खुद को कुलजीत के किरदार में ढाला. सेट से कुछ बातों को शेयर करते हुए, परमीत ने खुलासा किया कि उनकी एक्ट्रेस वाइफ अर्चना पूरन सिंह ने स्पीच में पंजाबी फ्लेवर लाने में मदद की.

नीचे पढ़ें इंटरव्यू:

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे एक क्लासिक है, रिलीज़ के 25 साल बाद भी ये नए जैसी लगती है. तब आपने ऐसा कुछ सोचा था?

हममें से किसी ने भी दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे की क्लासिक होने की उम्मीद नहीं की थी. एक सेकंड के लिए भी नहीं. हमें लगा कि हम एक अच्छी फिल्म कर रहे हैं लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह एक कल्ट फिल्म बन जाएगी. मुझे इसका हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है.

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के पक्ष में कौन सी चीज ने सही तरीके से काम किया?

कहानी की सादगी और उसे कहने का अंदाज. आदित्य चोपड़ा ने जो किरदार बनाए, वे नए था. वह कुछ ऐसा था, जो हमने स्क्रीन पर नहीं देखा था.

 

स्क्रिप्ट पढ़ने पर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? आप ऑन-बोर्ड कैसे आए?

उन दिनों, पूरी स्क्रिप्ट किसी को नहीं मिला करती थी, लेकिन सीन्स आपको दिए जाते थे. मुझे आदित्य की पूरी कहानी सुनाई गई थी और यह फिल्म के लिए मेरा पहला परिचय था. मैं इस बात से पूरी तरह से मंत्रमुग्ध था कि फिल्म आपको पहले पूरे यूरोप और फिर पूरे पंजाब की सैर कराती है. मुझे स्क्रीन टेस्ट के लिए लगभग भीख मांगनी पड़ी थी. आदित्य ने पहले ही किसी (अरमान कोहली) को चुना था. मैंने सोच लिया था कि मुझे वो भूमिका चाहिए ही और आदित्य स्क्रीन-टेस्ट के लिए तैयार हो गए.

 

क्या दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे आपके लिए एक गेम चेंजर थी?

जाहिर है. 25 साल बाद भी, मैं कुलजीत के नाम से जाना जाता हूं. बहुत से लोग मेरा असली नाम नहीं जानते हैं और मुझे कुलजीत के रूप में पहचानते हैं. मैं इतनी बड़ी फिल्म और इतिहास का हिस्सा बनने के लिए अपनी छाती पर पदक पहनता हूं.

क्या अपने खास किरदार को यादगार बनाना चुनौतीपूर्ण था?

मैंने इसपर काम किया था. आदित्य जो चाहता था उस पर वह बहुत साफ़ था और उसने पहले ही दिन मुझे बता दिया था. मैंने इसे आर्ची कॉमिक्स के बिग मूस की तरह करने की कोशिश की. वह एक ऐसा शख्स था जिसका दिमाग कम था. इस तरह से मैंने किरदार को अपनाया. यह बहुत ही दिलचस्प था. मेरी पत्नी अर्चना ने इसमें मेरी बहुत मदद की. उसने मुझे उस नार्थ इंडियन टच को पाने में मदद की. वह नार्थ इंडिया से है और मैं मुंबई से हूं. उसने मुझे किरदार में वह स्वाद लाने में मदद की.

 

क्या आपको दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के बाद टिपिकल रोल्स ऑफर हुए ?

दूसरी फिल्म मैंने की थी दिलजले दूसरी लीड के रूप में. उसके बाद, लोग चाहते थे कि मैं निगेटिव किरदार करूं. मुझे कार्डबोर्ड कट-आउट भूमिका करने में कोई दिलचस्पी नहीं थी. मैं बहुत खुश नहीं था, लेकिन मुझे लगता है कि मुझे शायद उन फिल्मों को लेना चाहिए था. मैं बहुत चूजी हो गया.

 

आपका सबसे चुनौतीपूर्ण सीन?

कोई भी सीन असल में चुनौतीपूर्ण नहीं है. वह सीन जिसमें मैं पहली बार शाहरुख यानी राज से मिलता हूं और वह मेरी जान बचाता है, वह थोड़ा डरावना था क्योंकि वह मेरा सेट पर पहला दिन था. उस सीन में कई एक्टर्स थे और सूरज ढल रहा था. हमारे पास ज्यादा टाइम नहीं था.

फिल्म से जुड़ा कोई ऐसा किस्सा, जो फिल्म के फैंस को पता नहीं है? 

उस सीन में जब मैं शाहरुख के कमरे में उन्हें शिकार के लिए बुलाने के लिए जाता हूं, मैंने थोड़ा सुधार किया और उन्होंने इसे और बढ़ाया. वह सीन कॉमिकल होने का इरादा नहीं था, लेकिन वह उस तरह से बनकर खूबसूरत तरीके से निकला. तब मुझे एहसास हुआ कि आपके पास एक अच्छा एक्टर होना, आपको अच्छा परफॉर्म करने में मदद करता है. शाहरुख बहुत अच्छे थे. आदित्य भी बेहद अच्छे थे, जिन्होंने एक नए एक्टर को सुधारने की अनुमति दी.

 

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के वेब वर्जन पर आपका क्या विचार है?

स्टोरी टाइम लेस है और इसलिए हम उसके बारे में आज 25 साल बाद भी बात कर रहे हैं. यह फिल्म हो या वेब शो, यह निश्चित रूप से काम करेगा. हालांकि, मैं रीमेक का बहुत बड़ा फैन नहीं हूं. उस दौरान ऐसा कुछ हुआ था और सब कुछ सही हो गया था. एक कारण था. एक क्लासिक को क्लासिक ही रहने दें.

 

क्या आप अभी भी अपने को-स्टार्स में से किसी के संपर्क में हैं?
नहीं.

 

रीयूनियन का कोई प्लान है?
हालांकि COVID के समय में नहीं. नहीं तो मुझे अच्छा लगेगा.

(Transcripted By: Nutan Singh)

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